रेलवे ने किराए में संशोधन के लिए एक कमिटी बनाई थी जिसमें रेलवे बोर्ड, नीति आयोग, एयर इंडिया और दूसरे संस्थानों के सयाने लोग शामिल किए गए थे. इस कमिटी ने 16 जनवरी, 2017 को अपनी रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को सौंपी. अगर ये सुझाव मान लिए गए, तो रेलवे में हर उस चीज़ पर ज़्यादा चार्ज लगने लगेगा जो आपको सुविधाजनक लगती है. जैसे -
1. खिड़की वाली सीट के लिए एक्स्ट्रा चार्ज (लोअर बर्थ); 2. ओवरनाइट जर्नी (एक रात में पूरी होने वाली यात्रा) के लिए एक्स्ट्रा चार्ज; 3. त्योहारों पर यात्रा करने पर एक्स्ट्रा चार्ज; 4. पैंट्री कार वाली ट्रेन में चलने के लिए एक्स्ट्रा चार्ज; 5. 'सुविधाजनक' टाइम पर चलने वाली 'पॉपुलर' ट्रेन में चलने के लिए एक्सट्रा चार्ज.

सफर में 'सफर' करते भारतीय रेल के यात्री
इन सब जगहों पर जेब कतरने के बाद कमिटी ने एक सुझाव रेलवे की भलाई के लिए भी दिया है -
6. असुविधाजनक टाइम (रात 12 से सुबह चार और दोपहर एक से पांच बजे के बीच) पर पहुंचने वाली ट्रेन में चलने पर डिस्काउंट.ट्रेन में चलने का मज़ा तभी है, जब आपको खिड़की की सीट मिले. इसलिए कमिटी के ये सुझाव अगर मान लिए गए तो रेल यात्रा में कितना रोमैंस बचेगा, सोचने वाली बात है. क्योंकि जो कुछ अच्छा था भी, उसके लिए एक्स्ट्रा चार्ज लगेगा, और डिस्काउंट वहां मिलेगा, जहां कोई चाहता नहीं है.
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