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8 बार की वर्ल्ड चैंपियन को 30 मिनट में हराया! 18 साल की अनाहत सिंह ने किया बड़ा उलटफेर

Silicon Valley Open Squash Tournament : इंडियन यंग स्क्वैश बैटर Anahat Singh ने दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी Nour El Sherbini को महज 30 मिनट में सीधे गेम में शिकस्त दी. अब क्वार्टर फाइनल में उनका सामना मिस्र की ही एक अन्य खिलाड़ी Salma Hany से होगा.

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अनाहत सिंह ने नूर अल शेरबीनी को 30 मिनट तक चले मुकाबले में हराया. (Courtesy : PTI)

इंडियन स्क्वैश प्लेयर अनाहत सिंह (Anahat Singh) ने इंटरनेशनल स्टेज पर अपने करियर की सबसे बड़ी जीत दर्ज की. 18 साल की अनाहत ने अमेरिका में चल रहे 143,500 डॉलर (1.36 करोड़ रुपये) की इनामी राशि वाले सिलिकॉन वैली ओपन (PSA Gold Tournament) में मिस्र की दिग्गज और 8 बार की वर्ल्ड चैंपियन नूर अल शेरबिनी को सीधे गेम में हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली.

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महज 30 मिनट में दर्ज की जीत

एशियन गेम्स की सिल्वर मेडलिस्ट अनाहत ने इस अहम मुकाबले में शानदार फॉर्म का प्रदर्शन किया. दुनिया की 15वें नंबर की खिलाड़ी अनाहत ने तीसरी रैंकिंग वाली शेरबिनी को सिर्फ 30 मिनट चले मुकाबले में 11-8, 11-8, 11-7 से करारी शिकस्त दी. पूरे मैच के दौरान भारतीय खिलाड़ी ने दबाव के बीच अपना संयम बनाए रखा. उन्होंने मिस्र की अनुभवी खिलाड़ी को वापसी का एक भी मौका नहीं दिया.

शेरबिनी वर्ल्ड रैंकिंग में तीसरे स्थान पर काबिज हैं. वो 8 बार वर्ल्ड चैंपियन रह चुकी हैं. ऐसे में इतनी अनुभवी प्लेयर को सीधे गेम में हराना अनाहत के करियर की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है. इस जीत ने इंटरनेशनल लेवल पर उनकी दावेदारी को और भी मजबूत कर दिया है.

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मैच के बाद क्या बोलीं अनाहत?

अल शेरबिनी हमेशा से अनाहत की प्रेरणा रही हैं. मैच के बाद अनाहत ने अपनी खुशी जाहिर की. उन्होंने कहा, 

मैं उनके हर एक मैच को देखते हुए बड़ी हुई हूं. हमारे कोच भी एक ही हैं - ग्रेग.

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अनाहत अपनी आइडल की बहुत इज्जत करती हैं. उनका सपना है कि वो भी अपने करियर में वही सब हासिल करें, जो शेरबिनी ने किया है.

नेशनल कोच ने बढ़ाई हिम्मत

मैच से पहले अनाहत जानती थीं कि चुनौती बहुत बड़ी है. लेकिन उन्हें अपने खेल पर पूरा भरोसा था. वहां मौजूद भारत के नेशनल कोच ने भी उनकी खूब पीठ थपथपाई. उन्होंने अनाहत से कहा था कि अगर वो अपना बेस्ट खेल दिखाएं, तो जीतने का पूरा चांस है.

अनाहत को लगा था कि चैंपियन के खिलाफ कोर्ट पर सेटल होने में वक्त लगेगा. लेकिन उनकी रणनीति एकदम सटीक बैठी. वो मैच पर पूरी तरह हावी रहीं. अनाहत ने हंसते हुए कहा,

मेरा गेम प्लान काफी अच्छे से काम कर गया. मुझे अभी भी यकीन नहीं हो रहा है कि जीत मेरे पक्ष में रही.

2028 ओलंपिक पर नजरें

शेरबिनी के खिलाफ इस ऐतिहासिक जीत के बाद अनाहत का आत्मविश्वास चरम पर होगा. अब क्वार्टर फाइनल में उनका सामना मिस्र की ही एक अन्य खिलाड़ी सलमा हनी से होगा. वो मौजूदा वर्ल्ड रैंकिंग में 14वें स्थान पर हैं. हालांकि, यह मुकाबला भी आसान नहीं होगा. लेकिन अपनी मौजूदा लय को बरकरार रखते हुए अनाहत की नजरें अब टूर्नामेंट के सेमीफाइनल का टिकट कटाने पर होंगी.

अनाहत के लिए यह साल बेहद शानदार रहा है. 2026 की शुरुआत में ही वो वर्ल्ड जूनियर चैंपियन बनी थीं. सिलिकॉन वैली ओपन के पहले राउंड में उन्होंने नूर अबुलमाकारिम को हराया था. अब अल शेरबिनी जैसी लीजेंड के खिलाफ मिली जीत उनके करियर का सबसे बड़ा मुकाम है.

लॉस एंजिल्स 2028 में स्क्वैश भी ओलंपिक का हिस्सा होगा. अभी सिर्फ 18 साल की उम्र में अनाहत सीनियर सर्किट पर जिस तरह का भौकाल काट रही हैं, वो भारत के लिए किसी बड़ी खुशखबरी से कम नहीं है.

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