भारतीय टीम ने वनडे सीरीज की अच्छी शुरुआत की है. टीम ने पहला मुकाबला पांच विकेट से अपने नाम किया. इस मैच में विराट कोहली की काफी चर्चा हुई. बल्लेबाजी के साथ-साथ कोहली अपनी शानदार फील्डिंग के कारण भी छाए रहे. इसके अलावा रोहित शर्मा ने भी कमाल का थ्रो किया. लेकिन 38 साल के कोहली इस उम्र में भी इतने शानदार कैच कैसे लपक लेते हैं? न्यूजीलैंड में उनकी बेहतरीन फील्डिंग के पीछे क्या वजह है? टीम के फील्डिंग कोच शुभदीप घोष ने इसका जवाब दिया है.
38 साल की उम्र में 18 साल की फुर्ती, विराट कोहली का राज क्या है?
इस साल टी दिलीप की जगह शुभदीर घोष को टीम इंडिया का फील्डिंग कोच बनाया गया था. उनकी तैयारियों का फोकस स्थिरता और गेंद को भांपने पर रहा है.

घोष के मुताबिक, न्यूजीलैंड में बाउंड्री छोटी होती हैं. ऐसे में फील्डर्स को गेंद पर रिएक्ट करने के लिए बहुत कम समय मिलता है. हालांकि, रोहित शर्मा और विराट कोहली के लिए यह ज्यादा मुश्किल नहीं होता. दोनों कई सालों से ऐसी कंडीशंस में फील्डिंग कर रहे हैं. घोष ने बताया कि उनकी तैयारी में स्थिरता और गेंद की दिशा का पहले से अंदाजा लगाने पर जोर दिया जाता है.
कोहली-रोहित की फील्डिंग का राजघोष ने दूसरे वनडे से पहले कहा,
हमने पहले वनडे में अच्छा प्रदर्शन किया. कुछ अच्छे कैच लपके और फील्डिंग भी शानदार रही. कैच छोड़ना भी खेल का हिस्सा है. कई बार हमसे कैच छूट जाते हैं. हम इस पर काम कर रहे हैं. अभ्यास के दौरान इन चीजों पर जोर दिया जाता है. न्यूजीलैंड में गेंद को भांपना, मूवमेंट और स्थिरता काफी अहम हैं. हम ड्रेसिंग रूम में भी इस पर बात करते हैं.
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रोहित भी हैं खासपहले मैच में कोहली के शानदार कैच और रोहित शर्मा के थ्रो पर रन आउट को लेकर घोष ने कहा,
फील्डिंग में गेंद का अनुमान लगाना काफी अहम है. विराट कवर्स और पॉइंट पर फील्डिंग करते आए हैं. उन्हें पता है कि गेंद कहां जाएगी और आगे क्या हो सकता है. वह दूसरों की तुलना में हालात को जल्दी भांप लेते हैं. रोहित के साथ भी ऐसा ही है. वह भी गेंद की दिशा का जल्दी अंदाजा लगा लेते हैं. इसके पीछे उनका अनुभव और नेचुरल काबिलियत दोनों हैं.
रोहित शर्मा और विराट कोहली अब केवल वनडे फॉर्मेट में ही खेलते नजर आते हैं. दोनों दिग्गज टेस्ट और टी20 फॉर्मेट से संन्यास ले चुके हैं. दोनों के वनडे भविष्य को लेकर लगातार सवाल उठाए जाते हैं. हालांकि कोहली और रोहित ने न सिर्फ बल्ले से बल्कि अपनी फिटनेस और फील्डिंग से भी खुद को साबित किया है.
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