
3 दिसंबर को एडीजी लॉ एंड ऑर्डर आनंद कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी.
रिपोर्ट में ये बात लिखी गई है कि घटनाक्रम सुबह 9.30 पर शुरू हो गया था. पुलिस को पहुंचने में काफी देर हुई. थाने में गोकशी की सूचना आई थी. सूचना के बाद सीओ और एसडीएम को भेजा गया था. इन लोगों ने गोमांस लदी ट्रॉली रास्ते में रोकने की कोशिश की थी. लेकिन उनके पास पुलिस फोर्स नहीं थी. तो रोक नहीं पाए.
रिपोर्ट के मुताबिक गोमांस लेकर लोगों ने जाम लगा दिया था. इस बात की जानकारी जिले के बड़े अफसरों को थी. अगर वक्त रहते पुलिस फोर्स आ गई होती तो अतरौली गांव में गोमांस लाने से रोका जा सकता था. सारा बवाल ही ट्रॉली में गोमांस ले जाने की वजह से भड़का था. जो एफआईआर दर्ज कराने आए थे उनकी डिमांड थी कि गोकशी करने वालों के खिलाफ रासुका और गैंग्स्टर एक्ट के तहत केस दर्ज किया जाए. पुलिस ने उनकी मांग मान भी ली थी. लेकिन भीड़ इस बात पर अड़ी थी कि एफआईआर की कॉपी दी जाए.
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