जनवरी के आखिरी हफ्ते में सोशल मीडिया करीब डेढ़ मिनट के एक वीडियो से भर गया. इसमें एक लड़का ट्रेन की पटरी के किनारे खड़ा है और वो आ रही ट्रेन के सामने से सेल्फी लेने की कोशिश करता है. वो सेल्फी लेने के लिए हाथ उठाता है और तभी ट्रेन से टकरा जाता है. फोन गिरने के बाद कैमरे पर कुछ दिखाई नहीं देता, लेकिन आसपास के लोगों की कुछ आवाज़ें सुनाई देती हैं.
ट्रेन के आगे सेल्फी ले रहे जिस लड़के पर आपको अफसोस हुआ, उसने सबको बेवकूफ बनाया
जब सब लोगों ने इस लड़के मरा मान लिया, तब एक और वीडियो सामने आया.

सेल्फी लेने का वीडियो:
ये हादसा देखकर कोई भी एक बार में यकीन कर सकता है कि इस लड़के की मौत हो गई होगी. ट्रेन उसके सिर से लड़ती दिखाई देती है. लेकिन किसी के भी पास लड़के की मौत की पुष्ट खबर नहीं थी. आमतौर पर ऐसे मामलों में सोशल मीडिया पर डेडबॉडी की तस्वीरें आ जाती हैं, लेकिन इस मामले में ऐसा भी नहीं हुआ.
इस वीडियो के करीब चार दिन बाद ये हैरान करने वाली खबर आई कि असल में वो वीडियो एक प्रैंक था. उस लड़के का ट्रेन से एक्सीडेंट नहीं हुआ था, बल्कि उसने लोगों को बेवकूफ बनाया था.
ये वीडियो हैदराबाद का है और सेल्फी लेने वाले लड़के का नाम शिवा बताया जा रहा है. शिवा मधापुर की एक जिम में इंस्ट्रक्टर है. उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर MMTS ट्रेन के सामने सेल्फी लेने का प्रैंक किया था.
ABN न्यूज़ चैनल में काम करने वाली पत्रकार नेलुतला कविता ने एक वीडियो ट्वीट किया, जिसमें वो लड़का अपने दोस्तों के साथ सही-सलामत नज़र आ रहा है और उसके दोस्त कह रहे हैं कि एक अखबार ने उनके दोस्त के बारे में खबर छापी, लेकिन उन्होंने ठीक से रिसर्च नहीं किया था. उन्होंने फेक वीडियो को सही बता दिया.

कई जगह दावा किया गया कि ये लड़का या तो मर गया है या गंभीर रूप से घायल हो गया है.
ABN का दावा है कि इस लड़के को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. हालांकि, इससे पहले कई रिपोर्ट्स में ये दावा किया गया कि ये लड़का गंभीर रूप से घायल हो गया है या मर गया है.
अगर आपने फेसबुक पर ये प्रैंक देखा है या आपके वॉट्सऐप पर ये आया है, तो दूसरों को भी इसकी सच्चाई के बारे में बताइए. और प्लीज़, लोगों को डरा देने वाले इस तरह के फिज़ूल प्रैंक्स के चक्कर में न पड़ें. सोशल मीडिया पर लोग पहले से ऐसा बहुत कुछ कंज्यूम कर रहे हैं, जो कचरा है. इसमें अपना योगदान मत दीजिए.
और भी बहुत कुछ है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, पर झूठ था:
माफ करें हुज़ूर, दस रुपए का 15 लाइनों वाला सिक्का नकली नहीं है
कहा जा रहा है वडनगर में स्टेशन ही नहीं था, तो मोदी ने चाय कहां बेची, जानिए पूरी बात
हिंदू पुजारी को नंगा कर पीटने का आधा सच ही दिखाता है ये वीडियो
अमरनाथ यात्रा हमले के वक्त बस सलीम चला रहे थे या हर्ष, सच्चाई यहां जानिए
पिल्ले को कुचलती तीन लड़कियों के वायरल वीडियो की असलियत
जुनैद की लाश का बताया जा रहा ये वीडियो कहां से आया है!
टोपी लगाकर 'मस्जिद में नमाज पढ़ते' राजनाथ सिंह की इस तस्वीर का सच
पब्लिक के बीच गाय का पेशाब पीने वाली योगी की इस तस्वीर का सच हैरान करने वाला है
क्या PM मोदी और मीडिया की खिल्ली उड़ाने वाला ये कार्टून TIME के कवर पर छपा?









