27 जनवरी को रूस-यूक्रेन संकट में नया मोड़ आया. अमेरिका ने वॉशिंगटन में रूस के राजदूत को मिलने के लिए बुलाया. फिर उनको एक चिट्ठी सौंपी गई. रूस ने कहा कि चिट्ठी में मुख्य मुद्दे को दरकिनार किया गया है. बातचीत की पहल तक तो ठीक है, लेकिन इससे कुछ बदलने वाला नहीं है. रूस के बयान के कुछ देर बाद अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने यूक्रेन फ़ोन लगाया. वहां के राष्ट्रपति वोल्दोमीर ज़ेलेन्सकी को. बाइडन ने आगाह किया कि रूस फ़रवरी में हमला कर सकता है. बाइडन सरकार ने ये भी दोहराया कि रूस के हमले की स्थिति में रूस के एक ख़ासमख़ास प्रोजेक्ट को अप्रूवल नहीं मिलेगा. ये प्रोजेक्ट नेचुरल गैस की सप्लाई से जुड़ा है. नॉर्ड स्ट्रीम 2 नाम की इस पाइपलाइन को तैयार करने में लगभग 82 हज़ार करोड़ रुपये का खर्च आया है. रूस-यूक्रेन संकट के बीच गैस की बात कहां से आई? नॉर्ड स्ट्रीम 2 पाइपलाइन क्या है? और, अगर सचमुच में हमला हुआ और गैस की सप्लाई रुक गई तो उसका क्या असर देखने को मिलेगा? देखें वीडियो.
दुनियादारी: रूस-यूक्रेन संकट में नॉर्ड स्ट्रीम 2 गैस पाइपलाइन की क्या भूमिका है?
गैस की सप्लाई रुक गई तो उसका क्या असर देखने को मिलेगा?
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