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बंगाल उपचुनाव से पहले बवाल जारी, हुमायूं कबीर का ऐलान- 'अपने बेटे के लिए प्रचार नहीं करूंगा'

West Bengal bypoll: पश्चिम बंगाल की दो सीटों रेजीनगर और नंदीग्राम पर उपचुनाव होने वाले हैं. चुनाव से पहले हाई वॉल्टेज ड्रामा चल रहा है. अब AJUP विधायक हुमायूं कबीर ने ऐलान किया है कि वह अपने बेटे के लिए चुनाव प्रचार नहीं करेंगे.

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हुमायूं कबीर (दाएं) अपने बेटे रॉबिन (बाएं) के लिए नहीं करेंगे चुनाव प्रचार. (File Photo: ITG)

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  • 6 अक्टूबर को नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होंगे, जिसमें नंदीग्राम सीट से टीएमसी के उम्मीदवार ने नामांकन वापस लिया और कांग्रेस को समर्थन मिला है।
  • नंदीग्राम और रेजीनगर सीटों पर उपचुनाव इसलिए हो रहे हैं क्योंकि 2026 के विधानसभा चुनावों में दोनों सीटें विजेताओं द्वारा बाद में खाली की गईं।
  • उपचुनाव से पहले कांग्रेस के उम्मीदवार सहित कुछ प्रत्याशियों की गिरफ्तारी और प्रचार की बाधाएं सामने आईं, जिसके कारण चुनाव प्रचार के तरीके में बदलाव हुआ है।

बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है. वोटिंग से पहले ही दोनों सीटों पर एक के बाद एक बड़े नाटकीय घटनाक्रम हो रहे हैं. नंदीग्राम में ममता बनर्जी के गुट की उम्मीदवार ने नामांकन वापस ले लिया था. टीएमसी (ममता गुट) ने कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने का ऐलान किया था. कांग्रेस कैंडिडेट एक पुराने मामले में गिरफ्तार हो गए.

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रेजीनगर में भी ममता गुट के उम्मीदवार ने पहले चुनाव से हटने का ऐलान किया और फिर फैसला बदल लिया. इसके बाद एक निर्दलीय उम्मीदवार की गिरफ्तारी हुई. अब विधायक हुमायूं कबीर ने अपने बेटे के लिए चुनाव प्रचार करने से ही इनकार कर दिया है. रेजीनगर से हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद उर्फ रॉबिन चुनाव लड़ रहे हैं.

वोटिंग से पहले ही नंदीग्राम और रेजीनगर में नामांकन वापसी, गिरफ्तारी और प्रचार से दूरी तक, कई बड़े मोड़ आ चुके हैं. आखिर दोनों सीटों पर अब तक क्या-क्या हुआ, कौन मैदान से पीछे हटा और कौन गिरफ्तार हुआ, पूरी कहानी समझते हैं.

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हुमायूं कबीर नहीं करेंगे रॉबिन के लिए प्रचार

शुरुआत हुमायूं कबीर से करते हैं. उनका आरोप है कि पुलिस उनके पार्टी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर रही है और उन्हें परेशान किया जा रहा है. उनका कहना है कि कार्यकर्ताओं को पुलिस की कार्रवाई से बचाने के लिए उन्होंने प्रचार से दूर रहने का फैसला किया है.

हुमायूं कबीर ने कहा है कि उनकी पार्टी अब चुनाव प्रचार नहीं करेगी और सोशल मीडिया के जरिए लोगों तक अपनी बात पहुंचाएगी. उन्होंने कहा कि 6 अक्टूबर को मतदान के दिन वो मैदान में मौजूद रहेंगे.

हुमायूं कबीर ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पार्टी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है. उनका आरोप है कि जहां भी उनके कार्यकर्ता लोगों से संपर्क करने जा रहे हैं, वहां पुलिस पहुंचकर उन्हें परेशान कर रही है. हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस की तरफ से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

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नंदीग्राम और रेजीनगर में होगा उपचुनाव

साल 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हुमायूं कबीर ने नवादा और रेजीनगर दोनों सीटों से चुनाव जीता था. बाद में उन्होंने नवादा सीट अपने पास रखी और रेजीनगर विधानसभा सीट छोड़ दी. इसी वजह से रेजीनगर में उपचुनाव हो रहा है.

वहीं नंदीग्राम सीट भी खाली हुई है. 2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने दो सीटों (नंदीग्राम और भवानीपुर) से जीत दर्ज की थी. बाद में उन्होंने भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम सीट छोड़ दी. इसलिए यहां भी उपचुनाव कराया जा रहा है. दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को वोटिंग होगी और 9 अक्टूबर को नतीजे आएंगे.

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उपचुनाव से पहले बड़ा उलटफेर

ममता बनर्जी के गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया. इसके बाद ममता बनर्जी के गुट ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया. हालांकि, मिलन प्रधान को 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण आंदोलन से जुड़े एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तारी की वजह से उनका चुनाव प्रचार प्रभावित हुआ.

इसके बाद रेजीनगर में भी ममता बनर्जी के गुट के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी के नामांकन वापस लेने की खबर आई. उन्होंने चुनाव से हटने की बात कही, लेकिन बाद में ममता बनर्जी से बातचीत के बाद अपना फैसला बदल दिया और चुनाव लड़ने का ऐलान किया.

इसके बाद रेजीनगर से निर्दलीय उम्मीदवार सैफुल इस्लाम को गिरफ्तार किया गया. पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान हुई हिंसा से जुड़े करीब पांच साल पुराने मामले में हुई. सैफुल इस्लाम के हुमायूं कबीर की पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी यानी AJUP से जुड़े होने की बात भी सामने आई है.

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