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'अपने दिमाग का इस्तेमाल करो', हिजबुल्लाह से लड़ रहे इजरायल से बोले ट्रंप

Israel Hezbollah Ceasefire: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने लेबनान हिंसा के बीच दखल देकर इजरायल-हिजबुल्लाह सीजफायर कराया. उनका कहना है कि इस जंग से Iran संग शांति वार्ता और क्षेत्रीय समझौता टूटने का खतरा था.

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अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू. (फाइल फोटो: इंडिया टुडे)

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  • अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने हिजबुल्लाह के साथ सीजफायर के लिए इजरायल को मनाया, जिससे लेबनान में बढ़ती हिंसा को रोका गया और क्षेत्रीय संघर्ष से बचा गया।
  • लेबनान में हिंसा और तनाव के बढ़ने के कारण अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में होने वाली बातचीत को टालना पड़ा, जिससे क्षेत्रीय शांति प्रयास प्रभावित हुए।
  • सीजफायर के लागू होने के बाद हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच संघर्ष में कमी आई, जिससे अमेरिका-ईरान शांति बातचीत को फिर से शुरू करने की संभावना बनी।

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का कहना है कि हिजबुल्लाह के साथ सीजफायर करने के लिए उन्होंने ही इजरायल को मनाया. ट्रंप ने बताया कि उन्होंने तब दखल दिया जब लेबनान में हिंसा बढ़ रही थी. इससे ईरान के साथ चल रही शांति बातचीत का पटरी से उतरने का खतरा था. उन्होंने कहा कि इस लड़ाई से एक बड़े क्षेत्रीय समझौते को नुकसान पहुंच सकता है. 

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अमेरिकी टेलीविजन नेटवर्क NBC न्यूज के साथ एक फोन इंटरव्यू में डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने इजरायली अधिकारियों से बात की और संयम बरतने पर जोर दिया. NBC न्यूज के एक पत्रकार ने ‘X’ पर इंटरव्यू की जानकारी पोस्ट करते हुए बताया कि ट्रंप ने कहा, 

"कभी-कभी आपको बस शांत रहने और दिमाग से काम लेने की जरूरत होती है." 

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ट्रंप ने यह बताने से इनकार कर दिया कि क्या उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से सीधे बात की थी या नहीं. यह बयान इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच लेबनान में सीजफायर पर सहमति बनने के कुछ घंटों बाद आया. इससे पहले तनाव इतना बढ़ गया था कि पूरे क्षेत्र में बड़े संघर्ष का डर पैदा हो गया था और अमेरिका-ईरान के बीच हुए अंतरिम समझौते को टूटने का खतरा बढ़ गया था.

जानलेवा तनाव के बाद सीजफायर

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, एक सीनियर अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी के बाद लेबनान में 19 जून को लोकल टाइम के हिसाब से शाम करीब 4 बजे सीजफायर लागू हुआ. अधिकारी ने कहा कि ईरान की मदद से अमेरिका और कतर के बातचीत करने वालों ने यह समझौता कराने में मदद की. हिजबुल्लाह के दो सूत्रों और एक सीनियर इजरायली अधिकारी ने रॉयटर्स को सीजफायर की पुष्टि की. इजरायली अधिकारी ने कहा, 

"अगर हिजबुल्लाह हम पर हमला नहीं करता है, तो हमारे लिए यह युद्ध का समय नहीं है." 

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उन्होंने कहा कि इजरायली सेना दक्षिणी लेबनान में तैनात रहेगी. लेबनान के सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि इजरायल ने सीजफायर के पहले घंटे के दौरान कई हवाई हमले किए. हालांकि, शाम 5 बजे के बाद किसी हमले की खबर नहीं मिली.

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लेबनान में हिंसा से ईरान के साथ बातचीत पर खतरा

लेबनान में हिंसा भड़कने के कारण स्विट्जरलैंड में होने वाली अमेरिका-ईरान बातचीत को टालना पड़ा. यह बातचीत ईरान के परमाणु कार्यक्रम और ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के भविष्य पर बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए बहुत अहम मानी जा रही थी. 

हिजबुल्लाह के सांसद हसन फदल्लाह ने कहा कि ईरान ने साफ कर दिया है कि आगे की बातचीत लेबनान में पूरी तरह से सीजफायर पर निर्भर करेगी. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी चेतावनी दी कि समझौते के तहत किए गए वादों को पूरा करने की जिम्मेदारी वाशिंगटन की होगी.

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