एक क्रिकेटर जो रहस्य बन गया. क्योंकि सीरीज के आखिरी मैच की सुबह वो गायब हो गया.
एक मैच, जिसे देश हारा और फिर खबर आई कि गायब क्रिकेटर सात समंदर पार पहुंच गया.
और फिर एक साजिश की थ्योरी, कि उस प्लेयर को जान से मारने की धमकी मिली थी. देश के लिए हारने को मजबूर किया जा रहा था.
कहना न होगा कि देश आपने गेस कर लिया होगा. फिक्सिंग की जन्नत, पाकिस्तान.
ये किस्सा है पाकिस्तान के खिलाड़ी, जुल्करनैन हैदर का.
# मां का ख़्वाब
जुल्करनैन. दो सुंदर आंखों वाला. मगर आंखों ने क्या देखा. मरती मां को देखा, जिसका एक ही ख़्वाब था. चार में कोई बेटा तो ऐसा निकले जो परदेस जाकर भी क्रिकेट खेले. जुल्करनैन ने खेला. अंडर 15 टीम के लिए. पाकिस्तान की. इंग्लैंड गया वो. महज 13 साल का था. मगर उसके नैनों की चमक मां के नैन नहीं देख सके. वो गुजर चुकी थीं तब तक.
Under-19 World Cup 2004 के एक मैच में शॉट खेलते Robin Uthappa, विकेट के पीछे हैं Zulqarnain Haider
मां तो नहीं रहीं, लेकिन मां का सपना लिए विकेटकीपर ज़ुल्करनैन चलते रहे. उन्होंने पाकिस्तान के साथ 2004 का अंडर-19 वर्ल्ड कप जीता. और लंबे इंतजार के बाद साल 2010 की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ अपने टेस्ट डेब्यू के लिए तैयार थे. एजबेस्टन में हुए इस टेस्ट से पहले उन्होंने क्रिकइंफो से कहा,
'मुझे 100 प्रतिशत यकीन था कि एक दिन मैं पाकिस्तान के लिए खेलूंगा.'हालांकि उनका डेब्यू बहुत अच्छा नहीं रहा. पाकिस्तान ने 36 रन पर पांच विकेट खो दिए थे. ज़ुल्क़रनैन आए और पहली ही बॉल पर वापस लौट गए. इसमें मेंटल प्रेशर का भी बड़ा हाथ माना जा सकता है. डेब्यू से ठीक पहले उनके अब्बा सैयद रज़ा हैदर लंबी बीमारी के बाद कोमा में चले गए थे. सेकंड इनिंग्स में ज़ुल्करनैन ने वापसी की. 88 रन की दमदार पारी खेली. यह इस टेस्ट में पाकिस्तान की तरफ से सबसे बड़ा स्कोर था. लेकिन भाग्य तो आगे-आगे चलता है. इसी टेस्ट के दौरान स्टुअर्ट ब्रॉड के एक थ्रो से उन्हें चोट लग गई. ज़ुल्क़रनैन इंग्लैंड सीरीज से बाहर हो गए.
# गायब क्रिकेटर
इस टेस्ट के बाद हैदर को इसी साल अक्टूबर के महीने में पाकिस्तानी जर्सी पहनने का मौका मिला. साउथ अफ्रीका की टीम पाकिस्तान के टूर पर आई. साल 2009 में श्रीलंका पर हुए आतंकी हमले के बाद से ही पाकिस्तान अपने घरेलू मैच UAE में खेलता है. तो टेक्निकली यह साउथ अफ्रीका का UAE टूर हुआ. इस टूर पर हुई वनडे सीरीज के पहले तीन मैचों में ज़ुल्क़रनैन ने 12 नॉटआउट, छह रन और 11 रन की पारियां खेलीं.सीरीज में बने रहने के लिए पाकिस्तान को चौथा वनडे हर हाल में जीतना था. साउथ अफ्रीका ने 274 मारे. ज़ुल्क़रनैन ने 19 रन की नॉटआउट पारी खेली और पाकिस्तान को एक विकेट की रोमांचक जीत दिला दी. सीरीज 2-2 से बराबर हुई. पांचवे मैच की तैयारियां पूरी थीं. यह मैच 8 नवंबर 2010 को दुबई में होना था. टीम सुबह जब मैच के लिए निकली. पता चला कि ज़ुल्क़रनैन टीम के साथ नहीं हैं. 7 नवंबर को ही टीम मैनेजमेंट ने हैदर पर 500 दिरहम (लोकल करेंसी) का फाइन लगाया था.

अपने करियर के इकलौते टेस्ट मैच में हाफ सेंचुरी मारने वाले Zulqarnain Haider
PCB ने तय वक्त से पांच मिनट की देरी कर होटल लौटने वाले हैदर, शहज़ैब हसन और अब्दुर रहमान पर फाइन ठोंका था. लोगों को लगा कि इसी गुस्से में शायद हैदर इधर-उधर निकल गए. लेकिन हैदर के गायब होने पर किसी के पास कोई साफ जवाब नहीं था. कप्तान अफरीदी का कहना था कि हैदर आराम कर रहे हैं. कोच वक़ार यूनिस ने कहा कि इस बारे में टीम मैनेजर बेहतर बता पाएंगे.
थोड़ी देर के बाद PCB के जनरल मीडिया मैनेजर नदीम सरवर सामने आए. उन्होंने कहा कि मैनेजमेंट ने पता लगाया है कि हैदर ने सुबह छह बजे टीम होटल छोड़ दिया था. बाद में PCB ने ऑफिशल बयान जारी किया. कहा गया,
'हैदर ने टीम या मैनेजमेंट के किसी भी व्यक्ति को बताए बिना सोमवार सुबह होटल छोड़ दिया. उनका पासपोर्ट उन्हीं के पास था और ऐसे संकेत हैं कि वह लंदन गए हैं.'थोड़ा और वक्त बीतने पर पाकिस्तानी चैनल जियो के एक रिपोर्टर ने कहा कि प्लेयर ने अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की थी. साथ ही इशारा किया था कि वह ब्रिटेन जा रहा है. ज़ुल्क़रनैन के घर पुलिस लगा दी गई.
इधर मैच हुआ. पाकिस्तान हार गया. मैच के बाद पाकिस्तानी कप्तान शाहिद अफरीदी से हैदर के ग़ायब होने पर सवाल किए गए. अफरीदी ने कहा कि इस बात से उनकी टीम पर कोई फर्क नहीं पड़ा था.
किसे फर्क पड़ा?
शाम होते-होते ख़बर आई कि हैदर लंदन में हैं. इससे पहले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड इस मसले पर इन्क्वॉयरी बिठा चुका था. उन्हें वनडे सीरीज के दौरान हैदर के प्रदर्शन पर शक़ था. यह शक़ हैदर की एक फेसबुक पोस्ट से पैदा हुआ था. हैदर ने टीम कैंप से गायब होने से पहले फेसबुक पर लिखा था,'पाकिस्तानी क्रिकेट छोड़ रहा हूं क्योंकि लास्ट गेम को हारने के लिए एक आदमी से धमकी मिली.'लोगों ने अनुमान लगाया कि यह सीरीज के चौथे मैच की बात थी. क्योंकि वह मैच पाकिस्तान ने काफी करीबी अंतर से जीता था. इस जीत के नायक हैदर ही रहे थे.
बाद में हैदर ने मैच फिक्सिंग के आरोप लगाए. लेकिन किसी का नाम नहीं लिया. सिर्फ इतना कहा कि उन्हें जान से मारने की धमकी मिल रही है. बोले कि इस हाल में और नहीं खेल सकता. ये कहकर हैदर क्रिकेट से रिटायर हो गए. ब्रिटेन में शरण लेने की कोशिश की लेकिन शरण लेने के लिए जरूरी खुलासे नहीं कर पाए. यहां उन्होंमे एक घरेलू मैच के फिक्स होने की बात कही. तमाम जांचों के बाद रिपोर्ट आई. हैदर का एक भी आरोप सही साबित नहीं हुआ. पाकिस्तानी सरकार द्वारा सुरक्षा की गारंटी मिलने के बाद वह अप्रैल 2011 में पाकिस्तान लौट आए.
इसी साल मई में उन्होंने अपनी रिटायरमेंट भी वापस ले ली. डोमेस्टिक क्रिकेट में वापसी की. ज़राइ तरक़ैती बैंक लिमिटेड के लिए खेला. इस बीच PCB ने उनके खिलाफ डिसिप्लिनरी जांच बिठाई. कुछ सटोरिए पकड़े भी गए लेकिन कुछ साबित नहीं हुआ. टीम का कोड ऑफ कंडक्ट तोड़ने के लिए हैदर पर पांच लाख पाकिस्तानी रुपये का फाइन लगा. PCB ने साफ कहा कि हैदर के पास किसी प्लेयर, ऑफिशल के खिलाफ सबूत नहीं था. और उन्होंने अपने सारे आरोप वापस ले लिए.
23 अप्रैल 1986 को पैदा हुए हैदर 34 साल के हो गए हैं. उन्होंने अपना आखिरी फर्स्ट क्लास मैच 2014 में खेला था.
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