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NSE की लिस्टिंग के बीच BSE शेयर 2% तक गिरे, खरीदने से पहले Macquarie की राय जान लें!

बीएसई के शेयरों में साल 2026 में अब तक कुल मिलाकर लगभग 25% की बढ़ोतरी हुई है. लंबी अवधि में कंपनी के शेयरों में एक साल में 57% की उछाल आई है.

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ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने बीएसई के शेयरों को 'अंडरपरफॉर्म' रेटिंग दी है (Courtesy: India Today)

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  • आज भारतीय शेयर बाजार में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के शेयरों की लिस्टिंग हुई, जिसकी वजह से बीएसई के शेयरों में 1.5% की गिरावट दर्ज की गई।
  • एनएसई का मार्केट कैप 4.45 लाख करोड़ रुपये से अधिक है, जो बीएसई के 1.33 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप से काफी बड़ा है, जिससे निवेशकों की रुचि एनएसई की ओर बढ़ी।
  • मैक्वेरी ने बीएसई के शेयरों को 'आउटपरफॉर्म' रेटिंग दी है जबकि जेफरीज ने 'अंडरपरफॉर्म' रेटिंग देकर अगले समय में शेयर मूल्य में अस्थिरता का संकेत दिया है।

आज 24 सितंबर  को बीएसई (BSE) के शेयरों में 1.5% की गिरावट आई. आज भारतीय शेयर बाजार में एक और स्टॉक एक्सचेंज की लिस्टिंग हुई. एनएसई के शेयरों के सूचीबद्ध होने के बाद बीएसई के शेयर गिरकर 3,221 रुपये प्रति शेयर पर आ गए. 

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एनएसई (NSE) ने 4.45 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के मार्केट कैप के साथ शुरुआत की. भारत का दूसरा सबसे बड़ा सूचीबद्ध स्टॉक एक्सचेंज बन गया. एनएसई का मार्केट कैप बीएसई के वर्तमान 1.33 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप से काफी अधिक है. शेयर बाजार में लिस्टेड शेयरों की कुल कीमत को मार्केट कैप कहते हैं. 

एनएसई का इनीशियल पब्लिक ऑफर (आईपीओ) इस महीने की शुरुआत में लॉन्च किया गया था. इसका उद्देश्य मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 12.64 करोड़ शेयरों की बिक्री के जरिए 22,562 करोड़ रुपये जुटाना था. 

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एनएसई के शेयर 1,700 रुपये से 1,785 रुपये प्रति शेयर के प्राइस बैंड पर पेश किए गए. 8 शेयरों के लॉट साइज के साथ, न्यूनतम खुदरा आवेदन राशि 14,280 रुपये है. आईपीओ खुलने से एक दिन पहले स्टॉक एक्सचेंज ने 150 से अधिक एंकर निवेशकों से 6,746 करोड़ रुपये जुटाए.

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BSE के शेयर पर मैक्वेरी की राय

इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक  दुनिया की प्रमुख ब्रोकरेज फर्मों में से एक मैक्वेरी ने बीएसई के शेयरों पर 'आउटपरफॉर्म' रेटिंग दी है. साथ ही, 4,000 रुपये प्रति शेयर के टारगेट प्राइस रखा है. इसका अर्थ है कि शेयर के पिछले बंद भाव 3,270.7 रुपये प्रति शेयर से 22% से अधिक उछलने की संभावना है. अंतर्राष्ट्रीय ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि बीएसई कैश इक्विटी और एफएंडओ में शेयर प्रॉफिट और कमाई बढ़ने से कंपनी को फायदा होगा. 

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कंपनी के शेयरों में साल 2026 में अब तक कुल मिलाकर लगभग 25% की बढ़ोतरी हुई है.  हालांकि, एक महीने में इनमें 1% से थोड़ी अधिक गिरावट आई है. लंबी अवधि में, कंपनी के शेयरों में एक साल में 57% की उछाल आई और तीन साल में 720% से अधिक और पांच साल में 2,413% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया. 

वहीं, ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने बीएसई के शेयरों को 'अंडरपरफॉर्म' रेटिंग दी है और प्रति शेयर 2,940 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है. इसका अर्थ है कि एनएसई पर शेयर के पिछले बंद भाव 3,270.70 रुपये प्रति शेयर से 10% से अधिक की गिरावट की संभावना है.

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