कभी सुप्रीम कोर्ट में जजमेंट देने वाले भारत के पूर्व चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ अब रूस की पैरवी करते नजर आएंगे. ग्लोबल आर्बिट्रेशन रिव्यू की रिपोर्ट के मुताबिक, एक यूक्रेनी बैंक से विवाद के मामले में रूस ने पूर्व CJI को मध्यस्थ (Arbitrator) नियुक्त किया है. यह मामला रूस और यूक्रेन के एक सरकारी बैंक ओशादबैंक (Oschadbank) के विवाद से जुड़ा है. एक इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन ट्रिब्यूनल में इसकी सुनवाई होगी. पूर्व CJI इस ट्रिब्यूनल में रूस की तरफ से पक्ष रखेंगे.
डीवाई चंद्रचूड़ बनेंगे रूस के वकील, यूक्रेन के खिलाफ केस लड़ने का किया फैसला
Russia vs Ukraine: भारत के पूर्व CJI DY Chandrachud रूस के वकील बनने जा रहे हैं. यह मामला रूस और यूक्रेन के एक सरकारी बैंक ओशादबैंक (Oschadbank) के विवाद से जुड़ा है. एक इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन ट्रिब्यूनल में इसकी सुनवाई होगी.

7 अगस्त को छपी ग्लोबल आर्बिट्रेशन रिव्यू की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई. इसके मुताबिक, ओशादबैंक का दावा है कि यूक्रेन में रूस की एक्टिविटीज उसके स्टेक लिए खतरा बन रही हैं. यूक्रेनी बैंक का आरोप है कि उसे एक मामले में 1 अरब अमेरिकी डॉलर (करीब 9,538 करोड़ रुपये) का मुआवजा मिला, जिसमें रूस बदलाव की कोशिश कर रहा है.
ट्रिब्यूनल में पूर्व चीफ जस्टिस इन्हीं आरोपों पर रूस के लिए दलील देंगे. मामले की सुनवाई रूस और यूक्रेन के बीच साइन हुए 1998 बाइलेटरल इन्वेस्टमेंट ट्रीटी के तहत होगी.
इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक, ओशादबैंक ने रूस के कब्जे वाले यूक्रेन के डोनेट्स्क, लुहान्स्क, खेरसॉन और जापोरिज्जिया इलाकों में मौजूद एसेट्स और बिजनेस ऑपरेशंस पर दावे किए हैं. बैंक का कहना है कि 2022 में इन इलाकों में रूस के बड़े पैमाने पर हमले और उसके बाद रूसी सैन्य कार्रवाई के चलते उसने ये एसेट्स और बिजनेस ऑपरेशंस खो दिए.
ट्रिब्यूनल में 3 सदस्यट्रिब्यूनल में कुल तीन सदस्य हैं. ट्रिब्यूनल का अध्यक्ष कोस्टा रिका की आर्बिट्रेटर डायला जिमेनेज को बनाया है. रूस और यूक्रेनी बैंक ने मिलकर यह फैसला किया है. रूस की तरफ से भारत के पूर्व चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ नियुक्त किए गए. जबकि यूक्रेन के सरकारी बैंक ओशादबैंक ने अपना पक्ष रखने के लिए ग्रीस के स्टावरोस ब्रेकोउलाकिस को अपॉइंट किया.
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रूस ने कथित तौर पर जुलाई 2025 में ओशचादबैंक के भेजे गए विवाद के नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया. फिर बैंक ने आर्बिट्रेशन यानी मध्यस्थता का रुख अपनाया. इसी के तहत यह ओशचादबैंक ने आर्बिट्रेशन की प्रक्रिया शुरू की.
जब पूर्व CJI चंद्रचूड़ ने ऑफर ठुकरायापूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ की यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई, जब उन्होंने कथित तौर पर रूस के एक ऑफर को ठुकरा दिया था. इसमें उन्हें जर्मनी की गैस और तेल उत्पादन कंपनी विंटर्शाल डेया (Wintershall Dea) और यूक्रेनी सरकारी बिजली कंपनी यूक्रेनेर्गो से जुड़े संधि विवादों में रूस के आर्बिट्रेटर के तौर पर काम करने के लिए कहा गया था.
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