विरेंदर सहवाग (Virendra Sehwag). क्रिकेट इतिहास के सबसे बेहतरीन ओपनर्स में से एक. जब भी दुनिया की ऑल टाइम टेस्ट इलेवन चुनी जाएगी, उसमें सहवाग बतौर ओपनर शामिल होने के प्रबल दावेदार होंगे. दुनिया की हर टीम और हर गेंदबाज़ के खिलाफ बेखौफ़ खेलने वाले सहवाग ने अपनी फेवरेट बैटिंग पोजिशन को लेकर बड़ा खुलासा किया है. करियर की शुरुआत में मिडल ऑर्डर बैट्समैन रहे वीरू ने अपने आपको दुनिया के बेस्ट ओपनर्स में से एक के तौर पर स्थापित किया.
क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में उन्होंने बतौर ओपनर अपना लोहा मनवाया. खासकर उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में जिस तरह से ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ी की, उसने क्रिकेट के इस सबसे बड़े फॉर्मेट को पूरी तरह से बदल दिया. आक्रामक बल्लेबाज़ी करते हुए सहवाग ने दो बार ट्रिपल सेंचुरी अपने नाम की. जबकि एक बार महज सात रन से रिकॉर्ड तीसरी बार ये कारनामा करने से रह गए.
दादा नहीं, इस धाकड़ इंडियन पेसर की वजह से ओपनर बने थे विरेंदर सहवाग
अख्तर से बदला लेने के लिए ओपनर बन गए वीरू?


मिडल ऑर्डर से करियर की शुरुआत करने वाले सहवाग ने ओपनर बनने को लेकर अब बड़ा खुलासा किया है. सौरव गांगुली की कप्तानी में पहली बार ओपनिंग करने वाले सहवाग ने इसका श्रेय पूर्व भारतीय कप्तान को नहीं, बल्कि दिग्गज तेज गेंदबाज़ ज़हीर खान को दिया है.
# Zaheer की वजह से ओपनर बने Sehwagभारतीय टीम के लिए 374 इंटरनेशनल मुकाबले खेलने वाले सहवाग एक कार्यक्रम के दौरान शोएब अख्तर से बात कर रहे थे. इस दौरान अख्तर ने उनसे ओपनर बनने के बारे में पूछा. जिसका जवाब देते हुए सहवाग ने बताया कि ज़हीर खान ने सबसे पहले उनसे ओपन कराने की सलाह दी थी. उन्होंने कहा,
# शानदार रहा Sehwag का करियर‘ओपन कराने का आइडिया ज़हीर खान का था. उन्होंने ही सौरव गांगुली को मेरा नाम सजेस्ट किया था और फिर दादा ने मुझे बैटिंग ओपन करने के लिए कहा था. इससे पहले मैं मिडल ऑर्डर में बैटिंग करता था. जब मैंने पहली बार 1999 में आपका सामना किया था तो मैं मिडल ऑर्डर बैट्समैन था. आपने मुझे आउट किया और इसका बदला लेने के मैंने ओपनिंग करना शुरू कर दिया. पता नहीं फिर बदला लेने का मौका मिलता या नहीं.’
सहवाग के इंटरनेशनल करियर की बात करें तो उन्होंने 104 टेस्ट मैच की 180 पारियों में 8586 रन बनाए. इस दौरान उनका औसत 49.34 का रहा. इस फॉर्मेट में उनके नाम दो ट्रिपल सेंचुरी, छह डबल सेंचुरी और 23 सेंचुरी हैं. इसके अलावा उन्होंने वनडे में 35.06 की औसत और 104.34 की स्ट्राइक रेट से 8273 रन बनाए. जबकि T20I में उनके नाम 19 मैच में 394 रन हैं.
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