भारतीय टीम 22 अक्टूबर से न्यूजीलैंड दौरे की शुरुआत करेगी. दौरे पर सबसे पहले टी20 सीरीज खेली जाएगी. इस सीरीज में सभी की नजरें भुवनेश्वर कुमार पर होंगी. भुवी को चार साल बाद भारतीय टी20 टीम में चुना गया है. हालांकि, वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में ही उनकी वापसी हो गई. न्यूजीलैंड के मिचेल सैंटनर को लगता है कि भुवी का असली रंग न्यूजीलैंड में दिखाई देगा. उनके मुताबिक, भुवी जैसे गेंदबाजों को न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में मदद मिल सकती है. उन्होंने इशारों-इशारों में कह दिया कि कीवी टीम डर में है.
'भुवनेश्वर एक्सप्रेस' की रफ्तार से डरी न्यूजीलैंड की टीम? सैंटनर ने दिया संकेत
न्यूजीलैंड के मिचेल सैंटनर को लगता है कि भुवी का असली रंग न्यूजीलैंड में दिखाई देगा. उनके मुताबिक, भुवी जैसे गेंदबाजों को न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में मदद मिल सकती है. उन्होंने इशारों-इशारों में कह दिया कि कीवी टीम डर में है.

टी20 सीरीज का पहला मैच क्राइस्टचर्च में खेला जाएगा. मैच से पहले मिचेल सैंटनर ने भुवी की वापसी को लेकर बात की. उन्होंने कहा,
मुझे लगता है कि न्यूजीलैंड की परिस्थितियां भुवी को काफी पसंद आएंगी. अगर पिच से थोड़ी भी मदद मिली, तो वह उसका फायदा जरूर उठाएंगे. भारत में पिचें काफी सपाट होने के बावजूद वह गेंद को स्विंग कराने और मूवमेंट हासिल करने में कामयाब रहते हैं. इसलिए, न्यूजीलैंड में खासकर नई गेंद से भुवी कीवी बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती साबित होंगे.
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गेंदबाज होना क्यों मुश्किल है?मिचेल सैंटनर ने आगे कहा कि भारत और न्यूजीलैंड की पिचों में काफी अंतर है. भारत की सपाट पिचों पर गेंदबाजों के पास करने के लिए ज्यादा कुछ नहीं होता. वहीं, न्यूजीलैंड में गेंदबाजों को पिच से काफी मदद मिलती है. यहां हाई-स्कोरिंग मैच कम देखने को मिलते हैं. सैंटनर ने कहा,
आजकल भारत में गेंदबाज होना काफी मुश्किल काम है. जैसा कि हमने हालिया सीरीज में देखा, 250 रन का लक्ष्य भी आसानी से चेज हो गया. ऐसे में भला कौन गेंदबाज बनना चाहेगा? लेकिन शायद भुवी को यहां के हालात थोड़े बेहतर लगें.
हालांकि न्यूजीलैंड में भुवनेश्वर कुमार का रिकॉर्ड बहुत अच्छा नहीं रहा है. उन्होंने 2019 के बाद से वहां पांच मैचों में सिर्फ चार विकेट लिए हैं. इस बार उनके पास खुद को साबित करने का मौका है.
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