अपने लक्षणों को बार-बार इंटरनेट पर सर्च करके खुद को किसी गंभीर बीमारी का मरीज़ मान लेना और फिर उसे लेकर खूब चिंता करना, साइबरकोंड्रिया कहलाता है. आजकल कई लोग इसी साइबरकोंड्रिया का शिकार हो रहे हैं. वो पहले गूगल या किसी AI प्लेटफॉर्म्स पर अपनी दिक्कत डालकर सर्च करेंगे. फिर जो रिज़ल्ट आएगा, उससे परेशान होंगे. इसलिए सेहत के इस एपिसोड में हम आपको बताएंगे कि मेडिकल सलाह के लिए किस हद तक AI पर भरोसा किया जा सकता है. हर लक्षण ऑनलाइन सर्च करने के क्या नुकसान हैं. इंटरनेट और AI का सही इस्तेमाल कैसे करें. कब AI से पूछें और कब डॉक्टर के पास जाएं. साथ ही, दो बातें और पता करेंगे. पहली, मणिपुर में बढ़े डेंगू, टाइफाइड, स्क्रब टायफस के मामले. दूसरी, आइसक्रीम और फ्रोज़न डिज़र्ट में फ़र्क कैसे करें. देखें वीडियो.
सेहत: AI को डॉक्टर बनाना जानलेवा!
लोग लक्षणों के आधार पर खुद ही बीमारी का पता लगाने लगे हैं.
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