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जानिए क्या है ‘हुडिनी ट्रिक’, जिसे दिखाने के लिए कोलकाता के जादूगर पानी में गए, लेकिन बाहर नहीं आए

अगर मैं इसे सही करूंं तो ये मैजिक है, अगर गलत करूं, तो ट्रैजिक.


यही वो लाइनें हैं जो पश्चिम बंगाल के जादूगर ने अपना आखिरी जादू दिखाने से पहले कही. किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि जादूगर जिस गलती की बात कर रहे हैं, वो शायद इसी कारनामे के दौरान कर बैठेंगे. एक गलती हुई और 41 साल के चंचल लहरी मौत की आगोश में चले गए.

जादूगर चंचल ने जीवन की ये आखिरी गलती 16 जून के दौरान की. रविवार का था. चंचल लहरी ने बाकायदा प्रशासन से जादू दिखाने की अनुमति मांगी थी. लेकिन इस अनुमति मांगने के दौरान भी वो पुलिस के साथ एक ट्रिक खेल गए. अगर वो ऐसा नहीं करते तो चंचल शायद दुनिया के सामने ज़िंदा होते. उन्होंने क्या ट्रिक खेली हम आपको आगे बताएंगे. फिलहाल उस दिन का ज़िक्र जिस दिन उन्होंने ‘हुडिनी ट्रिक’ दोहराने की एक असफल कोशिश की.

तो, दिन रविवार का था. चंचल अपनी टीम के साथ हावड़ा ब्रिज के नीचे पहुंचे थे. ‘हुडिनी ट्रिक’ दोहराने के लिए वे पूरी तरह से तैयार थे. नदी के किनारे दर्शकों की भीड़ तालियों से जादूगर का हौंसला आफज़ाई कर रही थी. इसी दौरान जादूगर के हाथ-पैर बांधे गए. फिर उनके शरीर को चेन से बांधा गया. चेन ना खुल जाए इसीलिए ताले भी लगाए गए. उसके बाद क्रेन की मदद से उन्हें नदी में डाल दिया गया.

नदी किनारे खड़ी भीड़ चंचल का हौसला आफज़ाई कर रही थी
नदी किनारे खड़ी भीड़ चंचल का हौसला आफज़ाई कर रही थी

जादू के मुताबिक उन्हें कुछ ही मिनटों में ताला और रस्सी खोलकर, पानी से बाहर आ जाना था. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. 10 मिनट तक भी जब वो बाहर नहीं आए, तब लोगों ने चिल्लाना शुरू कर दिया. किसी ने जाकर पुलिस को इस बात की जानकारी दी. फिर पुलिस दल बल के साथ पहुंच गई, साथ में डाइवर्स भी बुलाए गए. जादूगर को खूब ढूंढा गया. लेकिन वो ज़िंदा नहीं मिले. मिली तो उनकी लाश. जिस जगह पर उन्होंने डुबकी लगाई थी उसके 1 किलोमीटर दूर.

पीटीआई के मुताबिक-

चंचल ने कोलकाता पुलिस से जादू दिखाने की परमिशन तो ली थी लेकिन असल में वो क्या एक्ट करने वाले थे उसे वो छिपा ले गए थे, उन्होंने जो एप्लिकेशन पुलिस के सामने दी थी उसमें सिर्फ एक नाव का ज़िक्र था. उन्होंने अस्पष्ट रूप से किसी ‘एक्सट्रा एक्ट’ का भी ज़िक्र किया था. लेकिन पानी वाले एक्ट की बात उन्होंने छिपा ली थी. अगर वो एप्लिकेशन में जानकारी देते तो शायद नतीजा कुछ और होता.

चंचल लहरी इससे पहले भी हुडिनी ट्रिक कर चुके हैं. (तस्वीर सोशल मीडिया)
चंचल लहरी इससे पहले भी हुडिनी ट्रिक कर चुके हैं. (तस्वीर सोशल मीडिया)

स्थानीय मीडिया के मुताबिक उन्हें इस बात का भरोसा था कि वो इस ट्रिक को पहले की तरह आसानी से कर लेंगे. क्योंकि चंचल ने इससे पहले भी साल 2002 और 2013 में इस ट्रिक को दोहरा चुके थे. हालांकि उस दौरान उनकी सुरक्षा के लिए पुलिस और डाइवर्स की टीम भी मुस्तैद थी.

# हुडिनी ट्रिक क्या है ?

दरअसल हुडिनी ट्रिक मशहूर जादूगर हैरी हुडिनी के नाम पर पड़ा है. 1899 के दौर में वो ऐसे जादू दिखाया करते थे जो आज की तारीख में भी कोई नहीं कर पाया. चाहे खुद को लॉक करके पानी में कूद जाना, लोहे के बॉक्स में बंद करके जानलेवा स्टंट दिखाना इसके अलावा ना जाने कितने ही एक्ट. हुडिनी के बाद कई जादूगर ने उनके ट्रिक को आजमाने की कोशिश की. जिसमें कुछ सफल हुए तो कुछ असफल.

हैरी हुडिनी तरह-तरह की कई खतरनाक जादू दिखाया करते थे.
हैरी हुडिनी कई तरह की खतरनाक जादू दिखाया करते थे. हुडिनी वाटर स्टंट हैरी हुडिनी के स्टंट से ही प्रेरित था. (तस्वीर- विकिपीडिया)

# हुडिनी ‘वाटर’ ट्रिक क्या है?

हुडिनी के वाटर ट्रिक में जादूगर के हाथ और पैर बांध दिए जाते हैं. हाथ-पैर बांधने के बाद उसमें चेन के साथ ताला भी लगाया जाता है. ताकि किसी भी तरीके से खुले ना. इतना कुछ करने के बाद जादूगर को पानी में डाल दिया जाता है. पानी में डालने के कुछ ही सेकेंड में जादूगर खुद से चेन और हथकड़ी खोलकर पानी के बाहर आ जाता है. अब हैरी हुडिनी पानी के बाहर आने के लिए क्या ट्रिक आज़माया करते थे, ये तो वो ही जाने. लेकिन आज की खबर यही है कि इस ट्रिक को करने के दौरान पश्चिम बंगाल के 40 साल के एक जादूगर चंचल लहरी अपनी जान गंवा बैठे.


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