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अमेरिका ने ईरान पर फिर बरसाए बम, जवाब में तेहरान का बहरीन-कुवैत में मिसाइल हमला

US strikes on Iran: अमेरिका ने ईरान में सैन्य ठिकानों पर एक बार फिर एयरस्ट्राइक की. ट्रंप ने ईरान को धमकी दी है कि हमला करने के लिए डेडलाइन तय नहीं की जाएगी. बेहतर होगा कि वो खुद संभल जाए. उधर ईरान ने भी बातचीत से इनकार कर दिया है.

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अमेरिका-ईरान के बीच पांचवें दिन संघर्ष जारी है. (फोटो- X/US CENTCOM)

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  • अमेरिका ने 15 जुलाई को ईरान के कोस्टल डिफेंस सिस्टम और मिसाइल लॉन्च साइट पर करीब 90 मिनट तक हमले किए, जो राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के आदेश पर किए गए थे।
  • इस हमले का कारण वॉशिंगटन का दावा है कि ईरान होर्मुज जलसन्धि से गुजर रहे जहाजों को धमकाने के लिए ठिकानों का इस्तेमाल कर रहा था, जिससे तनाव बढ़ा।
  • ईरान ने अमेरिका के हमलों के जवाब में मिडिल ईस्ट में कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले का दावा किया है, जिससे क्षेत्रीय तनाव में वृद्धि हुई है।

अमेरिका ने लगातार पांचवें दिन ईरान पर हमला किया है. वॉशिंगटन का दावा है कि जिन ईरानी ठिकानों को निशाना बनाया गया है वो होर्मुज से गुज़र रहे जहाजों को धमकाने के लिए इस्तेमाल हो रहे थे. 15 जुलाई को अमेरिका ने दो नए हमले किए हैं जिनमें ईरान के कोस्टल (तटीय) डिफेन्स सिस्टम और मिसाइल लॉन्च साइट को निशाना बनाया गया है.

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अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि मिलिट्री ऑपरेशन करीब 90 मिनट तक चला. जिसमें ईरान के ग्रेटर तुंब आइलैंड में स्थित कोस्टल डिफेन्स और क्रूज मिसाइल स्टोरेज सिस्टम को निशाना बनाया गया. एक पोस्ट में लिखा कि ये हमले राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के आदेश पर किए गए हैं.

जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया. बहरीन और कुवैत में मिसाइल अलर्ट जारी किया गया, जबकि जॉर्डन ने तीन ईरानी मिसाइलें मार गिराने की जानकारी दी.

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ट्रंप ने क्या धमकी दी? 

इससे पहले प्रेसिडेंट डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी दी थी कि वो ईरान के एनर्जी ठिकानों पर हमला करेंगे. जब एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि क्या उन्होंने इन हमलों के लिए कोई डेडलाइन तय की है? इसपर ट्रंप ने कहा, 

‘मुझे डेडलाइन देना पसंद नहीं है. ईरान सब जानता है. उसे पूरी कहानी पता है. बेहतर होगा कि वो होर्मुज से गुजर रहे जहाजों पर हमला करना बंद कर दे.’

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ट्रंप का कहना है कि अमेरिकी अधिकारियों ने ईरानी मध्यस्थों से गुज़ारिश की है कि है वो तेहरान को दोबारा बातचीत शुरू करने के लिए मनाएं. उन्होंने बताया कि ईरान में जो मिलिट्री एक्शन चलाया जा रहा है उसका मकसद केवल होर्मुज खुलवाना नहीं बल्कि ईरान को कमज़ोर करना भी है. 

ईरान का अडिग जवाब

अब बात ईरान की. ईरानी न्यूज़ एजेंसी मेहर के मुताबिक, ईरान के हेंगैम आइलैंड (Hengam Island) को भी निशाना बनाया गया है. एक तरफ अमेरिका ईरान पर हमला कर रहा और होर्मुज में ब्लॉकेड लगा रहा है. दूसरी तरफ ईरान ने धमकी दी है कि ये हमले केवल स्ट्रेट तक ही सीमित नहीं रहेंगे. 

अमेरिकी हमलों के जवाब में IRGC ने मिडिल ईस्ट में कई अमेरिकी बेस पर बम बरसाए. सबसे हाल ही में कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी टारगेट को हिट किया है.

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अमेरिका-ईरान पीस डील 

हमलों के इतर, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर ग़ालिबाफ ने कहा, ‘ईरान-अमेरिका के बीच एक बेहद ज़रूरी और अपने वजूद को बचाने वाली जंग चल रही है.’ विदेश मंत्रालय ने भी अपना रुख साफ किया और बताया कि इस वक़्त अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं होगी. 

यानी अमेरिका-ईरान के बीच साइन हुआ मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग ठंडे बक्से में जा चुका है. हम ‘बैक टू स्क्वायर’ आ गए हैं. तेल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं और होर्मुज में तनाव भी. अमेरिका ईरान पर आरोप लगा रहा है कि वो बिना कारण होर्मुज से गुज़र रहे जहाजों पर हमला कर रहा है. वहीं ईरान ने बताया कि अमेरिकी हमले में अब तक 30 नागरिकों की जान चली गई है.

वीडियो: ईरान के पिकऐक्स माउंटेन को उड़ाना क्यों चाहते हैं ट्रंप?

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