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‘आंदोलन से सब मिलता है’, JSSC-CGL रद्द होते ही 16 दिन बाद देवेंद्र महतो ने अनशन तोड़ा

Devendra Mahto ends hunger strike: रांची में भूख हड़ताल कर रहे देवेंद्र नाथ महतो ने अपना अनशन खत्म करने का फैसला किया है. झारखंड सरकार के उनकी मांगें मानने के बाद उन्होंने ये फैसला किया है.

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देवेंद्र नाथ महतो ने अपनी भूख हड़ताल खत्म करने का फैसला किया है.(फोटो-इंडिया टुडे)

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  • झारखंड सरकार ने झारखंड स्टाफ सिलेक्शन कमीशन कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (JSSC-CGL) परीक्षा और TDPL के जरिए की गई सभी भर्ती प्रक्रियाओं को रद्द करने की घोषणा की है।
  • यह फैसला पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में गड़बड़ियों की लंबी जांच और छात्रों तथा अभिभावकों के द्वारा किए गए विरोधों के कारण लिया गया है।
  • रद्द की गई परीक्षाओं की जांच CID करेगा और एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी, जिससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

झारखंड में पेपर में गड़बड़ियों के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो ने अपना अनशन खत्म कर दिया है. महतो 16 दिनों से भूख हड़ताल पर थे. उन्होंने ये फैसला तब लिया, जब हेमंत सोरेन सरकार ने रांची में प्रोटेस्ट कर रहे छात्रों की बड़ी मांगें मान लीं. इनमें झारखंड स्टाफ सिलेक्शन कमीशन कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (JSSC-CGL) परीक्षा और TDPL के जरिए की गई सभी भर्ती प्रक्रियाओं को रद्द करने की घोषणा शामिल है.

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दरअसल, सोमवार, 17 अगस्त को झारखंड सरकार ने ऐलान किया कि JSSC-CGL परीक्षा और TDPL के जरिए हुई सभी भर्तियों को रद्द कर दिया गया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि 2014 से TDPL की ओर से कराई गई सभी परीक्षाओं की जांच CID करेगी. इसके अलावा भर्ती परीक्षा में गड़बड़ियों की अलग से जांच के लिए रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक कमेटी भी बनाई जाएगी.

देवेंद्र नाथ ने किया लोगों का धन्यवाद

सरकार के इस फैसले के बाद महतो ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी. उन्होंने आंदोलन का समर्थन करने के लिए छात्रों, अभिभावकों, मीडिया, पुलिस, झारखंड सरकार और सोरेन का धन्यवाद किया. इंडिया टुडे से बात करते हुए उन्होंने कहा,

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हम आभारी हैं कि छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लिया गया और हमारी मांगें पूरी की गईं. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जांच बहुत बारीकी से की जा रही है. भ्रष्टाचार में शामिल लोगों को पकड़ा जा रहा है. और इन गिरोहों के पीछे के मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिशें जारी हैं.

उन्होंने कहा कि ये छात्र के संघर्षों की जीत है. जो लोग कहते हैं कि आंदोलन से क्या मिलता है. आज पूरा दुनिया को देखने की आवश्यकता है कि आंदोलन से सब कुछ मिलता है. जिस एग्जाम को न्यायालय से भी न्याय नहीं मिल पाया. उसे आज आंदोलन की ताकत से न्याय मिला. आंदोलन से देश आजाद हुआ है. 

उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश केवल मौजूदा आंदोलन तक सीमित नहीं हैं. वह शिक्षा प्रणाली में ठोस सुधार चाहते हैं ताकि आने वाली पीढ़ियों को अपने अधिकारों और बेहतर शिक्षा तक पहुंच के लिए इस तरह संघर्ष न करना पड़े.

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देवेंद्र नाथ ने इस दौरान एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक से भी फोन पर बात की.

 

एग्जाम पास करने वाले छात्र कर रहे प्रदर्शन

मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि CID और SIT की जांच में कई आपत्तिजनक तथ्य सामने आए हैं. झारखंड स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (JSSC) के जरिए भर्ती हुए कुछ लोगों को परीक्षाओं में कथित धोखाधड़ी और गड़बड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया है. सोरेन ने आगे घोषणा की कि 2014 से अब तक कराई गई सभी परीक्षाओं की CID जांच करेगी.

ये भी पढ़ें: JSSC-CGL परीक्षा रद्द, 2014 से हुई भर्तियों की जांच होगी, हेमंत सोरेन का ऐलान

उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार छात्रों के हित में पेपर लीक के खिलाफ पहले ही कानून बना चुकी है. आगे भी पारदर्शिता के साथ सुधार करने के लिए प्रतिबद्ध है. इस ऐलान के बाद JSSC-CGL के जरिए पहले ही नौकरी पा चुके लोग सरकारी फैसले के विरोध में उतर आए हैं.

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