पांच स्टेट में चुनाव हुए. तीन में कांग्रेस जीत गई. कांग्रेसियों का खुश होना, जश्न मनाना लाजिमी था. लेकिन कांग्रेस की जीत के साथ पाकिस्तान में पटाखे फूटने का रिस्क भी आता है. मुसलमानों के मार्च निकालने की बात भी आती है. बात को चेविंग गम की तरह न खींचते हुए सीधा पॉइंट पर आते हैं. सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है. जिसमें क्लेम किया जा रहा है कि मुस्लिम संगठनों ने राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में कांग्रेस की जीत के बाद मार्च निकाला, पाकिस्तान के नारे लगे. बंपर वायरल हो रहा है, स्टोरी बनने तक 16 हजार से ज्यादा बार शेयर हो चुका है. ऊपर फोटो कैप्शन पढ़ो:
इंडिया टुडे की फैक्ट चेक टीम ने इस वीडियो की और कैप्शन की पड़ताल की. पड़ताल में सामने आया कि ये कैप्शन झूठ है. दावा फर्जी है. मतलब टोटल फ़ेक न्यूज है ये. इस वीडियो का चुनाव नतीजों से कोई लेना देना नहीं है. ये वीडियो काफी पुराना है. वीडियो में बैनर दिख रहे हैं जिनमें 'इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग संभल शहर' लिखा हुआ है. संभल का तो पता ही होगा, यूपी का एक जिला है.
इंडिया टुडे की फैक्ट चेक टीम ने संभल और बाबरी मस्जिद कीवर्ड डालकर सर्च किया तो एक वीडियो सामने आया. जो 2016 में अपलोड किया गया था. इसमें लोग बाबरी मस्जिद की फोटो लगी तख्तियां लिए हुए हैं. बाबरी दोबारा बनवाने के लिए नारे लगा रहे हैं. टीम ने संभल में मुस्लिम लीग के जिला अध्यक्ष मुकीम उर कुरैशी को फोन लगाया. बात हुई तो पता चला हर साल 6 दिसंबर को ये लोग बाबरी मस्जिद को दोबारा बनवाने के लिए मार्च निकालते हैं. और इसमें पाकिस्तान से संबंधित कोई नारे नहीं लगाए जाते. ये सिलसिला 1992 के बाद से चलता आ रहा है. 6 दिसंबर 1992 को ही बाबरी मस्जिद गिराई गई थी.
बाबरी से जुड़ा एक और वीडियो देखिए: