Meta ने जब Ray-Ban Meta smart glasses बनाये होंगे तो सपने में भी नहीं सोचा होगा कि रीलबाज इनको पहनकर क्या गुल खिलाएंगे. हालांकि रीलबाजी से इतर भी ये कमाल के स्मार्ट ग्लास विवादों में रहे हैं. आंखों में लगा कैमरा हर किसी को उसकी इजाजत के बिना ताड़ रहा है. Kenya के Nairobi स्थित मेटा के एक डेटा कॉन्ट्रेक्टर ने स्वीडिश अखबार को कई डराने वाली बातें बताई थीं. लेकिन इस बार मामला अपने देश से आया है. मेटा और एक इंस्टाग्राम क्रिएटर को कानूनी नोटिस भेजा है. 2.05 करोड़ के हर्जाने की मांग की है दिल्ली के एक व्यक्ति ने (Delhi Man Sues Meta Over Covert Smart Glasses Recording).
दिल्ली का बंदा Ray-Ban Meta Smart ग्लास से बने वीडियो पर भड़का, मेटा को 2 करोड़ का नोटिस भेजा
दिल्ली के इस व्यक्ति का आरोप है कि खान मार्केट के एक कैफे में रे-बैन मेटा स्मार्ट ग्लास से चुपके से उसका वीडियो (Delhi Man Sues Meta Over Covert Smart Glasses Recording) रिकॉर्ड किया गया. उसने वीडियो हटाने, माफ़ी मांगने और 2.05 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है.

दिल्ली के इस व्यक्ति का आरोप है कि खान मार्केट के एक कैफे में रे-बैन मेटा स्मार्ट ग्लास से चुपके से उसका वीडियो रिकॉर्ड किया गया. उन्होंने वीडियो हटाने, माफ़ी मांगने और 2.05 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है. यह घटना कथित तौर पर 24 जुलाई को हुई, जब वो खान मार्केट के एक कैफ़े में अकेला बैठा था.
इस नोटिस की खास बात ये है कि इंटरनेट फ्रीडम फ़ाउंडेशन (IFF), इस व्यक्ति की मुफ़्त कानूनी मदद (pro bono legal assistance) कर रहा है. IFF ने पोस्ट करके इसकी जानकारी दी है. पोस्ट के मुताबिक एक इंस्टाग्राम क्रिएटर ने रे-बैन मेटा स्मार्ट ग्लास का इस्तेमाल करके बातचीत को चुपके से रिकॉर्ड किया, उसके बाद कई बातें पूछीं और उन्हें परेशान भी किया.
पोस्ट के मुताबिक अजनबी आदमी से आजिज आकर उसे कैफे के दूसरे हिस्से में जाना पड़ा. इसके बाद, 26 जुलाई को इस फ़ुटेज को इंस्टाग्राम रील के तौर पर अपलोड किया गया. IFF के अनुसार, 6 अगस्त तक इस वीडियो को 4.19 लाख से ज्यादा बार देखा गया, करीब 15,700 लाइक्स और 500 से ज्यादा कॉमेंट्स मिले. कई कॉमेंट्स में रिकॉर्ड होने वाले व्यक्ति का मजाक भी उड़ाया गया. ऐसा पोस्ट में दावा किया गया है.
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यहां तक समझ में आता है कि बिना अनुमति के किसी को रिकॉर्ड करके और फिर उस वीडियो को पोस्ट करके निजता का हनन तो हुआ है. लेकिन नोटिस में इंस्टाग्राम को क्यों लपेटा गया? दरअसल उस व्यक्ति ने 27 जुलाई को इंस्टाग्राम पर वीडियो को रिपोर्ट किया था. IFF के अनुसार, इंस्टाग्राम के रिपोर्टिंग सिस्टम में प्राइवेसी के उल्लंघन के लिए कोई खास कैटेगरी नहीं है इसलिए उसे इसे “बुलीइंग या हैरेसमेंट” (धमकाने या परेशान करने) के तहत रिपोर्ट करना पड़ा.
Instagram ने ये कहकर वीडियो हटाने से इनकार कर दिया कि उस कॉन्टेंट से कम्युनिटी स्टैंडर्ड्स का उल्लंघन नहीं हुआ था. इसके बाद की अपील भी खारिज कर दी गई. भारत में Meta के शिकायत अधिकारी को दी गई कंप्लेंट पर भी कथित तौर पर न तो कोई जवाब मिला और न ही कोई फ़ैसला लिया गया.
मेटा इसमें कहां से आया?IFF का तर्क है कि मेटा इन स्मार्ट ग्लास के डिज़ाइन और मार्केटिंग के लिए जिम्मेदार हो सकता है. ये ग्लास आम चश्मों जैसे दिखते हैं, इसलिए इनके जरिए लोगों की छिपकर रिकॉर्डिंग की जा सकती है, और उन्हें पता भी नहीं चलेगा कि उन्हें फिल्माया जा रहा है. इस नोटिस में खास तौर पर ग्लास के रिकॉर्डिंग इंडिकेटर (LED लाइट) पर सवाल उठाया गया है.
रे-बैन मेटा ग्लास में कान के पास एक छोटा LED होता है, जो फोटो या वीडियो रिकॉर्ड होने पर जलता है. नोटिस में कहा गया है कि यह इंडिकेटर "काफी नहीं है और आसानी से नजरअंदाज़ किया जा सकता है", इसलिए यह आस-पास के लोगों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त नहीं है.
मेटा, इंस्टाग्राम का इस नोटिस पर अभी तक कोई जवाब नहीं आया है.
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