सालों से सिगरेट पी रहे, अचानक छोड़ने पर शरीर में क्या होगा? डॉक्टर ने एक-एक बात बताई
अच्छी बात ये है कि आपने जिस पल से सिगरेट छोड़ी, शरीर खुद को ठीक करना शुरू कर देता है. सिगरेट छोड़ने के पहले तीन घंटों, तीन दिनों, तीन हफ्तों और तीन महीनों में क्या होता है, ये आज डॉक्टर से जान लीजिए. साथ ही ये भी जानिए कि सिगरेट पीना छोड़ें कैसे.
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सिगरेट छोड़ना चाहते हैं तो ये खबर आपके लिए है. (फोटो- इंडिया टुडे)
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सिगरेट छोड़ने के बाद शरीर और फेफड़ों में सुधार प्रक्रिया शुरू हो जाती है, जिससे 3 से 4 महीने में फेफड़ों की सामान्य कार्यप्रणाली कुछ हद तक बहाल हो पाती है।
सिगरेट पीने के कारण फेफड़ों को नुकसान होता है, जिससे COPD, अस्थमा और ILD जैसी बीमारियां होती हैं, जो सांस लेने की क्षमता को प्रभावित करती हैं।
सिगरेट छोड़ने से फेफड़ों को होने वाले आगे के नुकसान को रोका जा सकता है, और किसी भी स्तर पर छोड़ने पर स्वास्थ्य में सुधार का मौका मिलता है।
25 अगस्त 2026 (अपडेटेड: 25 अगस्त 2026, 03:58 PM IST)
सिगरेट पीना कई लोग मज़े में शुरू करते हैं. फिर धीरे-धीरे उन्हें इसकी लत लग जाती है. क्योंकि बिना सिगरेट पिए, न वो सुबह फ्रेश हो पाते हैं, न अपने काम में मन लगा पाते हैं और न ही स्ट्रेस झेल पाते हैं. ख़ुशी हो या गम, सिगरेट हर मौके की ज़रूरत बन जाती है. और इसका नुक़सान कौन उठाता है? आपका शरीर, खासकर आपके फेफड़े.
लेकिन अच्छी बात ये है कि आपने जिस पल से सिगरेट छोड़ी, शरीर खुद को ठीक करना शुरू कर देता है. सिगरेट छोड़ने के पहले तीन घंटों, तीन दिनों, तीन हफ्तों और तीन महीनों में क्या होता है, ये जानेंगे आज सेहत के इस एपिसोड में. डॉक्टर से ये भी समझेंगे कि रोज़ सिगरेट पीने से शरीर को कितना नुकसान पहुंचता है. क्या सिगरेट छोड़ने पर ये नुकसान पूरी तरह ठीक हो सकता है. क्या लंबे समय तक सिगरेट पीने वालों को भी इसका फायदा मिलता है? और सिगरेट छोड़ने के प्रभावी तरीके क्या हैं?
सिगरेट कैसे नुकसान पहुंचाती है?
- रोज़ सिगरेट पीने से शरीर को बहुत नुकसान हो सकता है
- सिगरेट में कई तरह के हानिकारक केमिकल्स होते हैं
- इनमें करीब 30 केमिकल्स ऐसे हैं, जो कैंसर का कारण बन सकते हैं
- बाकी सैकड़ों केमिकल्स फेफड़ों को अलग-अलग तरह से नुकसान पहुंचा सकते हैं
- सिगरेट पीने से COPD, अस्थमा और ILD जैसी फेफड़ों की बीमारियां हो सकती हैं
- अस्थमा और COPD को आमभाषा में अक्सर दमे की बीमारी कहा जाता है
- इनसे फेफड़ों की काम करने की क्षमता धीरे-धीरे कम हो सकती है
- मरीज़ को ऑक्सीज़न थेरेपी देनी पड़ सकती है
- बार-बार खांसी और गले में खराश जैसी समस्याएं हो सकती हैं
- बीमारी बढ़ने पर इनहेलर की ज़रूरत पड़ सकती है
- अगर बीमारी ज़्यादा गंभीर हो जाए, तो बार-बार अस्पताल में भर्ती होना पड़ सकता है
सिगरेट छोड़ने के बाद शरीर में क्या होता है?
- सिगरेट छोड़ते ही शरीर और फेफड़ों में सुधार शुरू हो जाता है
- कई स्टडीज़ में देखा गया है कि आखिरी सिगरेट पीने के कुछ घंटों बाद ही फेफड़ों में सुधार होने लगता है
- 2 से 3 दिन में आपको कुछ बदलाव महसूस होने लग सकते हैं
- अगर सिगरेट की वजह से फेफड़ों को नुकसान हुआ है
- तब 10-12 हफ्तों में फेफड़ों के काम करने की क्षमता सुधरने लगती है
- कुछ लोगों में 3 से 4 महीने के अंदर फेफड़े सामान्य कामकाज करने लगते हैं
- ये इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप कितनी जल्दी स्मोकिंग छोड़ रहे हैं
- सिगरेट छोड़ने के 3 से 4 घंटे के अंदर फेफड़ों में जमा म्यूकस धीरे-धीरे कम होने लगता है
- फेफड़ों और सांस की नली में हुई जलन और सूजन भी घटने लगती है
- लंबे समय से रहने वाला कफ, गले में खराश और लगातार गला साफ करने की ज़रूरत 2 से 3 दिन में कम हो जाती है
- करीब 2 हफ्ते बाद आपको चलने-फिरने में पहले से कम परेशानी महसूस होती है
- फेफड़ों के काम करने की क्षमता मापने के लिए PFT (पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट) किया जाता है
- सिगरेट छोड़ने के 4-6 हफ्तों के भीतर इसमें भी सुधार हो सकता है.
डॉ. शाहिद पटेल, कंसल्टेंट पल्मोनोलॉजिस्ट, मेडिकवर हॉस्पिटल्स, नवी मुंबई
लंबे समय तक सिगरेट पीने वालों को भी फ़ायदा?
- अगर आप लंबे समय से सिगरेट पी रहे हैं, तब भी इसे छोड़ने का फ़ायदा होता है
- बीमारी के किसी भी स्टेज पर सिगरेट छोड़ने का फ़ायदा होता ही है
- दरअसल, जब तक आप सिगरेट पीते रहते हैं
- तब तक फेफड़ों को लगातार नुकसान पहुंचता रहता है
- किसी भी समस्या को ठीक करने के लिए उसकी वजह को रोकना बहुत ज़रूरी है
- अगर फेफड़ों की समस्या सिगरेट की वजह से है और आप लगातार स्मोकिंग कर रहे हैं
- तब वो समस्या कभी भी पूरी तरह ठीक नहीं होगी
- आप किसी भी स्टेज पर सिगरेट छोड़ते हैं, तो इसका फ़ायदा ज़रूर होता है
- अगर आप सोचते हैं, 'मैं 40 साल से सिगरेट पी रहा हूं, अब छोड़ने से क्या फ़ायदा होगा?
- तो ऐसा सोचना सही नहीं है, आपको फ़ायदा ज़रूर होगा
- सिगरेट छोड़ने से कम से कम आगे होने वाले नुकसान को रोका जा सकता है
- अगर आप कम उम्र में या बीमारी के शुरुआती दौर में सिगरेट छोड़ देते हैं
- तब फेफड़ों को काफी हद तक रिकवर होने का मौका मिल सकता है
- लेकिन अगर आप 30-40 साल से सिगरेट पी रहे हैं
- तो फेफड़ों को कुछ स्थायी नुकसान हो चुका होता है
- ये नुकसान भले ही ठीक न हो, पर आगे नुकसान नहीं होगा
- सबसे पहले आपके अंदर सिगरेट छोड़ने की इच्छा और मज़बूत इरादा होना ज़रूरी है
- स्मोकिंग एक लत है, इसलिए इसे छोड़ने के लिए सही तरीके और मदद की ज़रूरत पड़ सकती है
- इसके बाद डॉक्टर की सलाह से दवाइयों की मदद ली जा सकती है, जैसे बुप्रोपियन और वेरेनिकलाइन
- निकोटीन पैच, निकोटीन टैबलेट और निकोटीन गम भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं
- इसे निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी कहा जाता है
- डी-एडिक्शन थेरेपी भी काफी मददगार हो सकती है
- इसके लिए मनोचिकित्सक या लत छुड़ाने में विशेषज्ञ डॉक्टर की मदद ली जा सकती है
- आज सिगरेट छोड़ने के लिए कई प्रभावी इलाज और तरीके उपलब्ध हैं
- लेकिन शुरुआत आपके इस फैसले से होती है कि आपको सिगरेट छोड़नी है
सिगरेट छोड़ने के बाद कई लोगों की सांस फूलने लगती है. बेचैनी, स्ट्रेस हो जाता है. ये निकोटीन छोड़ने के दौरान होने वाले विदड्रॉल के आम लक्षण हैं, और कुछ वक्त बाद धीरे-धीरे कम होने लगते हैं. इसलिए इनसे घबराएं नहीं. आप सिगरेट छोड़ने के दौरान खुद को हाइड्रेटेड रखें. डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज़ करें. ध्यान लगाएं, और हेल्दी चीज़ें खाएं. इनसे विदड्रॉल के लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है.
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
वीडियो: 30-40 साल से स्मोकिंग कर रहे, फिर भी होगा सिगरेट छोड़ने से फ़ायदा