भारत के स्टार ऑलराउंडर शार्दुल ठाकुर (Shardul Thakur) रणजी ट्रॉफी के इस सीजन में जबरदस्त फॉर्म में दिख रहे हैं (Ranji Trophy). 3 मार्च को तमिलनाडु के साथ हुए मुकाबले में मुंबई की तरफ से उन्होंने बढ़िया परफॉर्म किया. हालांकि इसके बाद उन्होंने मैचों के टाइट शेड्यूल को लेकर नाराजगी भी जाहिर की. शार्दुल का मानना है कि अगर प्लेयर्स दो और सीजन तक इसी तरह खेलते रहे तो देश भर में इंजरी के बहुत सारे मामले सामने आएंगे.
शार्दुल ठाकुर ने रणजी शेड्यूल पर BCCI को सुना दिया, 'ऐसे खेलते रहे तो...'
Shardul Thakur ने कहा कि सात से आठ साल पहले Ranji Trophy में पहले तीन मैचों में तीन दिन का ब्रेक होता था. फिर चार दिन का ब्रेक होता था और फिर पांच दिन के ब्रेक के साथ नॉकआउट.

ESPN की रिपोर्ट के मुताबिक शार्दुल ने लीग के मौजूदा शेड्यूल को काफी मुश्किल बताया. BCCI के लिए सलाह देते हुए शार्दुल ने कहा,
अगले साल BCCI को इस पर फिर से विचार करना होगा और मैचों के बीच में ज्यादा ब्रेक देना होगा. सात से आठ साल पहले रणजी ट्रॉफी में पहले तीन मैचों में तीन दिन का ब्रेक होता था. फिर चार दिन का ब्रेक होता था और फिर पांच दिन के ब्रेक के साथ नॉकआउट खेला जाता था.
शार्दुल ठाकुर ने आगे कहा,
इस साल हमने देखा कि सभी खेल तीन दिन के गैप में खेले गए हैं. उम्मीद करना कि फाइनल में पहुंचने पर टीम केवल तीन दिन के गैप के साथ लगातार दस गेम खेलेगी, ये घरेलू खिलाड़ियों के लिए बेहद कठिन है.
शार्दुल ने मुंबई का उदाहरण देते हुए समझाया कि कैसे फास्ट बॉलर्स के लिए ये ज्यादा कठिन है. बोले,
छठे गेम में मोहित को भी चोट लग गई थी. उन्होंने लगातार पांच मैच खेले. उन पर बहुत लोड था क्योंकि तुषार को भी भारत A के लिए चुना गया था जिसके चलते वो उपलब्ध नहीं थे. मुझे लगता है कि मोहित को इंजरी हुई क्योंकि खेलों के बीच पर्याप्त गैप नहीं है.
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रिपोर्ट के मुताबिक, तमिलनाडु के कप्तान और बाएं हाथ के स्पिनर आर साई किशोर भी शार्दुल की बात से सहमत होते दिखे.
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