रेस्तरां और होटल्स में बिल में लगने वाला सर्विस चार्ज हमेशा से बहस का विषय रहा है. नियम के तहत "सेवा शुल्क पूरी तरह स्वैच्छिक है और इसका भुगतान करना या नहीं करना पूरी तरह उपभोक्ता के विवेक पर निर्भर करता है." माने सर्विस चार्ज देना है या नहीं वो ग्राहक की मर्जी. लेकिन अमूमन ऐसा होता नहीं. सर्विस चार्ज बिल में लगकर आता है और हम अक्सर टोटल देखकर पेमेंट कर देते हैं. लेकिन शायद इसपर थोड़ी लगाम लग सकती है. केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने ग्राहकों के बिल में सेवा शुल्क जोड़ने के मामले में देशभर के 41 रेस्तरां के खिलाफ (ccpa action over service charge chaayos barbeque nation) स्वत: संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू की है.
रेस्टोरेंट में खाना खाओ तो बिल ध्यान से देखना, ये नियम पता है तो 10 परसेंट पैसा बचेगा
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने ग्राहकों के बिल में सेवा शुल्क जोड़ने के मामले में देशभर के 41 रेस्तरां के खिलाफ स्वत: संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू की है. इनमें chaayos सहित कई बड़े नाम शामिल हैं. आप भी ये नियम जान लो, काफी पैसा बच सकता है.


CCPA (सीसीपीए) ने नियमों के उल्लंघन के लिए 'चायोस' सहित कैफे ब्लू बॉटल (पटना), चाइना गेट रेस्टोरेंट प्राइवेट लिमिटेड, फिएस्टा बारबेक्यू नेशन, फू अहमदाबाद रेस्टोरेंट जैसे 41 रेस्तरां के खिलाफ कार्रवाई की है. चायोस पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है और राशि वापसी का आदेश भी दिया गया है.
सर्विस चार्ज लगाना तुरंत बंद करोइन रेस्टोरेंट्स पर ग्राहकों की सहमति के बिना बिल में सर्विस चार्ज जोड़ने का आरोप है. कई मामलों में 50,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया गया है और ग्राहकों से वसूला गया सर्विस चार्ज लौटाने के भी निर्देश दिए गए हैं. CCPA के अनुसार, कई रेस्टोरेंट ग्राहकों के बिल में 5 फीसदी या 10 फीसदी सर्विस चार्ज अपने आप जोड़ रहे थे. कई ग्राहक इसे जीएसटी समझकर पेमेंट कर देते थे, जबकि सर्विस चार्ज और GST दोनों अलग-अलग चीजें हैं.
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सरकार का कहना है कि किसी भी ग्राहक से उसकी मंजूरी के बिना सर्विस चार्ज लेना उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है. इसी वजह से रेस्टोरेंट्स के खिलाफ कार्रवाई की गई है. यह कार्रवाई राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के आधार पर की गई है. इसके साथ प्राधिकरण ने संबंधित रेस्टोरेंट्स को बिल में स्वतः सेवा शुल्क जोड़ने की प्रेक्टिस तत्काल बंद करने के निर्देश दिए हैं.
क्या है सर्विस चार्ज?अक्सर जीएसटी और सर्विस चार्ज को एक समझ लिया जाता है, जबकि ऐसा नहीं है. GST सरकार द्वारा लगाया गया टैक्स है, जिसे देना जरूरी होता है. सर्विस चार्ज रेस्टोरेंट लगाते हैं और ये ऑप्शनल होता है. यानी इसे देना या न देना पूरी तरह ग्राहक की इच्छा पर निर्भर करता है. इसलिए जब भी आप बाहर खाना खाने जाएं तो रेस्टोरेंट का बिल ध्यान से देखें. अगर उसमें सर्विस चार्ज जुड़ा है और आप उसे नहीं देना चाहते, तो तुरंत हटाने के लिए कहें. बिल और भुगतान का बिल अपने पास जरूर रखें. यही डॉक्यूमेंट शिकायत के समय आपके काम आएंगे.
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कैसे और कहां करें शिकायत?अगर कोई रेस्टोरेंट आपकी बात नहीं मानता और जबरन सर्विस चार्ज वसूलता है तो झगड़ा करने की जरूरत नहीं. बिल का पेमेंट कीजिए और फिर इसकी शिकायत. इसके लिए नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर 1915 नंबर पर कॉल करें या फिर एनसीएच एप या वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायत करें. इसके अलावा consumerhelpline.gov.in पर जाकर शिकायत कर सकते हैं.
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