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Asian Games : सेलेक्शन पर साथी वुशु एथलीट ने उठाए थे सवाल, रोश‍िबिना ने सिल्वर जीतकर दिया जवाब

Asian Games 2026 : एश‍ियन गेम्स की फाइनल लिस्ट में शामिल की गईं वुशु एथलीट Roshibina Devi Naorem के सेलेक्शन पर साथी एथलीट Divyanshi Chaudhary ने सवाल उठाए थे. उन्होंने खुद के साथ नाइंसाफी की भी बात कही थी. लेकिन, अब रोश‍िबिना ने एक बार फिर सिल्वर मेडल जीतकर फेडरेशन के फैसले को सही साबित कर दिया है.

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रोश‍िबिना देवी ने एश‍ियन गेम्स में लगातार दूसरी बार सिल्वर मेडल अपने नाम किया. (Courtesy : PTI/Screengrab)

भारतीय वुशु खिलाड़ी रोशिबिना देवी नॉरेम ने एश‍ियन गेम्स में अपना तीसरा पदक जीत लिया. 2022 हांगझू गेम्से की सिल्वर मेडलिस्ट ने फिर विमेंस 60 केजी सांडा स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया. दरअसल, एश‍ियन गेम्स से पहले इसी वेट कैटेगरी में साथी एथलीट दिव्यांशी चौधरी ने उन पर गंभीर आरोप लगाए थे. दिव्यांशी ने दावा किया था कि फाइनल लिस्ट में अचानक से रोश‍िबिना का नाम जोड़ा गया था. हालांकि, बाद में वो मुकर गई थीं.

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झांग ने फाइनल में एकतरफा हराया

रोशिबिना का यह एशियन गेम्स में तीसरा पदक है. उन्होंने 2023 के हांगझू में सिल्वर और 2018 के जकार्ता गेम्स में ब्रॉन्ज जीता था. उनके लिए आइची नागोया गेम्स भी शानदार रहे. फाइनल में उन्हें चीन की झांग शियाओयू के हाथों 0-2 से हार का सामना करना पड़ा. लेकिन, इससे पहले वो शानदार फॉर्म में थीं. इंडोनेश‍िया की कुसुमनिंगत्यास थानी को हराकर उन्होंने फाइनल में जगह बनाई थी. लेकिन, एक बार फिर चीनी प्रतिद्वंद्वी ने उन्हें हरा दिया.

इससे पहले, हांगझू में भी वो चीनी ऑपोनेंट जियाओवेई वू से हार गई थीं. इस बार फाइनल में झांग ने उन्हें एकतरफा अंदाज में हराया. उन्होंने दोनों राउंड 5-0 से जीतकर कुल 10-0 के स्कोर से मुकाबला अपने नाम कर लिया. झांग ने टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बनाई थी. सेमीफाइनल में वो वियतनाम की 2023 की वर्ल्ड चैंपियन गुयेन थी थू थुय को हराकर फाइनल में पहुंची थीं.

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दिव्यांशी ने क्या कहा था?

वहीं, दिव्यांशी की बात करें तो, 10 सितंबर को एश‍ि‍यन गेम्स की फाइनल लिस्ट से बाहर होने के बाद वो काफी दुखी थीं. उन्होंने इसे लेकर 11 सितंबर को एक वीडियो शेयर किया. इसमें वो अपनी जान लेने तक की बात तक कहती दिखीं. दरअसल, 22 अगस्त को खेल मंत्रालय ने एश‍ियन गेम्स में भाग लेने वाले एथलीट्स की एक लिस्ट जारी की थी. इसमें दिव्यांशी को 7 सदस्यीय वुशु टीम में शामिल किया गया था. हालांकि, 10 सितंबर को जारी अंतिम लिस्ट में फेडरेशन ने उनकी जगह रोशिबिना देवी नॉरेम को शामिल कर लिया गया. इसी को लेकर, दिव्यांशी बहुत दुखी थीं. उन्होंने पहले दावा किया कि चोट के बावजूद डॉक्टर ने उन्हें खेलने की अनुमति दी थी. उन्हें इंडिया की किट भी मिल गई थी. साथ ही सेंड ऑफ सेरेमनी में भी वो शामिल हुईं. इसके बाद, उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया. 

हालांकि, फेडरेशन ने 11 सितंबर को मामले में एक ऑफ‍िश‍ियल बयान जारी कर बताया कि इस फैसले के पीछे दिव्यांशी की इंजरी थी. खुद दिव्यांशी के सुर दो दिन बाद बदल गए. उन्होंने बाद में कहा कि फेडरेशन ने समझाया कि फिटनेस सबसे जरूरी है. ताकि मैं भविष्य में पदक जीत सकूं. शुरू में उन्हें लगा था फेडरेशन साथ नहीं दे रहा. लेकिन, बाद में समझ आ गया कि फेडरेशन उनके साथ है. 

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