इंग्लैंड में भी टीम इंडिया (Team India) के हारने का सिलसिला जारी है. भारतीय टीम इंग्लैंड (England) के खिलाफ लगातार 3 मैच हार चुकी है. ये तो गनीमत रही कि पहला मैच बारिश के चलते पूरा नहीं हुआ. नहीं, तो टीम इंडिया वो मैच भी हार सकती थी. अब तक जिन 3 मैचों का रिजल्ट आया है, उनमें भारतीय टीम कहीं पर मुकाबले में नहीं टिकी. हर मैच में उसे इग्लैंड ने जबरदस्त तरीके से एक्सपोज कर दिया.
'ट्रांजिशन' का बहाना या एक्सपोज़ हो गई टीम इंडिया? गंभीर और श्रेयस के राज में ये क्या हो रहा है!
इंग्लैंड (England) में टीम इंडिया (Team India) का शर्मनाक प्रदर्शन जारी है. भारतीय टीम अब तक लगातर 3 T20 मैच हार चुकी है. टीम की खराब परफॉर्मेंस से लगता है कि उसका इंग्लैंड में भी क्लीन स्वीप तय है. इससे पहले आयरलैंड ने T20 सीरीज में भारत को 2-0 से हराया था.


टीम के हेड कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) और कप्तान श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) भले इसे ट्रांजिशन पीरिएड बताकर पल्ला झाड़ लें. लेकिन सच तो यह है कि गंभीर के पास सीरीज का कोई ठोस प्लान नहीं था.
क्या सच में ट्रांजिशन फेज में है टीम इंडिया?दरअसल, ट्रांजिशन फेज वो होता है, जब टीम में नए प्लेयर्स पुराने खिलाड़ियों की जगह लेते हैं. लेकिन, आयरलैंड और इंग्लैंड टूर के लिए जब टीम सेलेक्ट की गई, तो कई झोल नजर आए. सूर्यकुमार यादव को टीम से इसलिए हटाया गया, क्योंकि उनकी फॉर्म नहीं थी. करीब 3 महीने पहले जिस कप्तान ने T20 वर्ल्ड कप जिताया. उसी को सेलेक्टर्स ने प्लेयर के तौर पर भी कंसीडर नहीं किया.
सूर्यकुमार यादव ने अपनी कप्तानी में एक भी बाइलेटरल सीरीज नहीं हारी थी. सूर्या ने अपनी कप्तानी में लगातार 9 बाइलेटरल सीरीज जीतने का रिकॉर्ड बनाया. जसप्रीत बुमराह होते, तो इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में इम्पैक्ट डाल सकते थे. लेकिन, बुमराह को खुद सेलेक्टर्स ने रेस्ट दिया है. हार्दिक पंड्या इंजरी की वजह से टीम में नहीं हैं. इंजरी किसी को भी आ सकती है.
वैभव सूर्यवंशी, प्रिंस यादव और शूर्यांश शेडगे टीम में किसी के रिप्लेसमेंट पर नहीं आए. टीम मैनेजमेंट इन प्लेयर्स को इसलिए साथ लेकर गया, क्योंकि इनका डेब्यू कराना था. प्रिंस यादव और शूर्यांश शेडगे ने आयरलैंड के खिलाफ डेब्यू किया. वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में T20 करियर की शुरुआत की.
वर्ल्ड कप विनिंग टीम में शामिल रहे तिलक वर्मा, संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, वॉशिंंगटन सुंंदर और ईशान किशन सब इस सीरीज का हिस्सा हैं.
वॉशिंगटन सुंदर टीम इंडिया के लिए तीनों फॉर्मेंट खेलते हैं. लेकिन, सच यह है कि सुंदर टेस्ट के अलावा वाइट बॉल में अपने को साबित नहीं कर पाए हैं. फिर भी हेड कोच गंभीर को पता नहीं सुंदर में कौन सा टैलेंट दिखता है? सुंदर ने अपनी बैटिंग और बॉलिंग से टीम को कितने मैच जिताए हैं? अक्सर इस पर बहस होती है.
सुंदर को इंग्लैंड के खिलाफ चौथे T20I में मौका दिया गया. वह बैटिंग और बॉलिंग में बुरी तरह फ्लॉप रहे. जब उनसे रनों की उम्मीद थी, तब वह 5 रन बनाकर आउट हो गए. इसके बाद, जब उन्हें गेंद थमाई गई, तो उन्होंने एक ओवर में 19 रन लुटा दिए. बेलफास्ट में भी सुंदर ने एक ओवर में 19 रन दिए थे. इतनी शर्मनाक परफॉर्मेंस के बाद भी सुंदर को प्लेइंग-11 में रखा जाता है.
कुल मिलाकर, इस समय में टीम इंडिया ट्रांजिशन फेज में नहीं है. टीम में सही प्लेयर्स का चयन न करके इसे जबरदस्ती ट्रांजिशन फेज बताया जा रहा है.
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इंग्लैंड में भी क्लीन स्वीप की कगार पर भारतइंग्लैंड टूर पर टीम इंडिया ने जिस तरह की परफॉर्मेंस दी है. उससे, माना जा रहा है कि टीम का क्लीन स्वीप लगभग तय है. लगातार तीन मैच हारने के बाद, इंडियन प्लेयर्स के शोल्डर्स डाउन हैं. प्लेयर्स में इतनी हिम्मत नहीं है कि वे इंग्लैंड को जोरदार टक्कर दें. इंग्लैंड ने भारत की बैटिंग और बॉलिंग को एक्सपोज करके रख दिया है. फिलहाल, इंग्लिश टीम T20 सीरीज में 3-0 की निर्णयायक बढ़त ले चुकी है.
इससे पहले, आयरलैंड टूर पर भी टीम इंडिया ने गजब बेइज्जती कराई. दोनों देशों के बीच दो T20 मैचों की सीरीज हुई. नौसिखिए आयरलैंड ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए टीम इंडिया को 2-0 से क्लीन स्वीप कर दिया. यह क्लीन स्वीप टीम इंडिया में वर्ल्ड कप विनर प्लेयर्स के रहते हुआ.
SENA कंट्रीज में होंने हैं वर्ल्ड कपइंग्लैंड में जिस तरह टीम इंडिया अपनी फजीहत करा रही है, ये आगे के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं. अगले वर्ल्ड कप SENA कंट्रीज में ही होने हैं. वहां टीम की चुनौतियां और बढ़ जाएंगी. पेसर फ्रेंडली विकेट्स होंगे. गेंद अतिरिक्त उछलेगी. शॉर्ट बॉल से अटैकिंग होगी. माने कुल जमां टीम के लिए कंडीशंस वैसे ही होंगे जैसे अभी इंग्लैंड में हैं.
2027 में 50 ओवर्स का वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका में खेला जाएगा. हालांकि, वर्ल्ड के कुछ मैच जिम्बाब्वे और नामीबिया में भी होंगे. लेकिन, ज्यादातर मैच साउथ अफ्रीका में खेले जाएंगे. इंग्लैंड SENA कंट्रीज में से एक है. जब, इंग्लैंड में बाइलेटरल सीरीज में टीम इंडिया का ये हाल है, तो वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका में उसका क्या हाल होगा? वैसे भी साउथ अफ्रीका में हमारा रिकॉर्ड बहुत गर्व करने लायक नहीं है.
2028 में मेंस T20 वर्ल्ड कप ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में होगा. यहां की कंडीशन काफी चैलेंजिंग है. दोनों देशों की पिचें पेसर्स को फेवर करती हैं. इसलिए पेस और बाउंस से इंडियन बैटर्स को तगड़ी चुनौती मिलेगी. इसके बाद, 2028 में ही लॉस एंजेलिस में ओलंपिक होना है. वहां की कंडीशंस कैसी होंगी, उसके बारे में किसी को जानकारी नहीं है?
IPL भी डाउनफॉल का जिम्मेदार?कई क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत की इस परफॉर्मेंस के लिए IPL भी जिम्मेदार है. IPL में पाटा पिच होती हैं, जिन पर रन बनाना आसान है. इंडियन पिचों पर बाउंस कम होता है. जो गेंद बाउंस और शॉर्ट होती हैं, उन पर आसानी से छक्का लगाया जा सकता है.
वैभव सूर्यवंशी सहित कई प्लेयर इंग्लैंड में बाउंस और शॉर्ट पिच गेंदों पर आउट हुए हैं. वैभव अब तक दो मैचों में शॉर्ट बॉल पर आउट हुए हैं. दरअसल, इंग्लैंड में गेंद पिच होने के बाद ज्यादा उछाल प्राप्त करती है. IPL में ऐसी गेंद पर बैटर्स छक्का लगाते हैं, लेकिन इंग्लैंड में इन्हीं गेंदों पर टीम इंडिया के बैटर्स आउट हो रहे हैं. भारतीय बैटर्स को IPL के मोड से बाहर निकलना होगा.
गौतम गंभीर की टीम की परफॉर्मेंस चिंताजनक है. प्रदर्शन का ग्राफ लगातार नीचे जा रहा है. प्लेयर्स में सेल्फ कॉन्फिडेंस नदारद है. उन्हें ग्राउंड पर देखकर ऐसा नहीं लगता कि ये वही खिलाड़ी हैं, जिन्होंने चंद महीने पहले वर्ल्ड कप जीता था.
अभी वर्ल्ड कप होने में समय है. ऐसे में टीम मैनेजमेंट को चाहिए कि वह टीम सेलेक्शन पर भी ध्यान दे. हेड कोच गौतम गंभीर इस सोच से बाहर आएं कि सिर्फ यंग प्लेयर ही ट्रॉफी जिता सकते हैं. ज्यादा एक्सपेरिमेंट्स खतरे से खाली नहीं हैं. अगली सीरीज से पहले अब गंभीर को ठोस प्लानिंग करनी होगी.
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