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कानपुर हत्याकांड: आरोपी सुब्रत बोला, 'पिताजी की मौत तो चाहता था, लेकिन चाकू से गोदने का दुख है'

Kanpur Vineet Minocha murder: कानपुर के बिजनेसमैन विनित मिनोचा (उम्र 63) के मर्डर मामले में पुलिस ने उनके बेटे को पकड़ा है. आरोप है कि मृतक के बेटे सुब्रत ने ही ये हत्या कराई थी. मामले में अब तक उसकी पत्नी और विशाल को आरोपी माना जा रहा था.

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आरोपी ने कई तरह से पिता को मरवाने का प्लान किया था. (Courtsey-इंडिया टुडे)

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  • कानपुर के बिजनेसमैन विनीत मिनोचा की हत्या मामले में पुलिस ने पुष्टि की है कि उनके बेटे सुब्रत मिनोचा ने हत्या की योजना बनाई और हत्या करवाई थी, जिसे उसने पुलिस के सामने कबूल किया।
  • हत्या की पृष्ठभूमि में विनीत मिनोचा के अवैध संबंध और वित्तीय कर्ज की चर्चा है, जिससे परिवार में तनाव और विवाद के कारण हत्या के लिए प्रेरणा मिली।
  • पुलिस अब शालू की रिहाई के लिए कोर्ट में अर्जी दायर करेगी और मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

कानपुर के बिजनेसमैन विनीत मिनोचा (उम्र 63) के मर्डर मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. मृतक की हत्या कथित तौर पर उनके बेटे सुब्रत मिनोचा ने कराई थी. पुलिस के सामने उसने अपना जुर्म कबूल किया है. उसका कहना है कि पिता के मर्डर का उसे कोई दुख नहीं, लेकिन चाकू से गोदकर नहीं मारना चाहिए था. अब तक इस मामले में सुब्रत की पत्नी और विशाल को ही आरोपी माना जा रहा था. विशाल, विनीत की फार्मेसी में पहले काम करता था.

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गुरुवार, 24 सितंबर को पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि सुब्रत ही हत्या का मास्टरमाइंड है. इंडिया टुडे के पत्रकार सिमर चावला ने आरोपी से बात की. उसने कहा, "मेरे पिता दूसरी महिलाओं के साथ रहते थे. फिर आकर बताते भी थे कि ‘हम करते हैं’. मां इससे बड़ा परेशान थी." 

इस पर रिपोर्टर ने सवाल किया कि क्या आप आपको अपने पिता को मरवाने का दुख है? सुब्रत ने जवाब दिया,

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“मुझे पिता जी को मरवाने का बस इतना पछतावा है कि उन्हें गोदकर नहीं मारना चाहिए था. लेकिन मैं चाहता था कि वो मरे. मां बड़ी परेशान थी, उनके संबंध थे. वो बड़े खुलेआम आकर बताते थे.”

सुब्रत ने अपनी पत्नी शालू के सलाखों के पीछे जाने पर भी दुख जताया. उसने कहा कि पत्नी का नाम लेना प्री प्लान नहीं था. लेकिन शालू के साथ ऐसा नहीं होना था.

कानपुर बिजनेसमैन हत्याकांड का 19 दिन बाद खुलासा हुआ है. 5 सितंबर को विशाल और उसके साथी राजकिशोर ने विनीत मिनोचा की हत्या कर दी थी. उन्हें 26 बार चाकू मारा गया था. पुलिस ने CCTV के आधार पर दोनों आरोपियों को पकड़ा था. दोनों ने पूछताछ में कहा कि उन्होंने शालू के कहने पर वारदात को अंजाम दिया. मगर जब पुलिस ने शालू, विशाल से सुब्रत का आमना-सामना करवाया, तब आरोपी बेटे ने अपना जुर्म कबूल कर लिया.

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सुब्रत ने बताया कि शालू की विशाल से बातचीत होती थी. इसलिए उसे लगा कि हत्या की जांच में शक आसानी से शालू पर जा सकता है.

कन्फेशन वीडियो में क्या बताया?

पुलिस के सामने आरोपी का कथित कन्फेशन वीडियो भी सामने आया है. क्लिप में उसने हत्या की प्लानिंग, कर्ज और पिता को मारने के कारण पर बात की. वीडियो में उसने बताया कि विशाल और उसके साथी राज किशोर से कहा था कि जब वो निकल जाएगा, तब घर में आकर पिता की हत्या कर देना. उससे पूछा गया कि उसने पिता कि हत्या क्यों करवाई? उसने कहा,

“बहुत कारण थे. (पिता के) कई जगह संबंध थे. अवैध संबंध थे. कई औरतों के साथ. कभी-कभी शक भी होता था कि कभी किसी और को ना ले लाए गर्भवती करके. संपत्ति चली जाएगी.”

आरोपी सुब्रत ने बताया कि उस पर 40 लाख के आसपास का कर्ज है. महीने की 55-56 हजार रुपये किस्त थी. पिता विनीत मिनोचा 40 हजार रुपये खर्च के लिए देते थे. वो कर्ज चुकाने के लिए दूसरा लोन लेता था. कार्ड स्वाइप करता था. कई बार दुकान से माल चोरी करवाता था.

पिता को मारने के लिए लाखों रुपये का ऑफर

रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी से पुलिस ने सवाल किया कि हत्यारों को मर्डर के लिए कितने पैसों का ऑफर किया था. उसने बताया, "पहली बार मर्डर की योजना 3-4 महीने पहले बनाई थी. डेढ़-दो लाख रुपये का ऑफर दिया था. विशाल ने हमको बताया कि एक्सीडेंट भी करवा सकते हैं. जब वो गाड़ी से जाएंगे, उनके सामने रिक्शा रुकवा देंगे. वो जब बाहर निकलेंगे, तो मार देंगे. हमने कहा कि ये सही नहीं है. वो वहां रुकेंगे क्यों और वहां फंस भी सकते हैं. ये नहीं होगा.

फिर हमने सोचा की किट्टी (किट्टी पार्टी) है. घर पर भी कोई नहीं होगा. हमने विशाल को बताया कि कैमरा बंद रहेगा. रिकॉर्डिंग हमने बंद कर रखी है. घर पर कोई नहीं है. सब सो जाए. तब अंदर जाना और मुंह दबा देना. देख लेना कि मरे या नहीं. हम अगले दिन सुबह आएंगे. उन्हें देखेंगे, वो मृत मिलेंगे, तो रिश्तेदारों को फोन करेंगे की डेथ हो गई. बोल देते कि नेचुरल डेथ है."

सुब्रत ने बताया कि उसने राजकिशौर को पहले नहीं देखा था. शालू को इसकी कोई जानकारी नहीं थी. घर की चाबी विशाल को दे दी थी.  

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विनीत मिनोचा के अंतिम संस्कार के दौरान सुब्रत अपनी दादी के गले लगकर रोता हुआ और उन्हें सांत्वना देता हुआ नजर आया था. पुलिस अब शालू की रिहाई के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल करेगी. 

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