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उन 9 बल्लों में एक भी विराट कोहली का नहीं था!

कोहली को खुद से भी वही आस है, जो हमें उनसे है.

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फोटो - thelallantop
विराट कोहली. अब तीनों फॉर्मेट में कप्तान. महेंद्र सिंह धोनी के जूतों को अब वो भरना चाहेंगे. तब जबकि ये लिखा जा रहा है, महेंद्र सिंह धोनी अपनी कप्तानी छोड़ने के बाद पहली प्रेस कांफ्रेंस कर रहे हैं. विराट कोहली हाल ही में पुणे में थे. वो 'ब्लेड्स ऑफ़ ग्लोरी' पहुंचे. ये एक क्रिकेट म्यूज़ियम है. यहां क्लाइव लॉयड की वेस्टइंडीज़ से लेकर माइकल क्लार्क की ऑस्ट्रेलिया तक, हर वर्ल्ड कप विजेता टीम के बल्लेबाजों के साइन किये हुए बल्ले मौजूद हैं. हर वर्ल्ड कप जीतने वाले कप्तानों के बल्ले भी हैं. इसके साथ ही दुनिया के हर उस बल्लेबाज के साइन किए हुए बैट हैं जिसने इंटरनेशनल मैचों में तिहरा शतक या उससे ज़्यादा रन बनाए हैं. kohli blades of glory (1) विराट कोहली म्यूज़ियम में घूमते-घूमते उस हिस्से में जा पहुंचे जहां हर ट्रिपल सेंचुरियन के बैट रखे हैं. ऐसे 9 बैट रखे हैं. कोहली ने क्लार्क का बैट देखा और कहा, "मुझे उस मैच में क्लार्क की खेली एक-एक गेंद याद है." और साथ ही ये भी कहा कि वहां करुण नायर का बैट भी होना चाहिए. हाल ही में करुण ने इंग्लैंड के खिलाफ़ चेन्नई में 303 रन की इनिंग्स खेली विराट की ही कप्तानी में खेली थी. ???????????????????????????????????? कोहली वहां खड़े होकर एक-एक बल्ले को हाथ में लेकर देख रहे थे. उसे महसूस कर रहे थे. उन्होंने बल्लों से स्टांस लिए. शैडो शॉट्स लगाये. और लकड़ी को हाथ की उंगली से मारकर देखा. साफ़ ज़ाहिर था कि किस कदर वो इन सभी बातों से आश्चर्य से घिरे हुए थे कि वहां दुनिया के उन सभी बल्लेबाजों के बैट्स रखे हुए थे जिनसे एक ही इनिंग्स में 300 रन मारे गए थे. कोहली के चेहरे पर एक कौतुहल था. 300 की इस लीग में विराट कोहली को एक बल्ला नहीं दिखा होगा. अपना खुद का बल्ला. विराट ने अब तक ट्रिपल सेंचुरी नहीं मारी है. जबकि वो इस कारनामे के लिए हर लिहाज से सक्षम हैं और इसके बड़े दावेदार भी हैं. हालांकि सचिन तेंदुलकर के बारे में भी यही कहा जाता था, लेकिन वो भी अपने करियर में 300 का आंकड़ा नहीं छू पाए. कोहली को लोग दूसरा सचिन कहते हैं. इसके आगे मैं कुछ नहीं कहूंगा. अगर आप किसी प्रोफेशन में जाते हैं तो चाहते हैं कि उसके शीर्ष को देखें. कोहली के नाम तमाम रिकॉर्ड है और 300 रन ही वो रिकॉर्ड होगा जो शायद किसी जंगली सपने में उन्हें अब तक सालता होगा. भूला न जाए कि कोहली ने ऑस्ट्रेलिया में एक टेस्ट की दोनों इनिंग्स में शतक मारे हैं. वो भी तब जब सामने मिशेल जॉनसन आग फेंक रहे थे.  कोहली सामने खड़ी मुसीबत भरी सिचुएशन में चौड़े सीने के साथ खेलते हैं. ऐसी सिचुएशन में उनका खेल और भी निखर कर आता है. कोहली शानदार फॉर्म  में हैं. फॉर्म का चरम हर मैच के बाद ऊपर उठ जाता है. बीते दिनों दो डबल सेंचुरी के बाद उनसे एक ट्रिपल सेंचुरी की आस बेमानी नहीं लगती है. भाई भी अपना सोच तो यही रहा होगा.

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