भारतीय हॉकी टीम ने छठवीं बार एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीत लिया है. भारत ने एशियन गेम्स के शानदार फॉर्म को जारी रखा. टूर्नामेंट के फाइनल में टीम ने जापान को 4-1 से हराकर खिताबों की हैट्रिक पूरी की. भारतीय टीम इससे पहले 2011, 2016, 2018, 2023 और 2024 में भी यह टूर्नामेंट जीत चुकी है.
भारत ने छठवीं बार जीती एशियन चैंपियंस ट्रॉफी, फाइनल में जापान को दी मात
जापान ने पहले दो क्वार्टर में भारत को कड़ी टक्कर दी. हालांकि दूसरे हाफ में घरेलू टीम ने जोरदार वापसी की. भारत की ओर से शिलानंद लाकड़ा (42वें मिनट) ने पेनल्टी कॉर्नर से, दिलप्रीत सिंह (48वें मिनट) ने मैदानी गोल और जुगराज ने 53वें मिनट में ‘सेट-पीस’ के जरिए गोल किए. विवेक सागर प्रसाद ने 54वें मिनट में गोल किया.

जापान ने पहले दो क्वार्टर में भारत को कड़ी टक्कर दी. हालांकि दूसरे हाफ में घरेलू टीम ने जोरदार वापसी की. भारत की ओर से शिलानंद लाकड़ा (42वें मिनट) ने पेनल्टी कॉर्नर से, दिलप्रीत सिंह (48वें मिनट) ने मैदानी गोल और जुगराज ने 53वें मिनट में ‘सेट-पीस’ के जरिए गोल किए. विवेक सागर प्रसाद ने 54वें मिनट में गोल किया. भारत ने अच्छी शुरुआत की थी. लेकिन तीसरे ही मिनट में जापान ने गोल करके टीम इंडिया को चौंका दिया. काजुमासा मात्सुमोतो ने शानदार ‘टोमाहॉक’ करके टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई.
जापान ने हासिल की थी लीडपहले क्वार्टर में भारतीय खिलाड़ियों ने कमबैक की कोशिश की लेकिन ऐसा हुआ नहीं. 20वें मिनट में जापान को लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले. भारतीय डिफेंस ने इसे गोल में बदलने नहीं दिया. पहले हाफ तक भारत 0-1 से पिछड़ रहा था. दूसरे हाफ में भारत ने अग्रेसिव खेल दिखाया. 33वें मिनट में भारत को पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला. हरमनप्रीत सिंह ने कोशिश की लेकिन जापानी गोलकीपर किशो कुरोदा ने उनकी ड्रैग फ्लिक को रोक दिया.
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तीन मिनट बाद जापान को दूसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला. हालांकि शोता यामादा इस कॉर्नर को गोल में बदल नहीं पाए. भारत ने जापानी डिफेंस पर दबाव बनाए रखा और 42वें मिनट में लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए. इस बार आदित्य अर्जुन लालागे ने गोल दागा. 48वें मिनट में हार्दिक के बेहतरीन पास पर दिलप्रीत ने रिवर्स हिट गोल दाग दिया.
जैसे ही भारत को लीड मिली, टीम का आत्मविश्वास बढ़ गया. 53वें मिनट में जुगराज ने भारत के तीसरे पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदल दिया. इसके बाद भारत को रोकना मुश्किल हो गया.
मैच खत्म होने के ठीक 12 सेकेंड पहले जापान को अपना चौथा पेनल्टी कॉर्नर मिला था. लेकिन कप्तान फुजीशिमा का शॉट बाहर चला गया. इस तरह भारत टूर्नामेंट में अजेय बना रहा.
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