Submit your post

Follow Us

टोपी लगाकर 'मस्जिद में नमाज पढ़ते' राजनाथ सिंह की इस तस्वीर का सच

सोशल मीडिया पर रोज उपजने वाली अफवाहों के लेटेस्ट टारगेट हैं देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह. उनकी एक तस्वीर फेसबुक और वॉट्सऐप पर खूब शेयर की जा रही है, जिसमें वो हरी टोपी लगाए, हाथों को एक-दूसरे से सटाकर खड़े हैं. कहा जा रहा है कि वो नमाज पढ़ रहे हैं. उनके साथ हरी और सफेद टोपी लगाए कुछ मुस्लिम भी खड़े हैं, जो हाथ उठाए खड़े हैं.

सोशल मीडिया पर ये तस्वीर शेयर करते हुए लिखा जा रहा है, ‘नमाज़ करते पकड़ा गया राजनाथ’. बेहद घटिया कथ्य. कुछ पोस्ट्स के साथ लिखा गया, ‘वोट के लिए ये बीजेपी वाले कुछ भी कर सकते हैं, गिरगिट के जैसे रंग बदलते हैं बिल्कुल’. कुछ ने ये भी लिखा कि जब राजनाथ नमाज पढ़ रहे थे, तो कैमरा देखकर वो पसीना-पसीना हो गए. देखिए ये पोस्ट्स:-

ऐसे पोस्ट्स को हजारों लोगों ने शेयर किया
ऐसी पोस्ट्स को हजारों लोगों ने शेयर किया

raj


 

rajn

राजनाथ की ये फोटो अलग-अलग एंगल से शेयर की जा रही है. उनके साथ खड़े लोगों की मुद्रा की वजह से इसे नमाज से जोड़कर बताया जा रहा है.

angle

 

ये फोटो राजनाथ के बहाने बीजेपी की कट्टर-हिंदू छवि को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल की जा रही है. 2014 में मोदी सरकार आने के बाद से हिंदू बनाम मुस्लिम की बहस को बहुत धार मिली है. इसके लिए वो मामले जिम्मेदार हैं, जिनमें कभी ट्रिपल तलाक, कभी राष्ट्रवाद तो कभी बीफ जैसे मुद्दों पर मुस्लिमों को निशाने पर लिया गया. अखलाक से लेकर पहलू खान और जुनैद की हत्याओं ने इस हिंदू-मेजॉरिटी स्टेट के मुस्लिमों में अविश्वास और भय पैदा किया है. इसका नतीजा हमें अफवाहों और ट्रोलिंग में देखने को मिलता है.

राजनाथ की इस तस्वीर की सच्चाई वीडियो में:

राजनाथ की इस ‘नमाज पढ़ने वाली’ फोटो की पड़ताल करने पर हमें पता चला कि ये फोटो असली है. इसमें किसी और के शरीर पर राजनाथ का चेहरा नहीं लगाया गया है और न ही राजनाथ के सिर पर फोटोशॉप से टोपी रखी गई है. लेकिन इसे जिस तरह राजनाथ के नमाज पढ़ने की फोटो बताया जा रहा है, वो गलत है. अफवाह है.

तो क्या है इस फोटो की सच्चाई?

ये फोटो 2 जुलाई, 2016 की है, जब राजनाथ सिंह दो दिन के जम्मू-कश्मीर दौरे पर थे. 2 जुलाई की सुबह राजनाथ सिंह घाटी के गवर्नर एनएन वोहरा के साथ अनंतनाग में अमरनाथ गुफा गए और वहां विशेष पूजा में शामिल हुए. फिर दोपहर में राजनाथ श्रीनगर में डल झील के किनारे बने हजरतबल दरगाह पहुंचे और वहां सम्मान प्रकट किया. हजरतबल में राजनाथ सिंह के साथ स्टेट डायरेक्टर जनरल (पुलिस) के. राजेंद्र कुमार भी थे. ऐसा लगता है कि राजनाथ सिंह के दाईं तरफ खड़े लोग दुआ मांग रहे हैं. राजनाथ सिंह ने हाथ जोड़ रखे हैं, वो दुआ मांग रहे हैं या नहीं, वही बता सकते हैं.

हजरतबल श्राइन में स्टेट डायरेक्टर जनरल (पुलिस) के. राजेंद्र कुमार के साथ राजनाथ सिंह
हजरतबल दरगाह में स्टेट डायरेक्टर जनरल (पुलिस) के. राजेंद्र कुमार के साथ राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह के इस दौरे के बारे में प्रेस इन्फर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने प्रेस रिलीज जारी की थी और दरगाह वाली उनकी ये तस्वीर भी PIB की वेबसाइट पर डाली गई. कई न्यूज वेबसाइट्स ने उनके इस दौरे के बारे में खबर भी लिखी थी.

PIB की वेबसाइट पर राजनाथ की वही फोटो
PIB की वेबसाइट पर राजनाथ की वही फोटो

 

राजनाथ को यूं टारगेट करना इतना बुरा क्यों है?

राजनाथ सिंह की पहचान सतही बयानों वाले नेता की नहीं है. 2014 चुनाव से पहले राजनाथ इकलौते नेता थे, जिन्होंने अपनी पार्टी की गलतियों के लिए माफी मांगी थी. 26 फरवरी 2014 को एक सभा में राजनाथ ने कहा था,

‘कलेजे पर हाथ रखकर कहता हूं, जो भी सवाल मन में पैदा हुए हों, आप पूछ लेना. कभी भी, कहीं भी गड़बड़ हुई हो, हम लोगों की तरफ से अगर कोई गलती या चूक हुई हो, तो मैं आपको यकीन दिलाता हूं कि हम शीश झुकाकर क्षमा मांगेंगे.’

rajnath-lucknow

अपनी पार्टी के बचाव में वो जितना नाटकीय दिखते हैं, तार्किक बात करते समय उतने ही स्वाभाविक. सरकार बनने के करीब सालभर बाद मई 2015 में राजनाथ अपने संसदीय क्षेत्र लखनऊ में ये कहते नज़र आए, ‘भारत के मुस्लिम राष्ट्रवादी हैं. उन्होंने हमेशा आतंकवादी तत्वों का विरोध किया है.’ बीजेपी के किसी नेता या मंत्री ने इतना कहने की ज़हमत नहीं उठाई.

राजनाथ को पर्सनली कभी मुस्लिम टोपी पहनने से गुरेज नहीं रहा, बल्कि बीजेपी में वह अपेक्षाकृत रूप से धार्मिक तौर पर लिबरल नेता ही माने जाते हैं. लखनऊ के शिया मौलवियों से उनकी ठीक-ठाक बनती है. सब जानते हैं कि प्रदेश में उनकी राजनीति का आधार धर्म नहीं रहा, जाति ही ज्यादा रहा है.

जब मोदी ने टोपी पहनने से इनकार कर दिया था

राजनाथ की इन तस्वीरों से साल 2011 याद आ जाता है, जब एक ‘सद्भावना सम्मेलन’ में एक मौलवी साहब ने नरेंद्र मोदी को मंच पर मुस्लिम टोपी पहनानी चाही, लेकिन मोदी ने हाथ पकड़कर मना कर दिया. इस पर काफी विवाद हुआ और विपक्षी पार्टियों ने इसे मोदी के ‘मुस्लिम विरोध’ का सबूत बताया.

सितंबर 2011 में अहमदाबाद में सद्भावना व्रत कार्यक्रम के दौरान नरेंद्र मोदी ने मुस्लिम टोपी लगाने से इनकार कर दिया था
सितंबर 2011 में अहमदाबाद में सद्भावना सम्मेलन में नरेंद्र मोदी ने मुस्लिम टोपी लगाने से इनकार कर दिया था

टोपी की वजह से ही राजनाथ की अटल से तुलना हुई थी

ये पहला मौका नहीं है, जब राजनाथ मुस्लिम टोपी में दिखे हों. अप्रैल 2014 में लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद वो लखनऊ में बाबा मीर कासिम की दरगाह पहुंचे थे, जहां उन्होंने सफेद जालीदार टोपी लगा रखी थी. इसके बाद शिया मौलवी ने उनकी तुलना पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी से की थी. उस दिन भी राजनाथ दरगाह के अलावा गुरुद्वारे भी गए थे.

लखनऊ में दरगाह पर राजनाथ सिंह
लखनऊ में दरगाह पर राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह कई मौकों पर खुलेआम ऐसी टोपी में दिख चुके हैं. जैसे ये तस्वीर, जिसमें वो एक इफ्तार पार्टी में मुलायम सिंह यादव की बहू अपर्णा यादव के साथ बैठे हैं.

मुलायम सिंह यादव की बहू अपर्णा यादव के साथ एक इफ्तार पार्टी में राजनाथ सिंह

वाजपेयी टोपी लगाने को लेकर जड़ नहीं थे. राजनाथ की वाजपेयी से तुलना के पीछे एक कारण ये भी था कि दोनों का चुनावी क्षेत्र लखनऊ रहा है. 2011 में मोदी के टोपी पहनने से इनकार करने की याद दिलाते हुए शिया मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा था, ‘हम नरेंद्र मोदी से डरे हुए हैं, लेकिन राजनाथ को वाजपेयी की स्वीकार्यता है.’ अटल लखनऊ से पांच बार सांसद रहे हैं.

atal

टोपी लगाए राजनाथ सिंह की ये फोटो धार्मिक विश्वास बढ़ाने और माहौल सुधारने के लिए भी इस्तेमाल की जा सकती थी, लेकिन अभी इसे जिस तरह शेयर किया जा रहा है, वो कतई अच्छा नहीं है.


दी लल्लनटॉप के जरिए हम आपको पहले भी सोशल मीडिया की अफवाहों का सच बता चुके हैं, यहां पढ़िए:

निकाह के बाद बुर्का न पहनने पर हिंदू लड़की को ज़िंदा जलाने का सच

जिसे दारूबाज कहकर सोशल मीडिया पर कोसते रहे, उसकी असलियत विचलित करने वाली है

योगी आदित्यनाथ फैन पेज पर शेयर की गई इस नग्न महिला की तस्वीर का सच क्या है

पब्लिक के बीच गाय का पेशाब पीने वाली योगी की इस तस्वीर का सच हैरान करने वाला है

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

10 नंबरी

2021 में हुए बॉलीवुड के ये 20 बड़े विवाद, जहां पब्लिक सांस खींचकर नज़ारा देखती रही

2021 में हुए बॉलीवुड के ये 20 बड़े विवाद, जहां पब्लिक सांस खींचकर नज़ारा देखती रही

कंगना के ट्वीटर बैन से लेकर राज कुंद्रा केस तक, बहुत बवाल हुए इस साल.

2021 में सोनी लिव पर जो भी रिलीज़ हुआ, उनमें ये सीरीज़ और फ़िल्में मस्ट वॉच हैं

2021 में सोनी लिव पर जो भी रिलीज़ हुआ, उनमें ये सीरीज़ और फ़िल्में मस्ट वॉच हैं

तमिल, मराठी, तेलुगु, हिंदी हर भाषा के शोज़ और फ़िल्में हैं इस लिस्ट में.

समांथा को 'डिवोर्सी सेकंड हैंड आइटम' बोला, समांथा ने जवाब से मजमा लूट लिया

समांथा को 'डिवोर्सी सेकंड हैंड आइटम' बोला, समांथा ने जवाब से मजमा लूट लिया

नागा चैतन्य से अलग होने के बाद समांथा को लगातार इस तरह की फूहड़ ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा है.

भारत सरकार ने ये 20 यूट्यूब चैनल ब्लॉक किए, देखिए पूरी लिस्ट

भारत सरकार ने ये 20 यूट्यूब चैनल ब्लॉक किए, देखिए पूरी लिस्ट

भारत के सेंसिटिव मुद्दों पर फेक न्यूज फैलाने का आरोप है.

सलमान ने 'बजरंगी भाईजान 2' अनाउंस की, कबीर खान ने सवाल उठा दिया

सलमान ने 'बजरंगी भाईजान 2' अनाउंस की, कबीर खान ने सवाल उठा दिया

जानिए बजरंगी भाईजान के डायरेक्टर ने फिल्म के सीक्वल के बारे में क्या बोला.

'गहराइयां': दीपिका पादुकोण की इस फिल्म के टीज़र को देख शाहरुख की एक फिल्म याद आती है

'गहराइयां': दीपिका पादुकोण की इस फिल्म के टीज़र को देख शाहरुख की एक फिल्म याद आती है

दीपिका, सिद्धांत और अनन्या की फिल्म 'गहराइयां', जो प्यार का मतलब ढूंढने की कोशिश कर रही है.

प्रियंका का परिचय 'निक की वाइफ' लिखा, उन्होंने क्लास लगा दी

प्रियंका का परिचय 'निक की वाइफ' लिखा, उन्होंने क्लास लगा दी

प्रियंका ने अपने इंस्टा पर एक स्क्रीन शॉट शेयर किया.

करण जौहर ने 'कोरोना पार्टी' वाले आरोपों पर बहुत सही बात बोल दी

करण जौहर ने 'कोरोना पार्टी' वाले आरोपों पर बहुत सही बात बोल दी

उनकी कोविड-19 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है.

'कभी खुशी कभी गम' वाले पू, लड्डू और क्रिश आज कल कहां हैं?

'कभी खुशी कभी गम' वाले पू, लड्डू और क्रिश आज कल कहां हैं?

फिल्म को 20 साल पूरे हो गए.

हरनाज़ ने मिस यूनिवर्स जीतने के बाद 'कपिल शर्मा शो' की उपासना को कॉल क्यों किया?

हरनाज़ ने मिस यूनिवर्स जीतने के बाद 'कपिल शर्मा शो' की उपासना को कॉल क्यों किया?

उपासना सिंह ने फोन करने की वजह बताई है.