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टिकटॉक, क्लब फैक्ट्री, शीन जैसे ऐप्स क्या अब प्ले स्टोर पर दिखना बंद हो जाएंगे?

भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 29 जून की शाम को 59 मोबाइल ऐप्स को बैन करने की घोषणा की. इनमें टिकटॉक, लाइक, यूकैम मेकअप, क्लब फैक्ट्री और शीन जैसे ऐप शामिल हैं.

प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो द्वारा जारी की गई इस घोषणा में मंत्रालय ने कहा,

130 करोड़ भारतीयों की निजता को सुरक्षित रखने और डेटा सिक्योरिटी को लेकर उठी चिंताओं के बढ़ने के मामले देखे गए हैं. ये चिंताएं हमारे देश की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए एक खतरा हैं. मंत्रालय ने कई स्रोतों से ऐसी शिकायतें प्राप्त की हैं. ये भी पता चला है कि कुछ मोबाइल ऐप यूजर्स का डेटा चुरा कर उन्हें भारत से बाहर के सर्वर पर भेज रहे हैं.

कहा गया कि इन सभी शिकायतों और सलाहों को मद्देनज़र रखते हुए सरकार कुछ ऐप के इस्तेमाल पर रोक लगा रही है, जो मोबाइल और नॉन मोबाइल इंटरनेट डिवाइस पर इस्तेमाल किए जाते हैं. ये कदम करोड़ों भारतीय मोबाइल और इंटरनेट यूजर्स के हितों की रक्षा करेगा. ये निर्णय भारत की साइबर स्पेस की संप्रभुता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए लिया गया है.

बैन को लगाने के लिए इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट 2000 के सेक्शन 69 A का हवाला दिया गया है. इस सेक्शन में बताया गया है कि पब्लिक द्वारा किसी भी कम्प्यूटर रिसोर्स के ज़रिए जानकारी एक्सेस करने पर केंद्र सरकार या उसके अंग रोक लगा सकते हैं.  किस स्थिति में? यहां पढ़ लीजिए:

‘केंद्र सरकार या इसका कोई अधिकारी इस बात को लेकर आश्वस्त है कि ऐसा करना ज़रूरी है, देश की एकता और संप्रभुता के हित में, देश की सुरक्षा के लिए, या राज्य की सिक्योरिटी के लिए, विदेशी राज्यों से दोस्ताना संबंध बनाए रखने के लिए, या फिर पब्लिक ऑर्डर बनाए रखने के लिए, या फिर पब्लिक ऑर्डर को बिगाड़ने के लिए किए जाने वाले अपराधों को रोकने के लिए, तो ये कदम उठाए जा सकते हैं’.

इन परिस्थितियों में सेक्शन 69A का इस्तेमाल करके किसी भी कम्प्यूटर रिसोर्स से मिलने वाली सूचना को प्रतिबंधित किया जा सकता है. अगर इस प्रतिबंध का पालन नहीं होता है तो 7 साल तक का कारावास और जुर्माना देना पड़ सकता है.

क्या है इस बैन का मतलब

अभी तक उपलब्ध जानकारी के मुताबिक़, इसका मतलब ये है कि जैसे किसी बैन की हुई साइट पर जाने पर आप उसे खोल नहीं पाते, उसी तरह ये ऐप भी गूगल प्ले स्टोर और ऐपल के ऐप स्टोर पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध नहीं होंगे. ‘इंडियन एक्सप्रेस’ में छपी रिपोर्ट के मुताबिक़ अगर आपके पास ये ऐप पहले से डाउनलोड किए हुए हैं, तो बिना इंटरनेट के आप इनका इस्तेमाल कर सकेंगे. लेकिन इंटरनेट से कनेक्ट करके इस्तेमाल किए जाने वाले ऐप, जैसे टिकटॉक इत्यादि (जिन पर लगातार वीडियो प्ले होते हैं) खोलने पर आप इन्हें एक्सेस नहीं कर पाएंगे. ये रोक सीधे इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर की तरफ से होगी, जिन्हें सरकार के आदेशों का पालन करते हुए इन ऐप का इंटरनेट एक्सेस रोकना होगा.

क्या असर पड़ेगा इस बैन का

इनमें कई ऐप ऐसे हैं, जो कि काफी पॉपुलर हैं. जैसे टिकटॉक के ही लगभग 10 करोड़ यूजर हैं देश में. इनमें से कई लोग अपने वीडियो के ज़रिए पैसे कमाते हैं. उनके लिए ये स्रोत बंद हो जाएगा, जब तक कि इसका कोई दूसरा विकल्प नहीं मिल जाता. शेयरइट भी इस लिस्ट में शामिल है. इसका इस्तेमाल कई लोग अपनी फाइलें इत्यादि भेजने के लिए करते हैं. उन्हें भी नए विकल्प ढूंढने होंगे.

क्या ये बैन हमेशा के लिए रहेगा?

कुछ समय पहले मद्रास हाई कोर्ट ने भी टिकटॉक पर बैन लगाया था. बैन के बाद ये ऐप डाउनलोड के लिए दिखना बंद हो गया था. टिक टॉक की पेरेंट कंपनी बाइट डांस ने कोर्ट में याचिका लगाई कि बैन से कई लोगों की आजीविका खतरे में  पड़ जाएगी. इसके बाद बैन हटा और सभी ऐप फिर से डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो गए.

खबर लिखे जाने तक टिक टॉक समेत कुछ ऐप्स प्ले स्टोर से गायब हो चुके हैं. इन ऐप्स का नाम सर्च करने पर उनसे रिलेटेड ऐप्स नज़र आ रहे हैं. हालांकि, लिस्ट में मौजूद ज्यादातर ऐप्स पहले की तरह ही दिख रहे हैं. इंस्टॉल करने का ऑप्शन भी पहले की तरह ही दिख रहा है. कहा जा रहा है कि एक-एक करके ये सभी ऐप्स भारत में दिखने बंद हो जाएंगे.


वीडियो: जम्मू-कश्मीर सरकार ने कहा- पर्याप्त मात्रा में एलपीजी सिलेंडर स्टॉक कर लें 

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