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#JusticeForGeorgeFloyd का मैसेज देने वाले अंग्रेज फुटबॉलर को किस बात की सजा मिली?

जेडन सांचो. इंग्लैंड के फुटबॉलर हैं. लीग फुटबॉल में जर्मनी के क्लब बोरुशिया डॉर्टमंड के लिए खेलते हैं. जर्मन फुटबॉल लीग दोबारा शुरू हो चुकी है. बिना फैंस के मैच खेले जा रहे हैं. बीते संडे, 31 मई को डॉर्टमंड ने फडाबॉन को 6-1 से हराया. इस जीत में सांचो ने तीन गोल मारे. यह उनके प्रोफेशनल करियर की पहली हैटट्रिट की थी.

इस हैटट्रिक के दौरान सांचो ने अपनी जर्सी उतारी. जर्सी के नीचे उन्होंने जो अंडरशर्ट पहनी थी, उस पर लिखा था, ‘Justice For George Flyod’. रेफरी ने इस हरकत के लिए उन्हें पीला कार्ड दिखा दिया. फुटबॉल में पीला कार्ड चेतावनी के लिए दिखाया जाता है. दो पीले कार्ड मिलने पर प्लेयर को मैदान से जाना पड़ता है.

जहां लोगों ने सांचो के इस संदेश की खूब सराहना की, वहीं रेफरी के फैसले ने एक नई बहस छेड़ दी. लोगों को लगता है कि सांचो ने दुनिया के सबसे ज्यादा देखे जाने वाले खेल का बेहतरीन इस्तेमाल किया, जबकि रेफरी और नियम बनाने वालों की ओर से देखें, तो रेफरी ने भी कुछ ग़लत नहीं किया. चलिए आपको बताते हैं कि रेफरी ने सांचो को चेतावनी क्यों दी.

# मामला क्या है?

बीते सोमवार को जॉर्ज फ्लॉयड नाम के एक अश्वेत पुरुष का वीडियो सामने आया. वीडियो में साफ दिख रहा था कि एक श्वेत पुलिस ऑफिसर ने फ्लॉयड को जमीन पर गिराकर उनके गले के पिछले हिस्से को अपने घुटने से दबा रखा था. कई मिनट तक वहां पड़े रहने के दौरान फ्लॉयड बार-बार कह रहे थे, ‘मैं सांस नहीं ले पा रहा’ लेकिन ऑफिसर पर इसका कोई असर नहीं पड़ा. अंत में फ्लॉयड ने दम तोड़ दिया. इस घटना के बाद अमेरिका में खूब प्रदर्शन हो रहे हैं. सांचो ने इन प्रदर्शनों को अपना समर्थन देने के लिए मैदान पर हाथ से लिखा संदेश दिखाया.

इस संदेश के बाद मैच रेफरी डैनिएल सीबर्ट ने उन्हें पीला कार्ड दिखाया. दरअसल फीफा के नियमों के मुताबिक, अगर कोई प्लेयर सेलिब्रेशन के दौरान अपनी जर्सी उतारता है, तो उसे चेतावनी दी जानी चाहिए. सीबर्ट नियमों के मुताबिक सही थे. साल 2014 से अंडरगार्मेंट्स पर किसी भी तरह का राजनीतिक, धार्मिक या व्यक्तिगत संदेश लिखने पर रोक है. हालांकि इस मामले में सजा तय करने का अधिकार लीग को होता है.

इस मामले में एपी से बात करते हुए ‘फुटबॉल के भेदभाव विरोधी फेयर नेटवर्क’ के एग्जिक्यूटिव पिएरा पोवार ने कहा,

‘जेडन सांचो या किसी और प्लेयर को एक ऐसे व्यक्ति के समर्थन में बोलने के लिए पीला कार्ड दिखाना, जिसे अनैतिक तरीके से मार दिया गया हो, ग़लत है. यह कोई पार्टी-पॉलिटिक्स से जुड़ा मामला नहीं है, न कि यह कोई ऐसा मामला है, जिससे फुटबॉल पर खतरा हो. यह माइनॉरिटी से जुड़े प्लेयर्स द्वारा चिंता और समर्थन जाहिर करना है.’

सांचो के साथ उनके टीममेट अचरफ हकीमी ने भी ऐसी टी-शर्ट पहनी थी. इनके अलावा पूरी दुनिया के कई एथलीट जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या का विरोध कर चुके हैं. लगातार लोग उनके लिए न्याय की मांग कर रहे हैं.


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