भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने जापान के खिलाफ इकलौते टी20 मैच में जीत हासिल की. लेकिन इस जीत के लिए टीम इंडिया को बहुत पसीना बहाना पड़ा. भारत दो रन से मैच जीता. मैच में अक्षर पटेल की एक गेंद को लेकर काफी विवाद हुआ. मैच खत्म होने के बाद भी यह चर्चा खत्म नहीं हुई. इस एक गेंद को मैच के नतीजे पर असर डालने वाला फैसला माना जा रहा है.
अक्षर पटेल की 'वाइड' गेंद पर क्यों मचा बवाल? जानिए क्या कहते हैं नियम
भारत ने जापान को रोमांचक टी20 में दो रन से हराया. इस मैच में अक्षर पटेल की एक गेंद को वाइड दिया गया था. लेकिन बाद में फैसला पलट दिया गया. इसे लेकर काफी विवाद हुआ.

भारत और जापान के राजनयिक रिश्तों की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर यह मैच खेला गया था. बारिश के कारण मैच में ओवर्स की कटौती हुई. दोनों पारियों में केवल 5-5 ओवर का खेल हुआ. भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए चार विकेट पर 32 रन बनाए थे. जापान को आखिरी ओवर में जीत के लिए 8 रन चाहिए थे. पहली दो गेंदों पर केवल एक रन आया.
आखिरी ओवर का विवादइस ओवर की तीसरी गेंद पर जापान के अलेक्जेंडर शिराई-पैटमोर रिवर्स स्वीप खेलने की कोशिश कर रहे थे. अक्षर की गेंद लेग साइड में गई और अंपायर ने इसे वाइड दिया. इसके बाद एक बार फिर यही हुआ, अलेक्जेंडर ने रिवर्स स्वीप की कोशिश की लेकिन मिस कर गए. गेंद फिर से लेग साइड गई. अंपायर ने गेंद को वाइड करार दिया. लेकिन सैमसन ने विकेट के पीछे से ही फैसले को लेकर नाराजगी जाहिर की. अक्षर पटेल ने फील्ड अंपायर क्रिस थुरुगाते से बात की. वहीं कप्तान श्रेयस अय्यर भी स्क्वायर लेग अंपायर क्रिस ब्राउन से बात करने पहुंचे. दोनों फील्ड अंपायरों ने इसे लेकर चर्चा की. कुछ देर बाद फैसले को पलट दिया गया. गेंद को वाइड नहीं दिया गया.
आम तौर पर इस तरह की स्थिति होने पर फील्ड अंपायर्स को टीवी अंपायर से मदद मिलती है. लेकिन इस मुकाबले में TV अंपायर की सुविधा उपलब्ध नहीं थी. इसी कारण फील्ड अंपायर्स का फैसला ही आखिरी फैसला माना गया. जापानी टीम इससे काफी निराश हुई. आखिरी ओवर की अगली तीन गेंदों पर तीन रन आए और जापान मुकाबला हार गया. जीत के अंतर के कारण इस वाइड गेंद को लेकर चर्चा शुरू हो गई.
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क्या कहते हैं नियम?MCC Law 22 के मुताबिक, वाइड का फैसला गेंद की पहुंच और बल्लेबाज़ की पोजिशन पर निर्भर करता है. अंपायर ने जिस तरह अपना फैसला बदला, उसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. ICC नियमों के तहत अंपायर अपने फैसले को तुरंत सुधार सकता है और दूसरे अंपायर से सलाह ले सकता है. यानी फैसले को रिवर्स करना नियमों के खिलाफ नहीं था.
भारत ने यह मैच तो जीत लिया, लेकिन इस मैच ने उन्हें रियलिटी चेक जरूर दे दिया है. भारत ने जापान में पहले कभी कोई सीरीज नहीं खेली है. यह पहला मौका है जब भारत जापान में क्रिकेट खेल रहा है. भारत एशियन गेम्स में 28 सितंबर को अपने सफर की शुरुआत करेगा. टीम सीधे क्वार्टर फाइनल मुकाबला खेलेगी. यह मैच सानो नहीं बल्कि नागोया के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेला जाएगा.
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