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मणिपुर: बिना कपड़ों के परेड से पहले पुलिस की गाड़ी के पास पहुंची थीं महिलाएं, ड्राइवर ने कहा 'चाभी नहीं है'

Manipur Violence: पिछले साल घटना का एक वीडियो वायरल हुआ था. CBI के अनुसार, जब भीड़ ने पीड़िताओं को पुलिस की गाड़ी से बाहर निकाला तो पुलिसवाले वहां से हट गए.

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मामले का एक वीडियो वायरल हुआ था. (सांकेतिक तस्वीर: इंडिया टुडे)

मणिपुर में दो महिलाओं को बिना कपड़ों के परेड (Manipur women paraded naked) कराया गया था और उनका यौन उत्पीड़न किया गया था. CBI की चार्जशीट के अनुसार, जब दोनों पीड़िताओं को परेड कराया गया, उसके ठीक पहले वो पुलिस की गाड़ी में बैठने में सफल हो गई थीं. पुलिस की गाड़ी तब सड़क किनारे खड़ी थी. पीड़िताओं ने पुलिस को गाड़ी स्टार्ट करने और वहां से निकलने को कहा. लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया. ड्राइवर ने कहा कि उनके पास गाड़ी की चाभी नहीं है.

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इंडियन एक्सप्रेस से जुड़े महेंद्र सिंह मनराल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चार्जशीट में कहा गया कि उस पुलिस जिप्सी में पहले से दो पुरुष पीड़ित भी थे. और वहां पुलिसवाले भी मौजूद थे. लेकिन जैसे ही भीड़ वहां पहुंची और पीड़िताओं को गाड़ी से बाहर निकाला तो सारे पुलिसवाले वहां से हट गए.

CBI की जांच में पता चला कि ये हिंसक घटना 3 मई 2023 को चुराचांदपुर जिले में हुई थी. अक्टूबर महीने में गुवाहाटी की एक विशेष अदालत में 6 लोगों और 1 नाबालिग के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया था.

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मणिपुर के DGP राजीव सिंह ने एक्सप्रेस को बताया कि पुलिसवालों के खिलाफ पहले ही विभागीय कार्रवाई की जा चुकी है. आपराधिक मामले में कार्रवाई पर उन्होंने कहा कि इस केस की जांच CBI कर रही है.

क्या है पूरा मामला?

जुलाई 2023 में एक वीडियो वायरल हुआ. इस वीडियो में भीड़ दो महिलाओं को बिना कपड़ों के परेड करा रही थी. एक महिला की उम्र लगभग 20 साल और दूसरे की उम्र लगभग 40 साल है. वीडियो में ये भी देखा गया कि भीड़ से कुछ लोग पीड़िताओं को घसीट रहे हैं और उनका यौन उत्पीड़न कर रहे हैं. वीडियो के वायरल होने के बाद देशभर में इसपर चर्चा शुरू हो गई.

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CBI ने अपने चार्जशीट में बताया कि इसके बाद कई और जगहों पर भी हिंसा हुई. मैतेई समुदाय की भीड़ ने एक गांव पर हमला किया और कई घरों को आग के हवाले कर दिया. इसके अलावा भीड़ ने पड़ोस के एक गांवों में भी कुछ घरों को निशाना बनाया. जांच में ये भी पता चला कि 4 मई को आसपास के मैतेई गांव के प्रधानों और दूसरे समुदायों वाले गांव के लोगों के साथ एक बैठक हुई थी. चार्जशीट के अनुसार, बैठक के बावजूद भीड़ ने एक चर्च में और आसपास के कुछ घरों में आग लगा दी.

चार्जशीट में इन्हें आरोपी बनाया गया है-

आरोपीउम्रकब गिरफ्तार हुए?
हुइरेम हेरोदाश मैतेई32 साल20 जुलाई 2023
अरुण खुंडोंगबम उर्फ नानाओ31 साल21 जुलाई 2023
निंगोम्बम टोम्बा सिंह उर्फ टोमथिन18 साल20 जुलाई 2023
पुखरीहोंगबाम सुरंजय मैतेई24 साल22 जुलाई 2023
नामीराकपम किरम मैतेई30 साल24 जुलाई 2023

इसके अलावा एक नाबालिग को भी 20 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था. आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं. इनमें सामूहिक बलात्कार, हत्या, महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराएं शामिल हैं. 

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