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दिल्ली में रेप की घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस-सिस्टम सबको लताड़ा, कहा- 'निर्भया केस की याद आ गई'

दिल्ली-एनसीआर में हालिया रेप की घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है. सर्वोच्च अदालत ने इन घटनाओं पर गहरी नाराजगी जाहिर की. कोर्ट ने कहा कि साफ लग रहा है कि पुलिस ​​और सरकारी अधिकारी आम लोगों को सुरक्षा की गारंटी देने में नाकाम हैं.

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सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR के हालिया रेप केसों पर तल्ख टिप्पणी की. (Courtesy: PTI)

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  • सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में हालिया यौन अपराधों का स्वत: संज्ञान लिया और कहा कि पुलिस व अधिकारी इन घटनाओं को रोकने में विफल रहे हैं, साथ ही सार्वजनिक स्थानों को 'हाई रिस्क जोन' बनने से बचाने की आवश्यकता जताई।
  • दिल्ली में लगातार बढ़ती यौन उत्पीड़न की घटनाओं, प्रशासनिक खामियों और खराब सुरक्षा के कारण सुप्रीम कोर्ट ने कानून व्यवस्था की गंभीर विफलता पर ध्यान आकर्षित किया है।
  • कोर्ट ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को जवाबदेही तय करने के लिए कहा है और घटनाओं की रोकथाम के लिए संवैधानिक अधिकारों के तहत सुरक्षा सुनिश्चित करने के कदम उठाने निर्देश दिए हैं।
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अनीषा माथुर

दिल्ली-NCR में हालिया रेप की घटनाओं का सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है. सर्वोच्च अदालत ने राजधानी की कानून-व्यवस्था पर कड़ी नाराजगी जताई. 28 सितंबर को कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लगातार यौन उत्पीड़न की घटनाएं हुई हैं. ऐसी खबरें बेहद दुखद हैं. कालकाजी रेप केस और दिल्ली में चलती बस में बलात्कार जैसे मामलों को कोर्ट ने सिस्टम की नाकामी बताया. सुनवाई के दौरान 2012 के निर्भया कांड का भी जिक्र हुआ.

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सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने कहा कि ऐसी घटनाओं को लेकर जवाबदेही तय करने की जरूरत है. कोर्ट ने पुलिस, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को भी खरी-खरी सुनाई. जस्टिस जेबी पारदीवाला ने कहा कि पार्क और बसों जैसे पब्लिक स्पेस को 'हाई रिस्क जोन' बनने की इजाजत नहीं दी सकती.

इंडिया टुडे से जुड़ीं अनीषा माथुर की रिपोर्ट के मुताबिक, 4 अगस्त को ग्रेटर नोएडा से दिल्ली के बीच चलती स्लीपर बस में एक नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा,

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"इस घटना से 2012 की निर्भया घटना की दर्दनाक यादें ताजा हो गईं."

16 दिसंबर 2012 को दिल्ली में एक चलती बस में एक युवती के साथ गैंगरेप हुआ था. 29 दिसंबर 2012 को सिंगापुर में इलाज के दौरान पीड़िता की मौत हो गई. इस घटना को 'निर्भया' केस नाम दिया गया था. निर्भया कांड के बाद ही यौन उत्पीड़न से जुड़े कानूनों को और कठोर किया गया.

4  अगस्त के केस पर कोर्ट ने कहा कि ग्रेटर नोएडा से दिल्ली के बीच 47 किलोमीटर तक के सफर के दौरान पुलिस इस घटना को नहीं रोक पाई. कोर्ट ने कहा कि अपराध की ये घटनाएं बताती हैं कि कानून व्यवस्था फेल है. लीगल वेबसाइट लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, बेंच ने कहा,

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"दिल्ली-NCR में हाल ही में हुए यौन अपराधों के केस और इन घटनाओं पर गौर करने से साफ पता चलता है कि कानून लागू करने वाली एजेंसियां ​​और सरकारी अधिकारी आम लोगों को सुरक्षा की गारंटी देने में सिस्टमैटिक तौर पर नाकाम रहे हैं."

कोर्ट ने कहा कि हिंसा के डर के बिना सम्मान के साथ जीना संविधान का दिया मूल अधिकार है. भारत में आर्टिकल 21 के तहत ये अधिकार हर नागरिक को हासिल है. ऐसे में रोड, पार्क, बसों, मेट्रो स्टेशन, सबवे, फुटब्रिज को रोशन की कमी, खराब सर्विलांस, गश्त की कमी समेत दूसरी प्रशासनिक खामियों के कारण 'हाई रिस्क जोन' नहीं बनने दिया जा सकता. अदालत ने कहा कि हिंसा के डर से आजाद होकर इज्जत से जीना संविधान से मिला एक मूल अधिकार है. भारत में आर्टिकल 21 के तहत हर नागरिक को ये अधिकार हासिल है. 

यह भी पढ़ें: 'सलवार उतारना, ब्रेस्ट दबाना रेप नहीं', पटना HC के फैसले पर SC ने लिया स्वतः संज्ञान

बेंच ने कहा कि सरकारी अधिकारियों और चुने हुए प्रतिनिधियों के लिए ऐसी घटनाओं पर चिंता जताना और एकजुटता दिखाना काफी नहीं है. कोर्ट ने कहा कि उन नाकामियों के लिए अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए, जिसकी वजह से ऐसी घटनाएं होती हैं.

दिल्ली में 2 हफ्तों में 4 रेप केस

स्वरूप नगर गैंगरेप और मर्डर केस: 10 सितंबर को उत्तर-पश्चिम दिल्ली में 17 साल की लड़की के साथ उसके दोस्त और अन्य लोगों ने गैंगरेप किया. फिर चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी. पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें से तीन नाबालिग हैं.

देशबंधु गुप्ता रोड रेप केस: 14 सितंबर को सेंट्रल दिल्ली के देशबंधु गुप्ता रोड पर 6 साल की एक मासूम बच्ची के साथ रेप किया गया. इस मामले में पुलिस ने आरोपी अंकित को गिरफ्तार कर लिया है.

सदर बाजार रेप केस: 17 सितंबर को पुरानी दिल्ली के सदर बाजार में 11 साल की बच्ची के हाथ-पैर बांधकर दुकान के अंदर उससे रेप किया गया. आरोप एक 56 साल के दर्जी मकसूद पर लगा. पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया, और फिर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

आस्था कुंज पार्क गैंगरेप केस: 21 सितंबर को कालकाजी मंदिर के पास आस्था कुंज पार्क में 17 साल की लड़की के साथ फर्जी पुलिसकर्मी बनकर आए तीन पुरुषों ने गैंगरेप किया. पुलिस ने तीनों आरोपियों- आसिफ, हेमंत और मुकेश को गिरफ्तार कर लिया है.

चलती बस में गैंगरेप

4 अगस्त को ग्रेटर नोएडा से दिल्ली जा रही 11वीं क्लास की 16 साल की छात्रा के साथ गैंगरेप हुआ. छात्रा को बारिश के दौरान बस ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप ने कथित तौर पर लिफ्ट दी और 47 किमी के सफर के दौरान  गैंगरेप किया. आरोपियों ने लड़की को कश्मीरी गेट के पास छोड़ दिया और धमकी देकर फरार हो गए.

वीडियो: कालकाजी गैंगरेप केस के बाद दिल्ली की कानून व्यवस्था पर सवाल

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