अब दिमागों की यही गंदगी ऋषि कपूर की मौत पर भी पसरी नज़र आई. लोग उन्हें गालियां दे रहे हैं, उनके मरने का जश्न मना रहे हैं. ऐसी-ऐसी बातें कह रहे हैं, जो सेंसर कर भी दिखाते न बनें. फिर भी कुछ नमूने देखिए ताकि पता लगे, कुछ लोगों में ज़हर कैसा पैठा है.
फेसबुक पर फर्जी प्रोफाइल्स के जरिए नरक की बातें कहीं गईं, खुशी जताई गई.

ऋषि कपूर के लिए कही गई बातें अभद्र बातें
कुछ लोगों ने अपनी बात के समर्थन में परिवार और तैमूर को खींच लिया.

तैमूर, करीना, पाकिस्तान और बीफ की बातें

हिंदुओं से श्रद्धांजलि न देने को कहा गया
हमारे पाठकों ने भी ट्वीट कर, इन लोगों की सोच सामने रखी.
रही बात बीफ की. तो वो ट्वीट 5 साल पुरानी बात थी, उस पर ऋषि कपूर ने सफाई भी दी थी. कई ट्वीट किए थे. लोगों ने हंगामा मचाया लेकिन उस सफाई पर उनकी नज़र न गई, जहां वो खाने से धर्म का लेना-देना न होने की बात कह रहे थे. जहां वो कह रहे थे कि मैंने कभी गौमाता वाली बात नहीं कही.
हमें सर्वव्यापी मूर्खता से अपना बचाव करना है. यकीनन बहुत कठिन है डगर पनघट की. बुरी बात ये कि आप बचाव के अलावा कुछ ख़ास कर भी नहीं सकते. सिवाय इनकी अक्ल पर मातम ज़ाहिर करने के.
और हां एक बात और, जीते-जी ऋषि कपूर ने कई ऐसी बातें कही हैं, जो कईयों को बुरी लगी. ट्विटर पर वो अपने मुंहफट रवैये के लिए जाने जाते थे, और दिन उनकी ट्रोल्स से मुठभेड़ होती थी. चीजों को देखने का उनका लगा तरीका था. कई बार सही और कुछ मौकों पर ग़लत भी हो सकता था. लेकिन ऋषि कपूर ने वैसा जीवन जिया है. अब वो नहीं हैं, आप करने को उनकी आलोचना कर सकते हैं, सधे शब्दों में. शेष ज़हर फैलाने वालों को वो ज़्यादा तरजीह नहीं देते थे, अब देख भी नहीं रहे हैं, आप अपना देख लो.










