एशियन गेम्स के पांचवें दिन भारत को रोइंग में पहला मेडल हासिल हुआ. सतनाम सिंह और सलमान खान ने पुरुष डबल्स स्कल्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता. सतनाम और सलमान की जोड़ी 1,500 मीटर तक दूसरे स्थान पर थी, लेकिन अंतिम 500 मीटर में तीसरे स्थान पर खिसक गई. छह मिनट 13.25 सेकंड का समय निकालकर दोनों तीसरे स्थान पर रहे. भारत ने एशियन गेम्स में रोइंग इवेंट में पहली बार मेडल जीता है.
एशियन गेम्स: सिंह और खान ने दिलाया पहला रोइंग मेडल, बोले- 'धर्म के नाम पर लड़ना बंद करें'
भारतीय नौसेना के सतनाम सिंह और भारतीय सेना के सलमान खान ने एशियन गेम्स में रोइंग के पुरुष डबल्स स्कल्स इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता है. यह एशियन गेम्स 2025 में रोइंग में भारत का इकलौता मेडल है.

सतनाम सिंह भारतीय नौसेना का हिस्सा हैं. वहीं सलमान भारतीय सेना से जुड़े हैं. दोनों ने इससे पहले एक साथ किसी इवेंट में हिस्सा नहीं लिया था. इसके बावजूद दोनों ने मेडल जीता. सतनाम ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा,
मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है, क्योंकि भारत ने पुरुष युगल स्कल्स में कभी एशियन गेम्स का मेडल नहीं जीता था. अब मैं उस पहले मेडल को जीतने वाली टीम का हिस्सा हूं. मुझे गर्व है कि केवल पांच दिन साथ रहने के बाद हम इस इवेंट में एशियन गेम्स का मेडल जीतने में सफल रहे.
खान और सिंह जब जापान के लिए रवाना हुए थे, तब वो क्वाड्रपल स्कल्स टीम का हिस्सा थे. लेकिन जापान पहुंचने के बाद उनका इवेंट बदल दिया गया. दोनों के पास तैयारी के लिए काफी कम समय था. इसके बावजूद वो ऐतिहासिक मेडल जीतने में कामयाब रहे. सतनाम सिंह ने कहा कि सलमान खान उनके भाई जैसे हैं. कौमी एकता का संदेश देते हुए सिंह ने कहा,
सतनाम और सलमान का रोइंग सफरआज एक खान और एक सिंह ने भारत के लिए मेडल जीता है. मैं चाहता हूं कि लोग इसे याद रखें. हम जब नहीं रहेंगे, तब भी यह बात याद रखी जाए. सलमान मेरे भाई जैसे हैं. हम ऐसी बातें सुनते और पढ़ते हैं जिनसे हमें परेशानी होती है. मैं चाहता हूं कि हमारे लोग धर्म के नाम पर लड़ना बंद करें.
आपको बता दें कि 26 साल के सतनाम का जन्म किसान परिवार में हुआ था. उनके खेल करियर की शुरुआत रोइंग से नहीं हुई थी. वह पहले हैंडबॉल खिलाड़ी थे. उन्होंने इस खेल में नेशनल लेवल तक कंपीट किया. 2018 में ओलंपियन स्वर्ण सिंह विर्क से प्रेरित होकर रोइंग शुरू की. विर्क ने 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में रोइंग में गोल्ड मेडल जीता था. 2018 युवा ओलंपिक सतनाम सिंह का पहला बड़ा इंटरनेशनल इवेंट था. वह यहां आठवें स्थान पर रहे. इसके अगले ही साल उन्होंने नेशनल रोइंग चैंपियनशिप में हिस्सा लिया. उन्होंने नौसेना का प्रतिनिधित्व करते हुए इस चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता. वह इस टूर्नामेंट में गोल्ड जीतने वाले नौसेना के पहले रोवर बने.
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वहीं, सलमान का सफर सतनाम से अलग रहा. सलमान दिल्ली में कैब चलाते थे. 2018 में वह भारतीय सेना के बॉम्बे इंजीनियरिंग ग्रुप में शामिल हुए. यहीं से उनके रोइंग के सफर की शुरुआत हुई. कोच सत्यवान, सतीश सिराट और प्रभात मिश्रा की मदद से उनके खेल में सुधार आया. वह जल्द ही नेशनल टीम में शामिल हो गए. सलमान ने दो बार रोइंग छोड़ने के बारे में सोचा, लेकिन उनके कोचों ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने 2022 के गुजरात नेशनल गेम्स में गोल्ड जीता. इसी साल उन्होंने इंडोर राष्ट्रीय चैंपियनशिप का खिताब भी अपने नाम किया. यह सलमान का पहला एशियन गेम्स मेडल है.
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