समाजवादी पार्टी (एसपी) के प्रमुख अखिलेश यादव ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया को लेकर बड़ा सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि SIR प्रक्रिया में जिनके नाम वोटर लिस्ट से कटेंगे, बाद में उनकी नागरिकता छिनने का खतरा पैदा हो जाएगा. इससे जरूरतमंद लोग सरकारी योजनाओं के लाभ से बाहर हो जाएंगे.
'SIR में नाम कटा तो नागरिकता भी छिन जाएगी', अखिलेश यादव ने नई बहस छेड़ दी
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के जरिए वोटर लिस्ट से नाम हटने पर गरीबों को सरकारी योजनाओं से वंचित किए जाने और नागरिकता पर खतरा पैदा होने की आशंका है.

अखिलेश यादव का ये बयान केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकारी योजना के लाभार्थियों को अब आधार कार्ड के आधार पर नहीं बल्कि बायोमैट्रिक और एपिक नंबर के आधार पर लाभ मिलेगा. यानी जिसके पास वोटर कार्ड होगा, उसे ही सरकारी योजनाओं का लाभ मिल पाएगा.
ललन सिंह के इस बयान के बाद केंद्रीय मंत्री विपक्षी दलों के नेताओं के निशाने पर आ गए. हालांकि, अखिलेश ने ललन सिंह के बयान का जिक्र नहीं किया, लेकिन SIR को लोगों की नागरिकता छिनने के खतरे से जोड़कर यूपी चुनाव से पहले नया मुद्दा खड़ा कर दिया.
सपा अध्यक्ष ने वोटर कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करने की वकालत की, क्योंकि इसमें लोगों के बायोमेट्रिक साक्ष्य होते हैं. उनका कहना है कि सरकार अगर टेक्नॉलजी, एआई और ऑनलाइन पेमेंट पर बड़ी-बड़ी बातें करती है तो बायोमेट्रिक से क्यों घबरा रही है?
अखिलेश ने कहा कि सच्चाई ये है कि अगर आपका राशन कार्ड या वोटर आईडी नहीं होगा या वोटर लिस्ट में नाम नहीं होगा तो SIR के बाद नागरिकता जाने का खतरा पैदा हो जाएगा. बीजेपी सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए अखिलेश ने कहा,
ये लोग आपकी नागरिकता छीनने की साजिश करना चाहते हैं. इसके लिए बड़ा षड्यंत्र रचा गया है. वोटर लिस्ट से नाम हटने के बाद क्या होगा? जितनी भी सरकारी योजनाएं हैं, वो गरीबों से छीन ली जाएंगी. बच्चों को मिड-डे मील नहीं मिलेगा. मजदूरों को सुविधाएं नहीं मिलेंगी. आपका गैस कनेक्शन छीन लेंगे. गरीबों का आवास छीन लेंगे. सब्सिडी छीन ली जाएगी.
अखिलेश के मुताबिक, इससे लोगों के लॉकर में जमा पैसे और जेवर पर भी खतरा बढ़ जाएगा. क्योंकि हो सकता है सरकार वोटर लिस्ट से बाहर हो गए लोगों का बैंक अकाउंट ही सीज कर दे. या फिर सीज करने की धमकी देकर डराए. फिर लोग क्या कर पाएंगे?
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बीजेपी पर साजिश रचने का आरोपअखिलेश ने कहा कि चुनाव आयोग ने पहले SIR कराया और बाद में फॉर्म सेवन की साजिश रची. फॉर्म सेवन वोटर लिस्ट से नाम हटाने के लिए भरा जाता है. अखिलेश का कहना है कि बीजेपी ने फॉर्म सेवन के जरिए बेईमानी की कोशिश की, लेकिन समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उसे रोक दिया. उन्हें ऐसा करते पकड़ लिया और इसका नतीजा ये हुआ कि यूपी में फॉर्म-7 भरना बंद हो गया.
योगी आदित्यनाथ पर निशानायूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ पर हमला करते हुए अखिलेश ने कहा, ‘मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि 1 करोड़ 27 लाख हिंदुओं के वोट कट गए. सवाल ये बनता है कि सीएम को ये पता कैसे चला कि हिंदुओं के वोट गायब हैं? लगता है इलेक्शन कमीशन ने सारा डेटा सीएम से या उनके दफ्तर से शेयर किया है.’
अखिलेश ने आरोप लगाया कि आयोग SIR का डेटा सीएम दफ्तर को पहले दिखाता है और जनता या बाकी राजनीतिक दलों से बाद में इसे शेयर करता है.
बीजेपी पर निशाना साधते हुए अखिलेश ने फिर अपनी बात दोहराई और कहा कि ये लोग (बीजेपी) यूपी से (सत्ता में) आए थे और यूपी से ही (सत्ता से) बाहर जाएंगे. उन्होंने कहा कि कभी उत्तर प्रदेश के लोगों ने बीजेपी का स्वागत किया था. अब वही जनता उनकी शानदार विदाई करेगी.
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