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राहुल गांधी को नोबेल विनर अभिजीत बनर्जी ने कोरोना से निपटने के ये दो रामबाण उपाय बताए!

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी से बात की. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए.  कोरोना वायरस की वजह से अर्थव्यवस्था पर आई मुसीबत पर ये बातचीत हुई.

दोनों ने अर्थव्यवस्था की चुनौतियों और कोरोना संकट से निकलने को लेकर चर्चा की. बनर्जी ने इस दौरान सलाह दी कि लोगों के हाथ में कैश पहुंचाने की जरूरत है. ऐसे में इस वक्त लोगों के कर्ज माफ कर, उन्हें कैश की मदद देनी चाहिए.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि बैंकों के सामने कई तरह की चुनौती होगी और नौकरी बचाना मुश्किल होगा.

इसपर अभिजीत ने कहा कि ये बिल्कुल सच होने जा रहा है, ऐसे में देश में आर्थिक पैकेज की दरकार है. अमेरिका-जापान जैसे देशों ने ऐसा किया है, लेकिन हमारे यहां नहीं हुआ. छोटे उद्योगों की मदद करनी चाहिए, इस तिमाही का ऋण भुगतान खत्म कर देना चाहिए.

अभिजीत ने कहा कि भारत में अभी मांग की समस्या है, क्योंकि किसी के पास पैसा नहीं है तो कोई कुछ खरीद ही नहीं रहा है. ऐसे में लोगों को आर्थिक मदद पहुंचाने में किसी तरह की देरी बेकार है. अभिजीत ने कहा कि लॉकडाउन की वजह से जहां पर कारोबार पूरी तरह से ठप हैं, वहां आर्थिक मदद की ज्यादा जरूरत है.

# लॉकडाउन पर क्या बोले अभिजीत?

राहुल गांधी ने सुझाव दिया कि लॉकडाउन से जितनी जल्दी बाहर आया जाए, उतना अच्छा है. उसके बाद भी एक प्लान होना चाहिए, वरना सारा पैसा बेकार है. इसपर अभिजीत ने कहा कि हमें महामारी के बारे में पता होना चाहिए, लॉकडाउन को बढ़ाने से कुछ नहीं होगा.

राहुल गांधी ने पूछा कि आज देश में राशन कार्ड काफी कम है, लोगों के पास खाना नहीं है. अभिजीत बोले कि हमने इसपर पहले भी सलाह दी है कि सरकार को अभी राशन कार्ड जारी करने चाहिए, जो कम से कम तीन महीने के लिए काम करें और हर किसी को मुफ्त में राशन मिल सके. हर किसी को इस वक्त चावल, दाल, गेहूं और चीनी की जरूरत है.

अभिजीत ने कहा कि अगर हर किसी को पैसा पहुंचाना है तो उसके लिए एक वातावरण चाहिए, जिसके पास खाता है उसे मिल सकता है. लेकिन अगर किसी के पास बैंक खाता नहीं है तो उसके बारे में भी सोचना होगा. ऐसे में राज्य सरकारों को अधिक से अधिक मदद देनी होगी, ताकि किसी तरह से आम लोगों तक पैसा पहुंच पाए. केंद्र को गरीबों के लिए नई योजना लाने की जरूरत है. राज्यों और जिला अधिकारियों को गरीबों को सीधा लाभ पहुंचाने की जरूरत है.

अभिजीत ने बताया कि इंडोनेशिया इस वक्त लोगों को कैश ट्रांसफर कर रहा है, वहां लोगों पर ही छोड़ रहे हैं कि किसे इस वक्त पैसे की जरूरत है. सरकार से अधिक लोगों को पता होता है कि किसे इस वक्त पैसों की जरूरत है.


ये वीडियो भी देखें:

लॉकडाउन 3.0 के लिए सरकार ने जो ई-पास शुरू किया है, उसके बारे में सब कुछ जानिए

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