नाम में क्या रखा है. William Shakespeare के मशहूर नाटक Romeo and Juliet की ये लाइन आज भी चर्चा में है. हालांकि, टेक दुनिया दिग्गज और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शायद इसमें यकीन नहीं करते हैं. OpenAI के सैम आल्टमेन, Anthropic के Dario Amodei, Meta के Mark Zuckerberg, SpaceX के एलन मस्क, Nvidia के बॉस और एआई इंडस्ट्री के नए पोस्टर बॉय Jensen Huang, गूगल के सुंदर पिचाई जैसे दिग्गज सोच रहे होंगे कि नाम में ही तो सब रखा है. अब ये लोग Artificial intelligence (AI) की जगह Super Intelligence (SI) बोलते नजर आएंगे. हम कोई बकैती नहीं कर रहे. ऐसा वाकई हो गया है. AI को अब SI बोला जाएगा.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का अब कोई काम नहीं, रिकॉर्ड से भी हटेगा AI, जानें ऐसा क्या हो गया?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नजर अब Artificial intelligence (AI) पर है. उन्होंने AI का नाम ही बदल दिया और इसे नया नाम Super Intelligence (SI) का दिया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में टेक दिग्गजों के साथ एक मीटिंग के बाद यह फैसला लिया है.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का नाम बदलकर 'सुपर इंटेलिजेंस' कर दिया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में टेक दिग्गजों के साथ एक मीटिंग की थी. जिसके बाद उन्होंने एआई का नाम बदलने का फैसला लिया है.
सरकारी रिकॉर्ड में भी SI होगाUS प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा,
"हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का नाम बदलने के लिए एक डॉक्यूमेंट पर साइन कर रहे हैं. इसकी वजह है कि यह आर्टिफिशियल नहीं है. हम सब इस बात से सहमत हैं. हम इसका नाम बदलकर 'सुपर इंटेलिजेंस' करने जा रहे हैं. अमेरिका के सरकारी कामकाज में अब AI के बदले SI लिखा जाएगा.
हालांकि कंपनियां अभी तो AI ही कह रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने मंगलवार यानी 29 सितंबर 2026 को टेक्नोलॉजी जगत के बड़े दिग्गजों के साथ एक बैठक की. उन्होंने कहा कि अमेरिका का स्वर्णिम भविष्य बनाने वाले लोगों की "असाधारण बैठक" है. मीटिंग में मस्क, मार्क, सुंदर पिचाई जैसे पुराने दिग्गजों के साथ एआई के जमाने के डारियो अमोदेई, जेनसन हुआंग मौजूद थे. Open AI की तरफ से उसके प्रेसिडेंट Greg Brockman इस मीटिंग का हिस्सा बने.
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अमेरिकी राष्ट्रपति ने सभी टेक दिग्गजों के साइन किए हुए एक कागज का स्क्रीन शॉट भी सोशल मीडिया पर साझा किया. पेपर में सभी सीईओ या बॉस के साइन दिख रहे हैं. वैसे इस कागज में एक बड़ी गलती भी हो गई है. राष्ट्रपति के साइन और नाम के नीचे United States की जगह Unites States लिख गया है.

असल वजह तो नहीं पता लेकिन साइन किए हुए डॉक्यूमेंट में कहा गया है कि
फेडरल सरकार को टेक्नोलॉजी से आने वाले बदलाव और अमेरिका के लिए इससे पैदा होने बेहतरीन अवसरों को बताने वाली शब्दावली का इस्तेमाल करना चाहिए. इसलिए, 'सुपर इंटेलिजेंस' शब्द इस टेक्नोलॉजी के वादे, क्षमता और तेजी से बढ़ते प्रभाव को बेहतर तरीके से बताता है. इसलिए, मेरे प्रशासन की नीति यह है कि कानून के दायरे में रहते हुए, एग्जीक्यूटिव ब्रांच 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' और 'AI' की जगह 'सुपर इंटेलिजेंस' और 'SI' शब्दों का इस्तेमाल करेगी. 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' और 'AI' के इस्तेमाल को मान्यता नहीं देगी.''
आसान भाषा में कहें तो मिस्टर प्रेसिडेंट मशीन की क्षमता को इंसान की देन मानते हैं. इसलिए इसे 'सुपर इंटेलिजेंस' कह रहे. वैसे इस हिसाब से इसे ह्यूमन इंटेलिजेंस कहना चाहिए था.
सुंदर तो मॉन्स्टर हैराष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई इस मीटिंग में गूगल या अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई को अजीब स्थिति का सामना करना पड़ा. मीटिंग के बाद प्रेस से बात करते समय ट्रंप ने कहा,
ये सब बहुत बड़े लोग हैं. यह सुंदर (पिचाई) है. यह आदमी एक मॉन्स्टर है.
बेचारे सुंदर पिचाई ने हाथ जोड़ते हुए कहा,
‘मैं एक मॉन्स्टर हूं ’ इससे बेहतर कोई लाइन हो सकती थी शायद.
चलिए तो फिर AI की जगह SI बोलने की आदत डालते हैं. (ये हम कह रहे)
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