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अमेरिका ने ईरान में बच्चों के कैंसर हॉस्पिटल पर गिराए बम, IRGC ने MQ-9 ड्रोन मार गिराया

15 जुलाई की रात US ने Iran के कई शहरों और सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए. ईरान का दावा है कि इन हमलों में 35 लोगों की मौत हुई और 300 से ज्यादा घायल हुए हैं. अमेरिकी बमबारी से एक अस्पताल को भी नुकसान पहुंचा.

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IRGC का दावा है कि अस्पताल पर हमले के बाद उन्होंने एक MQ-9 ड्रोन मार गिराया है (PHOTO- IranPress, GE)

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  • अमेरिका ने 15 जुलाई को रातभर ईरान पर हवाई हमले किए और US Navy ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी फिर से शुरू की जिससे तनाव बढ़ गया।
  • अमेरिका के इन हमलों के पीछे ईरान द्वारा मिडिल-ईस्ट में अमेरिकी सहयोगी देशों पर हमले और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का बंद रहना है।
  • ईरान ने अमेरिकी नौसैनिक जहाजों और ड्रोन को निशाना बनाया है, जिससे क्षेत्रीय संघर्ष और सैन्य जवाबी कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है।

अमेरिका और ईरान की जंग दिन-ब-दिन और भयावह होती जा रही है. अमेरिका ने 15 जुलाई को रातभर ईरान पर हवाई हमले किए. साथ ही US Navy ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी फिर से शुरू कर दी. दूसरी तरफ ईरान ने पूरे मिडिल-ईस्ट में अमेरिका के सहयोगी देशों को निशाना बनाया है. ईरान ने कसम खाई है कि जब तक अमेरिका अपनी आक्रामकता खत्म नहीं करता, तब तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद रहेगा.

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अलजजीरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान में कई जगहों पर धमाकों की आवाज सुनी गई जिनमें केशम द्वीप, बंदर अब्बास, सिरिक, चाबहार, कोनारक, रास्क शहर, खोंडाब और पश्चिमी शहर खोरमबाद शामिल हैं. इसके अलावा अहवाज में भी धमाकों की आवाज सुनी गई. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी बमबारी से ‘शहीद बघाई’ हॉस्पिटल को भारी नुकसान पहुंचा है. इस हमले में बच्चों के कैंसर ट्रीटमेंट डिपार्टमेंट को नुकसान हुआ है. लिहाजा पूरे हॉस्पिटल को खाली कराना पड़ गया. ये वही जगह है जहां बच्चों समेत कैंसर मरीजों की कीमोथेरेपी होती है.

अमेरिका लगातार बरसा रहा बम

ईरानी अधिकारियों के मुताबिक अमेरिकी हमलों में ईरानी सेना की एक बैरक को भी निशाना बनाया गया है. इस हमले में कम से कम सात सैनिक मारे गए. साथ ही पूरे देशभर में सैकड़ों लोग घायल हुए हैं. कुल मिलाकर, ईरान का कहना है कि अब तक अमेरिकी हमलों में कम से कम 35 लोग मारे गए हैं और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. इन हमलों में बुशहर को भी निशाना बनाया गया है. ये वही जगह है जहां ईरान का एकमात्र सिविलियन न्यूक्लियर प्लांट है. इसके अलावा केशम और बंदर इमाम खोमैनी में भी हमले हुए हैं.

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अमेरिका कर रहा जहाजों पर हमले

अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का कहना है कि उसने ईरान के उन ठिकानों को निशाना बनाया है, जिनका इस्तेमाल होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को धमकाने के लिए किया जा रहा था. CENTCOM ने यह भी कहा कि उसके एक विमान ने तेल ले जाने वाले एक खाली टैंकर पर गोलीबारी की और उसे बेकार कर दिया. यह टैंकर ईरान के बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहा था.

(यह भी पढ़ें: डील नहीं हुई तो एक भी पुल, पावर प्लांट नहीं बचेगा... ईरान को ट्रंप ने अपना इरादा साफ़ बता दिया)

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इसके जवाब में, ईरान की सेना - IRGC - ने कहा कि उन्होंने बहरीन में अमेरिकी 5th फ्लीट को निशाना बनाया. IRGC ने यह भी दावा किया कि उसने दक्षिण-पश्चिमी शहर एंडिमेश्क के ऊपर दुश्मन के एक MQ-9 ड्रोन को तबाह कर दिया है. ईरानी सेना ने कहा कि इस ड्रोन को उसके एयरोस्पेस फोर्स द्वारा संचालित एक नए एयर डिफेंस सिस्टम से मारा गया है.

वीडियो: ईरान की ड्रोन स्ट्रैटेजी कौन चुरा रहा? Shahed-136 की कहानी

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