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बॉक्सिंग में गोल्डन हैट्रिक! लवलीना के बाद परवीन और अंकुश ने जीता सोना

Asian Games 2026 : भारत ने बाॅक्सिंग में एश‍ियन गेम्स के इतिहास का बेस्ट प्रदर्शन किया. Lovlina Borgohain, Parveen Hooda और Ankush Panghal ने गोल्ड मेडल की हैट्रिक लगा दी. इनसे पहले, भारत के लिए Priya, Kapil और Narendra ने ब्रॉन्ज मेडल जीते थे.

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लवलीना के बाद परवीन और अंकुश ने भी बॉक्सिंग में जीते गोल्ड मेडल. (Courtesy : BFI)

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  • 2 अक्टूबर को एशियन गेम्स में भारतीय बॉक्सर लवलीना बोरगोहाई, परवीन हुड्डा और अंकुश पंघाल ने गोल्ड मेडल जीतकर भारत के लिए बॉक्सिंग में तीन गोल्ड मेडल की हैट्रिक पूरी की।
  • भारत के बॉक्सिंग प्रदर्शन के पिछले सालों में कम गोल्ड पदक मिलने के कारण एशियन गेम्स में इस बार शीर्ष स्तर का प्रदर्शन करने का प्रयास किया गया था, जो 12 साल बाद महिलाओं के गोल्ड पदक में सफलता से सिद्ध हुआ।
  • तीन गोल्ड मेडल जीतने के बाद भारत ने एशियन गेम्स के बॉक्सिंग इतिहास में अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन किया, जिससे आगे के खेल आयोजनों में टीम की उम्मीदें बढ़ी हैं।

एशियन गेम्स में 2 अक्टूबर भारतीय बॉक्सर्स के नाम रहा. रिंग में उतरे हमारे तीन धुरंधरों लवलीना बोरगोहाई (75 किग्रा), परवीन हुड्डा (65 किग्रा) और अंकुश पंघाल (80 किग्रा) ने गोल्ड मेडल की हैट्रिक लगा दी. पिछले महीने ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन करने के बाद इंडियन बॉक्सर्स ने एशिया में भी अपना दबदबा कायम रखा. इस गोल्डन हैट्रिक के साथ ही भारत ने एशियन गेम्स के बॉक्सिंग इतिहास में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर दिखाया.

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विमेंस बॉक्सिंग में भारत को एशियन गेम्स के गोल्ड के लिए पूरे 12 साल से इंतजार था. आखिरी बार 2014 के इंचियोन गेम्स में दिग्गज एमसी मैरी कॉम (51 किग्रा) ने सोना जीता था. 2 अक्टूबर को लवलीना और परवीन ने अपने-अपने फाइनल जीतकर न सिर्फ यह सूखा खत्म किया, बल्कि मैरी कॉम वाले खास क्लब में अपनी जगह भी पक्की कर ली.

बर्थडे गर्ल लवलीना का हिसाब बराबर

ओलंपिक मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहाई के लिए यह दिन डबल सेलिब्रेशन वाला रहा. एक तो उनका 29वां जन्मदिन था, और दूसरा सामने थीं चीन की मुक्केबाज बाओ जियी. पिछले एशियन गेम्स के फाइनल में लवलीना को चीन की ही ली कियान से हारकर सिल्वर से संतोष करना पड़ा था. लेकिन, इस बार लवलीना ने पुरानी कसक पूरी तरह निकाल दी. उन्होंने बाओ जियी को 5-0 के एकतरफा फैसले से धो डाला.  इस जीत के बाद लवलीना ने कहा,

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आज मेरा बर्थडे है. मैंने सोचा था कि खुद को गोल्ड मेडल का तोहफा दूंगी. जिंदगी में पहली बार खुद को कोई गिफ्ट दिया है. विपक्षी खिलाड़ी मजबूत थीं. मैं पहली बार उनसे भिड़ रही थी. लेकिन दिमाग में एक ही बात थी- आज बस जीतना है.

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परवीन और अंकुश ने भी गाड़ा झंडा

लवलीना के बाद 65 केजी वेट कैटेगरी में रिंग में उतरीं परवीन का सामना पेरिस ओलंपिक की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट चीनी ताइपे की नियेन चिन चेन से था. मुकाबला एकदम कांटे का रहा. लेकिन, परवीन ने नब्ज पर काबू रखते हुए 3-2 के स्पिलिट डिसिजन से बाजी मारी. ये एशि‍यन गेम्स में उनका पहला गोल्ड मेडल है.

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वहीं, मेंस के 80 केजी कैटेगरी फाइनल में अंकुश ने साउथ कोरिया के किम मिनसियोंग को रिंग में टिकने का मौका ही नहीं दिया. उन्होंने 4-0 से एकतरफा जीत दर्ज कर भारत की झोली में तीसरा गोल्ड डाल दिया.

एशियन गेम्स संस्करण गोल्ड सिल्वर ब्रॉन्ज कुल मेडल खास बात
आइची-नागोया (मौजूदा) 3 0 3 6 सबसे ज्यादा गोल्ड (सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन)
ग्वांग्झू 2010 2 3 4 9 कुल पदकों की संख्या में सबसे आगे
एशियन गेम्स में भारत का परफॉर्मेंस

आइची-नागोया में इंडियन बॉक्सर्स ने कुल 6 मेडल अपने नाम किए. इनमें 3 गोल्ड और 3 ब्रॉन्ज शामिल हैं. तीन गोल्ड के अलावा प्रिया घणघस (60 केजी), कपिल पोखरिया (90 केजी) और नरेंद्र बरवाल (+90 केजी) ने ब्रॉन्ज मेडल जीते. कुल मेडल्स की गिनती में भले ही 2010 के ग्वांग्झू गेम्स (9 मेडल) आगे हों. लेकिन, 3 गोल्ड मेडल जीतकर इंडियन बॉक्सर्स ने इस बार सोने की चमक के मामले में इतिहास का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन दर्ज किया है.

वीडियो: एशियाई गेम्स में बारहवें दिन की ब्रॉन्ज मे़डल से शुरुआत, हॉकी फाइनल में महिला टीम

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