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मिस्र के चर्च में आग लगने से 41 लोगों की मौत, 'ज्यादातर बच्चे हुए हादसे का शिकार'

हादसा तब हुआ जब चर्च में 5 हजार लोग सामूहिक प्रार्थना के लिए जुटे थे.

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आग बुझने के बाद चर्च में खड़े सुरक्षाबल (फोटो- रॉयटर्स)

मिस्र के एक चर्च में आग लगने के कारण कम से कम 41 लोगों की मौत हो गई. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हादसे में करीब 55 लोगों के घायल होने की भी खबर है. उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक आग लगने की यह घटना गिजा शहर के अबू सिफिन चर्च की है. शॉर्ट सर्किट की वजह से चर्च में आग लगी. हादसा तब हुआ जब चर्च में 5 हजार लोग सामूहिक प्रार्थना के लिए जुटे थे. आग लगने के कारण चर्च में भगदड़ मच गई. मरने वालों में ज्यादातर बच्चे बताए जा रहे हैं.

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'एक के ऊपर एक गिरे लोग'

रॉयटर्स के मुताबिक चर्च में प्रार्थना के दौरान मौजूद एक शख्स यासिर मुनीर ने बताया कि लोग तीसरे और चौथे फ्लोर पर इकट्ठा थे. दूसरे फ्लोर से अचानक धुआं दिखने लगा. मुनीर ने बताया, 

"धुएं को देखकर लोग तेजी से नीचे उतरने लगे. इसी दौरान सभी एक-दूसरे पर गिर पड़े. तभी हमने धमाका सुना. खिड़की से आग दिखाई दी."

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यासिर मुनीर ने बताया कि वे और उनकी बेटी ग्राउंड फ्लोर पर थे इसलिए वहां से निकलने में कामयाब रहे. इस घटना की जांच के लिए अधिकारियों की एक टीम चर्च भेजी गई है.

महर मुराद नाम के एक शख्स ने इस हादसे में अपनी बहन को खोया. प्रार्थना के बाद वो अपनी बहन को छोड़ चर्च से निकल गए थे. पूरी घटना के बारे में उन्होंने रॉयटर्स को बताया, 

"मैं चर्च से सिर्फ 10 मीटर ही आगे बढ़ा था कि मुझे चिल्लाने की आवाज सुनाई दी. वहां से धुएं निकलते दिखाई दिए. फायरफाइटर ने जब आग बुझा दी तो मुझे अपने बहन की बॉडी मिली. वहां सभी बॉडी पूरी तरह जल गई थी. उनमें से ज्यादातर बच्चे थे."

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राष्ट्रपति अल सीसी ने जताया दुख

मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतेह अल सीसी ने ट्वीट कर इस घटना पर दुख जताया है. उन्होंने ट्विटर पर लिखा, 

“मैं गिजा के चर्च में हुई दुखद घटना को करीब से फॉलो कर रहा हूं. मैंने जांच एजेंसियों को निर्देश दिया है कि सभी जरूरी कार्रवाई करें और घायलों को हरसंभव इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाए. हादसे में निर्दोष जान गंवाने वालों के परिवार के प्रति मैं गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं.”

गिजा मिस्र का दूसरा सबसे बड़ा शहर है. यह नाइल नदी के किनारे बसा है. अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी AFP की रिपोर्ट के मुताबिक ये हादसा कॉप्टिक ईसाइयों के चर्च में हुआ है. कॉप्टिक मिडिल ईस्ट में सबसे बड़ा ईसाई समुदाय है. मिस्र के ज्यादातर ईसाई इसी समुदाय के हैं. मिस्र की 10 करोड़ से ज्यादा आबादी में कॉप्टिक ईसाइयों की संख्या करीब 1 करोड़ है.

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