Jiobook को दुनिया भूली, IIT के लड़कों का Primebook लैपटॉप धाकड़ ब्रैंड्स के सामने टिक गया
हम बात कर रहे एंड्रॉयड पर बेस्ड मेक इन इंडिया Primebook की. वो बजट लैपटॉप जो एचपी, डेल, लिनोवो, ASUS जैसी दुनिया की बड़ी कंपनियों के बीच हल्लु-हल्लु अपनी जगह बना रहा है. इसी के Primebook 2 Max से अपन मुखातिब हुए.

Shark Tank India के सीजन 2 में एक स्टार्टअप आया था. 2023 के इस सीजन में किफायती लैपटॉप बनाने वाले दिल्ली के दो लड़कों के इस स्टार्टअप को 75 लाख की फंडिंग भी मिली थी. हमने भी इनको टेक्स्ट और वीडियो में कवर किया था. फिर बात आई गई हो गई. हमें लगा जैसे कई और स्टार्टअप स्क्रीन पर आकर 'ऑफ' हो जाते हैं, वैसे ही इनका भी हाल हुआ होगा. लेकिन साल 2025 में ये हमको फिर मिले. इन्होंने कहा, 'अभी हम जिंदा हैं.'
हम बात कर रहे एंड्रॉयड पर बेस्ड मेक इन इंडिया Primebook की. वो बजट लैपटॉप जो एचपी, डेल, लिनोवो, ASUS जैसी दुनिया की बड़ी कंपनियों के बीच हल्लु-हल्लु अपनी जगह बना रहा है. इसी के Primebook 2 Max से अपन मुखातिब हुए.
Primebook 2 Max क्या है?ऐसा इसलिए लिखा क्योंकि ये नॉर्मल लैपटॉप से अलग है. Primebook के सारे लैपटॉप एंड्रॉयड बेस्ड होते हैं. इसमें विंडोज वाला कोई सिस्टम नहीं होता. तो फिर ये चलते कैसे हैं? आसान भाषा में कहें तो ये एक 15 इंच का एंड्रॉयड फोन है जो लैपटॉप जितनी ताकत लेकर आता है. ये कोई नया प्रयोग नहीं है क्योंकि गूगल क्रोम बुक भी ऐसे ही होता है. JioBook भी ऐसा ही एक डिवाइस है.
एंड्रॉयड के ऊपर होता है PrimeOS जो इसे लैपटॉप बनाने का काम करता है. लैपटॉप वाले काम के लिए इसमें 15.6-Inch Full HD IPS Display मिलता है. 8GB LPDDR4X RAM और 256GB UFS स्टोरेज भी मिलेगा. डिस्प्ले Anti-Glare है तो स्क्रीन पर अपनी परछाई नहीं दिखती. पेन ड्राइव खोंसने के लिए 2 यूएसबी पोर्ट भी हैं और एक टाइप-सी पोर्ट भी है. इसके साथ में माइक्रो SD लगाने का भी प्रबंध है और प्यारा-दुलारा हेडफोन जैक भी लग जाएगा. ये सब इसलिए बताया ताकि ये ना लगे कि सही में बड़ा सा फोन तो नहीं दे दिया.

डिवाइस को ताकत देने के लिए इसमें MediaTek Helio G99 चिपसेट लगी है. अच्छा हां, बैक लाइट वाला की-बोर्ड भी है. ये इसलिए बताया क्योंकि अभी हाल ही में लॉन्च हुए एक 70 हजार के लैपटॉप में ये नहीं मिलता. 60.3wh की बैटरी है और 36w की चार्जिंग भी मिलती है. कंपनी तो 12 घंटे के बैकअप की बात करती है, लेकिन मामला 7 घंटे के आसपास रुक जाता है. लैपटॉप वाले सारे काम के साथ में प्ले स्टोर से ऐप्स डाउनलोड करने का भी जुगाड़ है. फाइल से लेकर PPT बनाने के लिए गूगल डॉक्स भी है.

आपको अपनी दुकान में या होटल में एक लैपटॉप चाहिए जो बिल भी बना दे और मैच भी दिखा दे तो आपके लिए. आप स्टूडेंट हैं और आपको ऑनलाइन क्लास करनी है और स्कूल के काम करना है तो आपके लिए है. आप टाइपिंग का काम करते हैं या आपको बस एक कम कीमत वाला लैपटॉप चाहिए तो ये आपके लिए है. कुल जमा अगर आपको कोई भारी-भरकम एडिटिंग नहीं करनी, गेमिंग का उस्ताद नहीं बनना तो ये डिवाइस आपके लिए है.

अब जो आपको विंडोज सिस्टम पर काम करना है तो उसका भी जुगाड़ है. इसमें क्लाउड पीसी का ऑप्शन मिलता है. माने आपका डिवाइस क्लाउड से कनेक्ट हो जाएगा और आप विंडोज के साथ Linux का भी एक्सेस ले सकते हैं. ये एकदम जियो क्लाउड पीसी जैसा होता है. माने इंटरनेट चाहिए बस.

सबसे पहले तो इसकी कीमत जो 22990 रुपये है. Primebook 2 Pro 19990 और Primebook 2 Neo 15990 का है. दूसरा, ये डिवाइस उस इलाके में खड़ा है जहां बड़े-बड़े प्लेयर मैदान में हैं. ऐसा कहने की सबसे बड़ी वजह है जियो बुक का फेल हो जाना. तीन साल पहले जियो बुक भी 15 हजार में लॉन्च हुआ था. शार्क टैंक में नमिता ने भी कहा था कि तुमको जियो से दिक्कत होगी. लेकिन जियो बुक का कोई नाम लेवा नहीं. माने प्रोडक्ट में दम लग रहा है.
Primebook को बनाया किसने?वैसे तो इसकी जरूरत नहीं, मगर जब दो इंडियन लड़के चार बड़ी कंपनियों के मैदान में खेल रहे तो उनका परिचय बनता है. सीईओ Chitranshu Mahant और सीएमओ Aman Verma दिल्ली आईआईटी से पढ़े हैं. कमाल की बात ये है कि कंपनी प्रॉफ़िट में है. हालांकि प्रोडक्ट में कोई दिक्कत नहीं या कोई बहुत कमाल का लैपटॉप बन गया है, ऐसा नहीं कह सकते. लेकिन जहां जियो जैसे ब्रांड की किताब बंद हो गई वहां ये प्रॉफ़िट में हैं तो इनकी बात करना बनता है.
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