भारत के दिग्गज कप्तान और बल्लेबाज सौरव गांगुली की बायोपिक आ रही है. उनके जन्मदिन पर इस फिल्म का फर्स्ट लुक रिलीज किया गया है. फर्स्ट लुक में वही तस्वीर नजर आई, जो दादा के करियर और उनके व्यक्तित्व का अहम हिस्सा है. लॉर्ड्स की बालकनी और अपनी टी शर्ट लहराते दादा. सालों से यह तस्वीर भारतीय फैंस के दिल को सुकून पहुंचाती रही है. अब यही कहानी पर्दे पर नजर आएगी. लेकिन, पर्दे पर इसे देखने से पहले हम आपको सुनाते हैं इसी फाइनल मैच के कुछ अनकहे किस्से मोहम्मद कैफ की ज़ुबानी.
नेटवेस्ट ट्रॉफी के फाइनल में गांगुली ने टीम से क्या कहा था? पूरी कहानी, कैफ की ज़ुबानी
नेटवेस्ट फाइनल में टीम इंडिया का हिस्सा रहे मोहम्मद कैफ ने लल्लनटॉप के शो में नेट वेस्ट ट्रॉफी के फाइनल मैच की पूरी कहानी सुनाई थी. इसी मैच की आइकोनिक तस्वीर को दादा की बायोपिक के लिए इस्तेमाल किया गया है.


नेटवेस्ट फाइनल में टीम इंडिया का हिस्सा रहे मोहम्मद कैफ ने लल्लनटॉप के शो में इस मैच की पूरी कहानी सुनाई थी. साल 2002 में भारत और इंग्लैंड के बीच नेटवेस्ट ट्रॉफी का फाइनल खेला गया था. मैच में इंग्लैंड की टीम पहले बल्लेबाजी करने उतरी. इंग्लैंड के कप्तान नासिर हुसैन उस सीरीज में स्ट्रगल कर रहे थे. इसी कारण इंग्लिश मीडिया उनके पीछे पड़ गई थी. लेकिन, फाइनल में नासिर ने शतक लगाया. नासिर ने सेंचुरी लगाकर अपना जर्सी नंबर दिखाया.
गांगुली और सहवाग ने बदला माहौलजब 325 रन बन गए तो पूरी टीम इंडिया दबाव में थी. कैफ के मुताबिक, लॉर्ड्स में 325 चेज करना आसान नहीं था. भारत की बल्लेबाजी से पहले कोच जॉन राइट पूरे ड्रेसिंग रूम में गुस्से में घूम रहे थे. कोई भी उनसे आंख नहीं मिला रहा था. कुछ समय बाद सौरव गांगुली ने सबको अपने पास बुलाया. उन्होंने कहा कि टीम को पहले 15 ओवर टारगेट करने हैं. बाकी उसके बाद देखेंगे. शुरुआत अच्छी रही. सौरव गांगुली के लिए खुद वह सीरीज अच्छी नहीं जा रही थी. लेकिन बड़े मैच में उनका बल्ला चला. गांगुली ने अर्धशतकीय पारी खेली पारी. वहीं, सहवाग ने भी दमदार बैटिंग की. उन्होंने रॉनी ईरानी के एक ओवर में चार चौके लगा दिए. लॉर्ड्स में इस तरह की बैटिंग देखकर टीम इंडिया हैरान थी. गांगुली और सहवाग की साझेदारी ने ड्रेसिंग रूम का माहौल बदला. उनमें आत्मविश्वास बढ़ गया.
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कैफ ने बताया कि इस मैच में नासिर हुसैन ने एक बड़ी गलती कर दी थी. एश्ले जाइल्स सबसे किफायती गेंदबाज थे और नासिर ने उनके ओवर पहले ही खत्म कर दिए. उन्होंने 10 ओवर में 40 ही रन दिए और दो विकेट लिए. आखिरी के 15 ओवर में वह गेंदबाजी करने आए ही नहीं. कैफ ने युवराज सिंह के साथ साझेदारी की. पेसर्स को टारगेट किया. लेकिन, युवराज के आउट होने के बाद मुश्किल बढ़ गई थी. युवराज के बाद कुंबले आउट हुए. कैफ के मुताबिक, कुंबले आउट नहीं थे. गेंद उनके ग्लव्स या बल्ले में कहीं भी नहीं लगी थी. बकनर ने उन्हें गलत आउट दिया था.
जहीर खान पर था दबावइसके बाद जहीर खान बल्लेबाजी करने आए. इस समय तक कैफ को दबाव महसूस होने लगा था. उन्हें कुंबले की बल्लेबाजी पर भरोसा था. लेकिन वह जहीर और आशीष नेहरा पर भरोसा नहीं कर पा रहे थे. जहीर के बाद नेहरा को बल्लेबाजी करने आना था. कैफ ने नेहरा को कभी बल्लेबाजी करते हुए नहीं देखा था. फ्लिंटॉफ ने आखिरी ओवर में दो डॉट गेंद डाली. कैफ उसके बाद जहीर के पास गए और कहा कि बस बल्ला टिकाकर खड़े रहे. जहीर ने गेंद को खेला, और कॉलिंगवुड उसे रोक नहीं सके और गेंद ओवर थ्रो में चली गई. भारत मैच जीत गया.
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