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जेडी वेंस-मुनीर-शरीफ सब सन्न रह गए, जब ईरान के नेता बातचीत बीच में छोड़ निकले, VIDEO

US Iran Talk: जब JD Vance को लगा कि सिचुएशन कंट्रोल से बाहर हो रही है, तो वे तुरंत Shehbaz Sharif और Asim Munir के पास जाकर हालात समझने की कोशिश करते हैं. मामला इतना नाजुक था कि तीनों एक-दूसरे से बात करते हुए काफी टेंशन में दिखते हैं.

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सैयद अब्बास अराघची के जाने के बाद जेडी वेंस (बाएं), शहबाज शरीफ (बीच में) और आसिम मुनीर (दाएं) के चेहरे पर तनाव छा गया. (ITG)

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  • 21 जून को स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट में अमेरिका और ईरान के लिए फाइनल एग्रीमेंट पर बातचीत के दौरान ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची कार्यक्रम से वॉकआउट कर गए।
  • ईरान की नाराजगी का कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की धमकी और अमेरिकी-ईरानी डेलीगेशन के बीच फोटोशूट के लिए अनबन थी, जिसके कारण बातचीत का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
  • स्विट्जरलैंड में हुई इस विवादित बैठक के बाद कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में 60 दिनों के भीतर फाइनल डील पर पहुंचने और तकनीकी बातचीत जारी रखने का रोडमैप बनाने पर सहमति हुई है।

तारीख 21 जून. जगह स्विट्जरलैंड का बर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट. एक तरफ अमेरिका, दूसरी तरफ ईरान, जबकि पाकिस्तान और कतर मीडिएटर की भूमिका में. फाइनल एग्रीमेंट पर बातचीत के लिए अमेरिकी-ईरानी डेलीगेशन मौजूद था. मौका फोटोशूट का था, लेकिन माहौल अचानक बदल गया. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की हालिया धमकी से पहले ही नाराज ईरान भड़क उठा. ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची बीच कार्यक्रम से वॉकआउट कर गए. इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जेडी वेंस तुरंत पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पाकिस्तान आर्मी चीफ आसिम मुनीर से मिले. तीनों के तनाव भरे चेहरों का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है.

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ईरान सरकार से जुड़ी न्यूज एजेंसी तस्नीम की रिपोर्ट के मुताबिक, एक सूत्र ने बताया कि ईरान-अमेरिका की बातचीत शुरू होने से पहले अमेरिकी डेलीगेशन और समिट ऑर्गेनाइजर्स ने एक प्लान बनाया था. इसके तहत अमेरिका-ईरान डेलीगेशन के लोग एक-दूसरे से हाथ मिलाते और फोटो खिंचवाते.

ईरानी खेमा इससे मना कर देता है. सूत्र ने बताया कि ईरानी डेलीगेशन ने अमेरिकी डेलीगेशन के साथ फोटो ना खिंचवाने का ऐलान कर दिया. अमेरिकी डेलीगेशन को उपराष्ट्रपति जेडी वेंस लीड कर रहे थे. ईरानी डेलीगेशन को ईरानी पार्लियामेंट के स्पीकर मोहम्मद बाकर कालीबाफ और विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची लीड कर रहे थे.

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अराघची को जाता देख सन्न रह गए शहबाज

इस बीच, एक वीडियो सामने आया, जिसमें सैय्यद अब्बास अराघची पाकिस्तानी प्राइम मिनिस्टर शाहबाज शरीफ के पास जाकर उन्हें गले लगा रहे थे. उनके बीच कुछ बातचीत हुई, तभी अराघची के हाव-भाव बदल गए. फिर, अराघची शाहबाज से अलग होकर चले गए, जिससे शाहबाज सन्न रह गए.

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ परेशान लग रहे थे. आसिम मुनीर, पीएम शहबाज के पास आए. शहबाज ने हाथ का इशारा करते हुए मुनीर को अराघची के जाने के बारे में बताया. आसिम मुनीर भी कुछ करने की हालत में नहीं थे. जेडी वैंस की पैनी नजर पूरे सीन पर थी. ईरानी खेमे को वापस जाते देख जेडी वेंस के माथे पर भी बल पड़ गए.

जेडी वेंस भी टेंशन में दिखे

जब जेडी वेंस को लगा कि सिचुएशन कंट्रोल से बाहर हो रही है, तो वे तुरंत शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर के पास जाकर हालात समझने की कोशिश करते हैं. मामला इतना नाजुक था कि जेडी वेंस, शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर एक-दूसरे से बात करते हुए काफी टेंशन में दिखते हैं. जेडी वेंस के चेहरे से पता चलता है कि वे ईरान से खफा हैं, लेकिन जैसे ही उन्हें याद आता है कि कैमरे मौजूद हैं, वे तुरंत एक शानदार स्माइल देते हैं.

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पहले राउंड की बातचीत पूरी

22 जून को कतर के विदेश मंत्रालय ने कतर और पाकिस्तान की तरफ से एक सयुंक्त बयान जारी किया. इसमें कहा गया कि अमेरिका-ईरान के बीच इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) के फ्रेमवर्क के तहत हाई लेवल बातचीत का पहला सेशन स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में पूरा हो गया है. कतर ने जॉइंट स्टेटमेंट में कहा,

"MoU के आधार पर दोनों देश एक हाई लेवल कमेटी बनाने पर सहमत हुए हैं, जो मीडिएशन पर राजनीतिक निगरानी रखेगी. चीफ नेगोशिएटर रेगुलरली, हाई लेवल कमेटी को रिपोर्ट करेंगे और न्यूक्लियर, सैंक्शन और एक मॉनिटरिंग और डिस्प्यूट रेजोल्यूशन ग्रुप पर फोकस करने वाले वर्किंग ग्रुप को लीड करेंगे ताकि MoU को असरदार तरीके से लागू किया जा सके, और दूसरे मामलों पर भी काम किया जा सके."

बयान में कहा गया कि हाई लेवल कमेटी 60 दिनों के अंदर फाइनल डील पर पहुंचने के लिए एक रोडमैप पर सहमत हुई है, जिससे आगे की टेक्निकल बातचीत तुरंत शुरू करने की नींव रखी जा सकेगी. इसके अलावा, लेबनान में इजरायल-हिजबुल्लाह का संघर्ष रोकने के लिए एक डी-कॉन्फ्लिक्टेशन सेल बनाने पर ईरान-अमेरिका राजी हुए हैं.

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आजाद और सुरक्षित आवाजाही के लिए दोनों देशों के बीच एक कम्युनिकेशन लाइन बनाए जाने की जानकारी दी गई. बाकी हफ्ते बर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट में सभी मुद्दों पर टेक्निकल बातचीत जारी रहेगी

वीडियो: जेडी वेंस ने पाकिस्तान के किस 'सिस्टम' पर सवाल उठा दिया?

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