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बिहार चुनाव में जितने उम्मीदवारों पर क्रिमिनल केस हैं, उससे ज्यादा तो करोड़पति हैं

बिहार में 28 अक्टूबर को पहले फेज़ की वोटिंग होनी है. इस चरण के लिए चुनावी मैदान में उतरे उम्मीदवारों का लेखा-जोखा सामने आया है. इसमें बताया गया है कि पहले दौर के प्रत्याशियों में से  31 फीसदी के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं. 23 फीसदी तो गंभीर अपराधों के केसों का सामना कर रहे हैं. रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि 35 प्रतिशत उम्मीदवार करोड़पति हैं.

इस रिपोर्ट को ADR यानी असोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की ओर से जारी किया गया है. पहले चरण में चुनाव लड़ रहे 1066 में से 1064 उम्मीदवारों के शपथपत्रों का विश्लेषण करके ये रिपोर्ट तैयार की गई है. आइए बताते हैं, इस रिपोर्ट की खास बातें क्या-क्या हैं-

किस पार्टी में कितनों पर आपराधिक केस?

– RJD के 41 में से 30 (73 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने खुद पर आपराधिक मामले घोषित किए हैं.
– BJP के 29 में से 21 (72 प्रतिशत) प्रत्याशियों के खिलाफ क्रिमिनल केसों की जानकारी दी गई है.
– LJP के 41 में से 24 (59 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले बताए हैं.
– कांग्रेस के 21 में से 12 (57 प्रतिशत) उम्मीदवार आपराधिक केसों का सामना कर रहे हैं.
– JDU के 35 में से 15 (43 फीसदी) उम्मीदवारों ने इस तरह के केसों की जानकारी दी है.
– BSP के 26 में से 8 उम्मीदवारों (31 फीसदी) ने क्रिमिनल केसों की जानकारी दी है.

गंभीर आपराधिक मामले वाले कितने हैं?

RJD के 41 में से 22 (54 फीसदी) प्रत्याशियों पर गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं. LJP के 41 में से 20 उम्मीदवार (49 फीसदी), BJP के 29 में से 13 (45 प्रतिशत) उम्मीदवार,  कांग्रेस के 21 में से 9 (43 प्रतिशत), JDU के 35 में से 10 (29 फीसदी) और BSP के 26 में से 5 (19 फीसदी) उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामलों की घोषणा की है.

29 उम्मीदवार ऐसे हैं, जिनके विरुद्ध महिलाओं पर अत्याचार से संबंधित मामले दर्ज हैं. इन 29 में से 3 के खिलाफ तो रेप के मुकदमे हैं. वहीं 62 उम्मीदवार ऐसे हैं, जिन पर हत्या के प्रयास की धारा 307 के तहत मामले दर्ज हैं.

यहां आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने क्रिमिनल बैकग्राउंड वाले लोगों को टिकट देने को हतोत्साहित करने के लिए 13 फरवरी 2020 को बड़ा आदेश जारी किया था. इसमें कहा गया था कि पार्टियों को कारण बताना होगा कि उन्होंने आपराधिक छवि वाले लोगों को क्यों चुना और साफ छवि वालों को टिकट क्यों नहीं दिया. लेकिन बिहार मे फर्स्ट फेज़ के चुनाव में ही प्रत्याशियों का रेकॉर्ड देखने से साफ है कि दलों ने कोर्ट के आदेश की भावना को अनदेखा कर दिया है.

अब उम्मीदवारों की संपत्ति की बात

ADR की रिपोर्ट के मुताबिक, पहले चरण में जो उम्मीदवार मैदान में हैं, उनमें से 9 प्रतिशत ऐसे हैं, जिनके पास 5 करोड़ या उससे अधिक संपत्ति है. 12 प्रतिशत प्रत्याशियों ने अपने पास 2 करोड़ से लेकर 5 करोड़ तक संपत्ति का खुलासा किया है. 28 प्रतिशत के पास 50 लाख से लेकर 2 करोड़ तक की संपत्ति है. 30 फीसदी के पास 10 लाख से लेकर 50 लाख तक की दौलत बताई गई है. 22 प्रतिशत ऐसे भी हैं, जिनके पास 10 लाख से कम की संपत्ति है. इस चरण के उम्मीदवारों की औसत संपत्ति करीब 1.99 करोड़ रुपये है.

किस पार्टी में कितने करोड़पति

दलों के हिसाब से करोड़पति उम्मीदवारों का आंकड़ा देखें तो पैसे वालों को सबसे ज्यादा आरजेडी ने मैदान में उतारा है. पहले दौर के 1064 उम्मीदवारों में से 375 यानी 35 फीसदी करोड़पति हैं. आरजेडी के 41 प्रत्याशियों में ऐसे लोगों की संख्या 39  यानी 95 फीसदी है. उसके बाद जेडीयू का नंबर है, जिसके 35 में से 31 यानि 89 फीसदी उम्मीदवार करोड़पति हैं. बीजेपी के 29 में से 24 यानि 83 फीसदी, एलजेपी के 41 में से 30 यानि 73 फीसदी और कांग्रेस के 21 में से 14 यानि 67 फीसदी प्रत्याशी करोड़पति बताए गए हैं. सबसे पीछे बीएसपी है, जिसके 26 में से 12 यानि 46 फीसदी ही उम्मीदवार करोड़पति हैं.

सबसे ज्यादा दौलत किसके पास

पहले चरण में सबसे अमीर उम्मीदवार पटना की मोकामा विधानसभा से आरजेडी के टिकट पर खड़े अनंत कुमार सिंह हैं. इनके पास 68 करोड़ से अधिक की संपत्ति है. दूसरे नंबर पर हैं शेखपुरा के बरबीघा से कांग्रेस के प्रत्याशी गजानंद सिंह, इन्होंने अपने पास 61 करोड़ की संपत्ति घोषित की है. तीसरे नंबर पर हैं जेडीयू की गया की अतरी सीट से उम्मीदवार मनोरमा देवी. इनके पास 50 करोड़ की संपत्ति है.

पढ़ाई-लिखाई के बारे में जान लीजिए

1064 उम्मीदवारों में से 455 यानि 43 फीसदी उम्मीदवार ऐसे हैं, जिनकी पढ़ाई 5वीं से लेकर 12वीं के बीच की है. 522 यानि 49 फीसदी प्रत्याशी स्नातक या इससे अधिक पढ़े हैं. 74 ने अपनी शैक्षणिक योग्यता साक्षर बताई है, वहीं 5 ने खुद को असाक्षर बताया है.

एक बड़ा पहलू इस रिपोर्ट में ये भी पता चलता है कि 11 प्रतिशत महिला उम्मीदवार ही चुनाव मैदान में हैं. 38 फीसदी युवा उम्मीदवार (25 से 40 साल के बीच) भी चुनाव लड़ रहे हैं. 116 यानि 11 प्रतिशत उम्मीदवारों ने अपना पैन नंबर घोषित नहीं किया है.

28 को है पहली वोटिंग

आज 20 अक्टूबर को तीसरे चरण के नामांकन का आखिरी दिन है. पहले चरण के लिए 28 अक्तूबर को वोट पड़ेंगे. उसके बाद 3 नवंबर को दूसरे चरण के लिए और 7 नवंबर को तीसरे चरण के लिए वोटिंग होगी. चुनाव के नतीजे 10 तारीख को सामने आ जाएंगे.


वीडियो- बिहार चुनाव: इस लड़के की बात सुन RJD -JDU को गुस्सा आएगा, प्लूरल्स पार्टी गदगद हो जाएगी

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