पटना हाईकोर्ट के एक फैसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है. पटना हाईकोर्ट ने एक मामले में महिला की सलवार उतारने की कोशिश और छाती दबाने की घटना को रेप की कोशिश के लिए पर्याप्त नहीं माना था. सुप्रीम कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने फैसले में कुछ टिप्पणियों को आपत्तिजनक बताया. कोर्ट ने कहा कि आरोपी का पक्ष सुनने के बाद फैसले को रद्द करने पर विचार किया जा सकता है. मामले में आरोपी हिमांशु पाठक को नोटिस जारी किया गया है.
पटना हाई कोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की आपत्ति, सीजेआई सूर्यकांत ने क्या कहा?
पटना हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए कुछ टिप्पणियों को आपत्तिजनक बताया है. सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी को नोटिस जारी किया और उसका पक्ष सुनने के बाद फैसले पर आगे विचार करने की बात कही है.
Advertisement
Advertisement
Advertisement

.webp?width=80)











