महज 1 लाख 60 हजार की आबादी. 5 बार की FIFA World Cup चैंपियन जर्मनी के खिलाफ डेब्यू मैच. सिर्फ 21 मिनट के अंदर Caribbean Sea में पड़ने वाले इस देश ने वर्ल्ड कप का अपना पहला गोल कर दिया. क्यूरासाओ (Curaçao) के लिए ये कमाल किया 22 साल के युवा डिफेंडर लिवानो कोमेनेन्सिया (Livano Comenencia) ने.
डेब्यू वर्ल्ड कप, 1.6 लाख की आबादी, क्यूरासाओ के लिवानो कोमेनेन्सिया ने इतिहास बना दिया
FIFA World Cup 2026: Livano Comenencia ने फुटबॉल की शुरुआत PSV आइंदहोवन क्लब (PSV Eindhoven) की एकेडमी में की थी. उस वक्त वो सिर्फ 8 साल के थे. 2021 में द गार्डियन ने उन्हें दुनिया के 60 सबसे होनहार युवा खिलाड़ियों में शामिल किया था.


ह्यूस्टन स्टेडियम में क्यूरासाओ की छोटी सी टीम ने फुटबॉल के टॉप लेवल पर अपना ठप्पा लगा दिया. ये गोल न सिर्फ लिवानो कोमेनेन्सिया के लिए बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक पल है.
मैच शुरू होते ही जर्मनी ने अपने स्टाइल में फुटबॉल खेलना शुरू किया. टीम ने तेज शुरुआत की. 6वें मिनट में फेलिक्स नमेचा ने गोल करके जर्मनी को 1-0 की बढ़त दिला दी. लेकिन क्यूरासाओ की टीम बैकफुट पर नहीं आई. 21वें मिनट पर लिवानो कोमेनेन्सिया ने अटैक में शानदार मूवमेंट दिखाया. और एक जोरदार शॉट मारकर मैनुअल नॉयर को छकाते हुए गोल कर दिया. स्टेडियम में क्यूरासाओ के फैन्स की खुशी देखने लायक थी. स्कोर 1-1 हो गया.
क्यूरासाओ के लाख लोगों की पॉपुलेशन इस पल को कभी नहीं भूलेंगी. लिवानो का ये गोल हिस्ट्री बुक्स में दर्ज हो गया.
लिवानो कोमेनेन्सिया का जन्म नीदरलैंड्स के ब्रेडा शहर में हुआ था. उनके माता-पिता क्यूरासाओ मूल के हैं. यानी वो डच पासपोर्ट पर पैदा हुए लेकिन अपनी जड़ों को नहीं भूले. वो एक मल्टी टैलेंटेड डिफेंडर हैं. वो राइट बैक, लेफ्ट बैक या सेंट्रल डिफेंसिव मिडफील्ड में खेलने के लिए जाने जाते हैं. उनकी स्पीड, टेक्नीक और फिजिकल स्ट्रेंथ काफी गजब है.
कोमेनेन्सिया ने फुटबॉल की शुरुआत PSV आइंदहोवन क्लब (PSV Eindhoven) की एकेडमी में की थी. उस वक्त वो सिर्फ 8 साल के थे. 2021 में द गार्डियन ने उन्हें दुनिया के 60 सबसे होनहार युवा खिलाड़ियों में शामिल किया था. 2023 में इटली के बड़े क्लब जुवेंटस ने उन्हें अपनी नेक्स्ट जेन टीम में शामिल किया. फिर अगस्त 2025 में वो स्विस क्लब FC ज्यूरिख में आए और वहीं के हो गए. अब वो ज्यूरिख की मुख्य टीम के मेन खिलाड़ी बन चुके हैं.
लिवानो नीदरलैंड्स की युवा टीमों (U-20) के लिए भी खेले हैं. लेकिन जब क्यूरासाओ फुटबॉल फेडरेशन ने उन्हें अक्टूबर 2024 में सीनियर टीम के लिए बुलाया तो उन्होंने अपनी जड़ों को चुना. वो CONCACAF नेशंस लीग में खेले और क्यूरासाओ की अनबीटेन वर्ल्ड कप क्वालीफाइंग कैंपेन में अहम भूमिका निभाई.
वेटरन कोच डिक एडवोकाट की अगुवाई में क्यूरासाओ ने इतिहास रचते हुए वर्ल्ड कप में जगह बनाई. 1.6 लाख की आबादी वाला ये छोटा सा कैरेबियन देश वर्ल्ड कप खेलने वाला सबसे छोटा देश है. और अब लिवानो ने जर्मनी जैसे मजबूत टीम के खिलाफ गोल करके पूरे देश को गर्व का मौका दिया है.
वर्ल्ड कप क्वालीफिकेशन में क्यूरासाओ के लिए लिवानो ने सबसे महत्वपूर्ण गोल किया था. जिसके कुछ ही देर बाद, लिवानो कोमेंसिया ने ये पल आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा के लिए सुरक्षित कर दिया. जमैका के खिलाफ 2-0 की बड़ी जीत में पहला गोल करने के बाद, उन्होंने अपनी मैच वाली जर्सी ज्यूरिख के FIFA म्यूजियम में दान कर दी. लिवानो उसी क्लब फुटबॉल खेलते हैं.
फीफा म्यूजियम के डायरेक्टर मार्को फाजोने इस बारे में बताते हैं,
“लिवानो की जर्सी ग्लोबल फुटबॉल में एक नए और शानदार चैप्टर को दर्शाती है.”
ये गोल सिर्फ एक स्कोरलाइन नहीं, बल्कि छोटे देशों के सपनों को दिखाता है. क्यूरासाओ के लोग अब अपने हीरो के नाम पर जश्न मना रहे हैं. मैच में भले ही वो कुछ खास न कर पाएं. लेकिन लिवानो कोमेनेन्सिया अब देश के नेशनल हीरो बन चुके हैं.
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