ऑनलाइन स्कैम का एक तरीका पकड़ में आता है तो ठग, दूसरा तरीका तैयार कर लेते हैं. पब्लिक को समझ में आने लगा है कि बैंक अकाउंट बंद होने के नाम पर ओटीपी शेयर नहीं करना है, यूट्यूब वीडियो लाइक करने के झांसे में नहीं आना है, तो फ्रॉडियों ने ई-कॉमर्स वाले तरीके पर फोकस बढ़ा दिया है. सादी भाषा में - ऑनलाइन डिलिवरी वाला स्कैम. बेंगलुरु की एक महिला ने ऑनलाइन दूध ऑर्डर किया था. दूध खराब होने के चलते वापस करने की कोशिश की. इसी कवायद में ठग की एंट्री हुई और 77 हजार रुपए का चूना लग गया. महिला ने पुलिस से मामले की शिकायत की है.
रिफंड के लिए PhonePe चलाया, ठगों ने बुजुर्ग महिला के खाते से 77 हजार रुपये उड़ा दिए
पैसा कटते ही 'कस्टमर सर्विस' वाला कॉल भी कट गया.


इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, बेंगलुरु के कस्तूरबा नगर की रहने वाली 65 वर्षीय महिला ने 18 मार्च को ऑनलाइन ग्रोसरी (किराना) डिलीवरी प्लेटफॉर्म से एक लीटर दूध खरीदा. बाद में देखा कि दूध खराब है उन्होंने दूध को वापस करने का फैसला किया. महिला ने दूध को रिटर्न करने की रिक्वेस्ट के लिए गूगल पर ऑनलाइन नंबर खोजा. इंटरनेट पर महिला को एक नंबर मिला, जिस पर उन्होंने (बिना तस्दीक किए) कॉल किया तो ठग ली गईं.
अकाउंट से कटे 77 हजार रुपएमहिला ने जब कॉल किया, तो दूसरी ओर जो शख्स था, उसने खुद को संबंधित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का कस्टमर केयर अधिकारी बताया. कहा कि दूध वापस करने की आवश्यकता नहीं है. पैसा रिफंड किया जाएगा. कुछ देर बाद कस्टमर केयर अधिकारी ने महिला को कुछ स्टेप फॉलो करने के लिए कहा. महिला को एक UPI आईडी नंबर व्हाट्सएप पर भेजा गया. रिफंड पाने के लिए PhonePe ऐप का इस्तेमाल करने के लिए कहा गया. महिला ठगों की बातों में आ गई और UPI के जरिए उनके अकाउंट से करीब 77 हजार रुपए चले गए.
महिला के बैंक अकाउंट से पैसे कटते ही कॉल भी कट गई. इसके बाद महिला को समझ आया कि उनके साथ फ्रॉड हो गया है. महिला ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल किया और इसकी जानकारी दी. महिला ने नारायणपुरा पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है.
पुलिस ने बताया है कि उसे शिकायत प्राप्त हुई है. IT एक्ट के तहत मामले की शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. महिला के अकाउंट से गए पैसों को वापस लाने की कोशिश की जा रही है.
हुआ क्या था?महिला को कैसे शिकार बनाया गया, अब ये पुलिस जांच का विषय है. लेकिन ये स्पष्ट है कि महिला ने इंटरनेट पर मौजूद जिस नंबर पर कॉल किया था, वो संबंधित डिलिवरी प्लेटफॉर्म का नहीं था. लाज़मी है कि ऐसे नंबर पर फोन करते हुए आप तस्दीक करें कि नंबर सही जगह मिलाया जा रहा है या नहीं. शिकायत निवारण के लिए पहले उस प्लेटफॉर्म के हेल्प सेक्शन को चेक करना चाहिए.
और ये बात हमेशा ध्यान रखें. सामने वाला चाहे आपसे जो कहे, ऐसे एप्स को इस्तेमाल करते हुए बेहद सावधानी बरतें, जिनसे आपके बैंक खाते जुड़े हैं. जैसे ही लगे कि सामने वाला आपसे कोई लेनदेन करवाना चाह रहा है, कॉल काट दें.
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