Primebook ने अपने लैपटॉप पोर्टफोलियो को बढ़ाते हुए Primebook 3 Max लॉन्च किया है. शायद इतना पढ़कर आपको लगेगा कि Primebook लैपटॉप क्या होता है. तो भईया प्राइमबुक आईआईटी दिल्ली के लड़कों की बनाई कंपनी है. प्राइमबुक एक फील गुड फैक्टर है. बजट लैपटॉप के बाजार में जियो जैसी कंपनी नहीं टिक पाई. इसके बावूद, प्राइमबुक चार दिग्गजों डेल, एचपी, असुस, और लिनोवो के सामने खड़ी हुई है. हमने इनको शार्क टैंक इंडिया सीजन 2 में देखा था. कहने के लिए तो यह स्टार्टअप है लेकिन अब एक कंपनी बन चुकी है. परिचय की रिवायत पूरी, अब बात करते Primebook 3 Max की.
IIT के लड़कों का बनाया Primebook 3 Max लैपटॉप लॉन्च, बड़े ब्रैंड्स को दे रहा तगड़ी टक्कर
IIT दिल्ली के स्टूडेंट्स की बनाई कंपनी प्राइमबुक ने अपने लैपटॉप पोर्टफोलियो को विस्तार दिया है. कंपनी ने Primebook 3 Max लॉन्च किया है. अब मामला यह है कि लैपटॉप तो ल़ॉन्च किया है लेकिन दिग्गज कंपनियों के बीच में जगह बनाना आसान नहीं है.

ये भी देखें: शार्क टैंक में आए इन 4 लड़कों का ये 'सस्ता' प्रोडक्ट Jio का खेल खत्म कर देगा?
एंड्रॉयड बेस्ड लैपटॉप है Primebook 3 Maxकंपनी के थर्ड जनरेशन लैपटॉप की शुरुआती कीमत 35,990 रुपये है. नए लैपटॉप में MediaTek Genio 720 ऑक्टा-कोर प्रोसेसर है. यह 8GB LPDDR5 RAM और 128GB UFS स्टोरेज के साथ आता है, जिसे 1TB तक बढ़ाया जा सकता है. 15.6-इंच वाले मॉडल में फुल एचडी आईपीएस एंटी-ग्लेयर डिस्प्ले है. लैपटॉप में 60.3Wh बैटरी लगी है और 36W USB-C चार्जिंग का भी प्रबंध है. कंपनी का दावा है कि इससे फुल चार्ज में 12 घंटे का बैकअप मिलेगा. जूम और गूगल मीट पर बतियाने के लिए 5MP का वेबकैम है और साथ में जुगजुगाने वाला backlit keyboard भी. कंपनी का दावा है कि यह कॉम्बिनेशन अपने पिछले वर्जन की तुलना में 40% तक बेहतर परफॉर्मेंस देता है.

हार्डवेयर तो अपनी जगह है लेकिन असली बड़ी बात सॉफ्टवेयर के मामले में है. PrimeOS में अपना ऑफिस सुइट, चुने हुए Linux एप्लिकेशन, एक Linux टर्मिनल, सिक्योरिटी टूल्स और ऑपरेटर AI मिलने वाले हैं. अगर टेक की भाषा में कहें तो कंपनी पारंपरिक एंड्रॉयड लैपटॉप के उस तारतम्य को तोड़ने की कोशिश कर रही है. माना जाता है कि इसमें सिर्फ एंड्रॉयड ऐप्स ही चलते हैं.

आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि एंड्रॉयड लैपटॉप पारंपरिक ऑपरेटिंग सिस्टम (जैसे Windows या macOS) के बजाय Google के Android Operating System पर चलते हैं. ऐसे लैपटॉप होते हैं, जिनमें कंप्यूटर जैसा कीबोर्ड और ट्रैकपैड (या टचस्क्रीन) होता है. लेकिन अंदर का सॉफ्टवेयर आपके एंड्रॉयड स्मार्टफोन या टैबलेट जैसा ही होता है. इसमें आप गूगल प्ले स्टोर से वे सभी ऐप्स और गेम डाउनलोड करके चला सकते हैं जो अपने मोबाइल में इस्तेमाल करते हैं. जैसे WhatsApp, YouTube, Netflix, Zoom वगैरह.
बात करें एंड्रॉयड पर बेस्ड PrimeOS में नई चीज़ PrimeOffice है. माने जो आपको गूगल शीट पर काम नहीं करना तो अब आपके पास अपना ऑफ़िस प्रोडक्टिविटी सुइट उपलब्ध होगा. इसमें तीन एप्लीकेशन शामिल हैं: PrimeDocs, PrimeSheets और PrimePresent. PrimeOffice को ऑफ़लाइन काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है. इसलिए, ये उन स्टूडेंट और यूज़र्स के बहुत काम का है जिनके पास हमेशा भरोसेमंद इंटरनेट कनेक्शन नहीं होता है.
पढ़ाई-लिखाई और प्रोजेक्ट से इतर अब बात कोडिंग करने वालों की. डेवलपर लोग आपके लिए प्राइम बुक में VS Code, Arduino IDE, DBeaver CE जैसे टूल्स भी मिलने वाले हैं. डेटाबेस पर काम करते हैं तो DBeaver CE आपके काम का है. हार्डवेयर वाले हैं तो Arduino IDE और डिजाइन-डिजाइन खेलते हैं तो GIMP आपके लिए है.

एआई एजेंटों का जमाना है तो इधर भी PrimeAGNT मिलेगा. इसका मकसद सिर्फ़ AI चैटबॉट से सवाल पूछने से आगे बढ़कर ऐसे AI सिस्टम की ओर बढ़ना है, जो काम करने या कंप्यूटिंग एनवायरनमेंट के साथ इंटरैक्ट करने में मदद कर सके. कुल जमा पेपर पर तो Primebook 3 Max बढ़िया लग रहा. Primebook 2 Max को हमने खूब इस्तेमाल किया था और निराश नहीं हुए थे. देखते हैं अपग्रेड कितना अच्छा परफ़ॉर्म करता है
वीडियो: दी लल्लनटॉप शो: Flydubai के कॉकपिट में हमलावर पर कैसे काबू पाया गया?









