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ज़मीन पर पड़े घायल किसान और सबस्टेशन में लगी आग के बीच उन्नाव ज़मीन का पूरा मामला समझिए

उत्तर प्रदेश के उन्नाव में किसानों ने ज़मीन के मुआवजे के लिए जमकर बवाल काटा. सैकड़ों की संख्या में धरना प्रदर्शन किया. किसानों का कहना है कि उन्हें उनकी ज़मीन के एवज में सही मुआवजा नहीं दिया गया. जबकि ज़िले के डीएम देवेंद्र पांडे का कहना है किसानों का जितना मुआवजा बनता है वो दिया जा चुका है. प्रशासन के पास इनका कोई बकाया नहीं है.

विवाद क्या है विस्तार से समझिए?

उन्नाव में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम की ट्रांस गंगा सिटी परियोजना के तहत किसानों की ज़मीन अधिग्रहित की गई. जिसके बाद किसानों को सरकारी रेट से मुआवजा दे दिया गया. लेकिन किसानों के मुताबिक जो मुआवजा दिया गया वो काफी कम था, जिसके बाद वो और मुआवजे की मांग करने लगे. काफी दिनों से मुआवजे की मांग जब अनदेखी की गई तो किसानों ने धरना प्रदर्शन करना शुरू कर दिया. इसके बाद पुलिस ने जब प्रदर्शन शांत कराने की कोशिश की तब मामला बिगड़ गया और दोनों के बीच झड़प की स्थिति उत्पन्न हो गई. यहां तक कि किसानों के गुस्से को शांत करने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज भी करनी पड़ी.

16 नवंबर को हुए इस प्रदर्शन की चिंगारी अगले दिन भी शांत नहीं हुई. 17 नवंबर के दिन गुस्साए किसानों ने सब स्टेशन के पाइप लाइन को आग के हवाले कर दिया. इस आग पर पुलिस ने बहुत ही मुश्किल से काबू पाया. ये सबस्टेशन ट्रांस गंगा सिटी एरिया के एक किमी के दायरे में ही बना था.

इस मामले का वीडियो देखिए-

किसानों के हंगामे को देखते हुए 12 थानों की फोर्स के साथ पीएसी की तैनाती की गई. लेकिन किसानों का विरोध नहीं रुक रहा है. पुलिस और किसानों की झड़प में 5 पुलिस वाले घायल हुए हैं, जबकि पुलिस ने 30 नामजद समेत 230 लोगो. के खिलाफ केस दर्ज किया है. वहीं इस मामले में 5 लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है.

किसान और पुलिस के बीच हुई झड़प के बीच एक वीडियो भी काफी वायरल हो रहा है जिसमें पुलिस ज़मीन पर पड़े किसान को पीट रही है. इस वीडियो को शेयर करके लोग पुलिस की निंदा कर रहे हैं.

किसान नेता सनोज यादव ने आरोप लगाया कि-

सरकार ने गलत तरीके से किसानों की जमीन अधिग्रहीत की है. ऐसे में किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए. साथ ही नौकरी व डेवलेपमेंट लैंड जमीन मुहैया कराई जाए.

उन्नाव विवाद पर प्रियंका गांधी ने यूपी सरकार को निशानने पर लिया है. उन्होंने लिखा-

उप्र के सीएम क्या केवल किसानों पर लच्छेदार भाषण ही दे पाते हैं? क्योंकि भाजपा सरकार में किसानों का अपमान ही होता रहता है. उन्नाव में जमीन का मुआवजा मांग रहे किसानों की पुलिस ने बेरहमी से पिटाई की. महिला किसानों को भी पीटा गया. किसानों की जमीन ली है तो मुआवजा तो देना ही होगा.

अभी फिलहाल इस मामले में कोई बीच का रास्ता नहीं निकल पाया है. वहीं दूसरी तरफ उन्नाव के ज़िलाधिकारी हालात को पूरी तरह से काबू में बता रहे हैं. मीडिया से बातचीत में डीएम ने कहा, हम गांवों में जाएंगे और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करेंगे. यह उपद्रवियों का काम है.


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